जौलीग्रांट (ऋषिकेश)। देवभूमि के शांत वातावरण में आपसी कलह ने एक और हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया है। देहरादून जिले के जौलीग्रांट क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ पाल मोहल्ले में रहने वाले एक व्यक्ति ने मामूली विवाद के बाद अपनी पत्नी पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। अस्पताल में रात भर चले उपचार के बाद शनिवार सुबह महिला ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतका के भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी पति को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना जौलीग्रांट के पाल मोहल्ले की है, जहाँ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के पीलीभीत निवासी गोपाल (39 वर्ष) अपनी पत्नी प्रतिभा (30 वर्ष) के साथ किराए के मकान में रहता था। गोपाल पेशे से मजदूर है और अपनी आजीविका चलाने के लिए यहाँ काम करता था। शुक्रवार शाम को किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि गोपाल ने आपा खो दिया और घर में रखे चाकू से प्रतिभा के पेट पर एक के बाद एक दो वार कर दिए।
चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुँचे, तो उन्होंने प्रतिभा को लहूलुहान अवस्था में पाया। आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से उसे नजदीकी जौलीग्रांट अस्पताल (हिमालयन हॉस्पिटल) ले जाया गया, जहाँ उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी।
अस्पताल में तोड़ा दम, परिजनों में मचा कोहराम
शुक्रवार की पूरी रात डॉक्टर प्रतिभा को बचाने की जद्दोजहद करते रहे, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि आंतरिक रक्तस्राव रुक नहीं पाया। शनिवार सुबह उपचार के दौरान प्रतिभा ने अंतिम सांस ली। मौत की खबर मिलते ही मृतका के मायके पक्ष में कोहराम मच गया। मृतका के भाई विवेक और अन्य परिजन अस्पताल पहुँचे, जहाँ सभी का रो-रोकर बुरा हाल था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: आरोपी गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही जौलीग्रांट पुलिस चौकी इंचार्ज चिंतामणि मैथानी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। मृतका के भाई विवेक द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी गोपाल के खिलाफ हत्या की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की।
चौकी इंचार्ज चिंतामणि मैथानी ने बताया, “आरोपी पति गोपाल ने घरेलू कलह के चलते अपनी पत्नी पर हमला किया था। पेट पर चाकू लगने के कारण महिला गंभीर रूप से घायल थी, जिसकी आज सुबह मृत्यु हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।”
घरेलू हिंसा और समाज पर इसके प्रभाव
यह घटना समाज के उस कड़वे सच को उजागर करती है, जहाँ छोटी-छोटी बातें और आपसी समझ की कमी जघन्य अपराधों को जन्म देती है। जौलीग्रांट जैसे रिहायशी इलाके में इस तरह की वारदात से स्थानीय लोग भी सहमे हुए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था, लेकिन यह विवाद मौत तक पहुँच जाएगा, इसका अंदाजा किसी को नहीं था।
पीलीभीत से जौलीग्रांट तक का सफर और त्रासदी
गोपाल और प्रतिभा बेहतर जीवन की तलाश में पीलीभीत से उत्तराखंड आए थे। मजदूरी करके गोपाल अपना जीवन यापन कर रहा था, लेकिन उसके हिंसक व्यवहार ने न केवल उसकी पत्नी की जान ले ली, बल्कि उसके खुद के भविष्य पर भी कालिख पोत दी। इस घटना के बाद प्रतिभा का परिवार सदमे में है और आरोपी के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहा है।
निष्कर्ष
जौलीग्रांट की यह वारदात एक चेतावनी है कि घरेलू विवादों को समय रहते सुलझाना कितना आवश्यक है। गुस्सा और आवेश कुछ पलों का होता है, लेकिन इसका परिणाम जीवन भर का पछतावा बन जाता है। पुलिस अब आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है, ताकि मृतका को न्याय मिल सके।









