मुख्य बिंदु:
- मौसम का मिजाज: देश के 21 राज्यों में झमाझम बारिश और आंधी-तूफान को लेकर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का अलर्ट
- मानसून की रफ्तार: केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के बाद महाराष्ट्र, तेलंगाना और पूर्वोत्तर भारत में मानसून की दस्तक
- उत्तर भारत का हाल: दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हल्की बारिश और बूंदाबांदी के आसार
- मछुआरों को हिदायत: खराब मौसम और समुद्र में ऊंची लहरों के कारण तटीय इलाकों और गहरे पानी में जाने पर सख्त पाबंदी
नई दिल्ली। देश भर में मौसम का मिजाज बड़ी तेजी से करवट ले रहा है। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी से परेशान आम जनता के लिए राहत की खबर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के लगभग 21 राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मानसून अपनी सामान्य और आक्रामक गति से आगे बढ़ते हुए देश के एक बड़े हिस्से को अपने आगोश में ले चुका है। जहां एक तरफ पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्य मूसलाधार बारिश से सराबोर हैं, वहीं उत्तर और पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम बदलने लगा है। हालांकि, इस राहत के बीच देश के कुछ हिस्सों में अब भी लू (Heatwave) और तेज धूल भरी आंधी का संकट बना हुआ है।
तेजी से बढ़ रहा है मानसून: इन राज्यों में हुई शानदार एंट्री
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून बेहद सक्रिय स्थिति में है। मानसून ने महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कई नए इलाकों को कवर कर लिया है। इसके साथ ही, तेलंगाना के कुछ हिस्सों, तमिलनाडु के शेष बचे हुए इलाकों और बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में मानसून का आगमन हो चुका है। पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्यों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में देश के इन हिस्सों में गर्मी का नामोनिशान मिट जाएगा और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में आफत की बारिश: रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों के लिए मूसलाधार बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ संवेदनशील हिस्सों में 7 सेमी से लेकर 20 सेमी तक अत्यंत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है, जिससे जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।
इसके अतिरिक्त, लक्षद्वीप और रायलसीमा के क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक रूप से मूसलाधार वर्षा का नया दौर शुरू हो रहा है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय जैसे राज्यों में भी आसमान से राहत और आफत दोनों एक साथ बरसने वाली है, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है।
गोवा में मानसून एक्टिव, महाराष्ट्र में ओलावृष्टि की आशंका
पर्यटन के लिहाज से मशहूर गोवा में मानसून पूरी तरह से सक्रिय मोड में आ गया है, जिसके चलते वहां के अधिकांश इलाकों में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है। पश्चिम और मध्य भारत के क्षेत्रों जैसे कोंकण और पूरे महाराष्ट्र में आज भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के कुछ अंदरूनी इलाकों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की भी आशंका जताई है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा विदर्भ, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी काले बादलों का डेरा रहेगा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी।
दिल्ली-पंजाब से लेकर उत्तराखंड-हिमाचल तक उत्तर भारत का मौसम
उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में आज मौसम का मिला-जुला रूप देखने को मिलेगा। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी व मैदानी इलाकों में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इन राज्यों में धूल भरी ठंडी हवाओं के साथ हल्की से छिटपुट बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है, जिससे लोगों को उमस और तपती गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
आंधी की गंभीर चेतावनी: हालांकि, राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में रहने वाले लोगों के लिए मौसम विभाग ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी राजस्थान में आज 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से विनाशकारी और धूल भरी आंधी चलने की गंभीर चेतावनी दी गई है। ऐसे में लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है।
राहत के बीच इन इलाकों में अब भी जारी है ‘लू’ का टॉर्चर
एक ओर जहां देश का एक बड़ा हिस्सा मानसून और प्री-मानसून की बारिश से ठंडा हो रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ राज्य अब भी भीषण गर्मी की मार झेल रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ जिलों में आज भी भीषण लू (Heatwave) चलने की पूरी संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही, ओडिशा के कुछ तटीय इलाकों में रात के समय भी तापमान सामान्य से अधिक रहेगा, जिससे लोगों को उमस भरी और बेचैन करने वाली गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
समंदर में उफान: मछुआरों के लिए रेड एडवाइजरी जारी
खराब मौसम, तूफानी हवाओं और समुद्र में उठने वाली ऊंची व खतरनाक लहरों को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र ने मछुआरों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक सख्त गाइडलाइन जारी की है। मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन और मालदीव क्षेत्र, श्रीलंका के तटीय इलाकों के साथ-साथ बंगाल की खाड़ी के मध्य और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में मछुआरों को गहरे पानी में न जाने की कड़ी हिदायत दी गई है। इसके अलावा, अरब सागर से सटे दक्षिण महाराष्ट्र, गोवा, केरल और कर्नाटक के तटीय इलाकों में भी समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है, क्योंकि इस दौरान हवाओं की रफ्तार काफी तेज रहने वाली है जो नावों को दुर्घटनाग्रस्त कर सकती है।










