मुख्य बिंदु:
- घटनास्थल: गौरीकुंड हाईवे, तिलवाड़ा पेट्रोल पंप के समीप, रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड)
- हादसा वाहन: महिंद्रा एक्सयूवी 700 (उत्तर प्रदेश पंजीकरण संख्या: UP16-DK0856)
- समय: रविवार सुबह लगभग 5:00 बजे
- प्रभावित यात्री: पश्चिम बंगाल से बाबा केदार के दर्शन के लिए जा रहे तीर्थयात्री
- रेस्क्यू टीम: रुद्रप्रयाग पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF), डीडीआरएफ (DDRF) और 108 आपातकालीन सेवा
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के मुख्य पड़ाव रुद्रप्रयाग जिले से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है। रविवार की सुबह तड़के केदारनाथ धाम जा रहे तीर्थयात्रियों के लिए काल बनकर आई। गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर तिलवाड़ा के समीप एक तेज रफ्तार महिंद्रा एक्सयूवी 700 कार अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 50 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरी। कार सीधे अलकनंदा-मंदाकिनी नदी के किनारे पानी में जाकर रुकी। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में वाहन सवार दो महिलाओं समेत पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। गनीमत यह रही कि दुर्घटना में किसी भी यात्री की जान नहीं गई, लेकिन चीख-पुकार मचने से इलाके में हड़कंप मच गया।
तड़के सुबह 5 बजे हुआ हादसा: नदी के मुहाने पर अटकी जिंदगी
मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा रविवार सुबह करीब 5:00 बजे पेश आया। पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों से आए तीर्थयात्री एक महिंद्रा एक्सयूवी 700 कार में सवार होकर बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी तिलवाड़ा पेट्रोल पंप के समीप पहुंची, अचानक चालक नियंत्रण खो बैठा।
पहाड़ी रास्तों पर रफ्तार और सुबह के समय झपकी आने की आशंका के बीच कार अनियंत्रित होकर सीधे क्रैश बैरियर को तोड़ती हुई 50 मीटर गहरी खाई में लुढ़क गई। गाड़ी सीधे नदी के किनारे पानी में जाकर गिरी। अगर कार कुछ फीट और आगे चली जाती, तो वह उफनती नदी के तेज बहाव में बह सकती थी, जिससे बड़ी जनहानि हो सकती थी।
सूचना मिलते ही दौड़ी पुलिस और रेस्क्यू टीमें: संयुक्त अभियान से बचीं जानें
हादसे के तुरंत बाद राहगीरों ने इसकी सूचना जिला कंट्रोल रूम रुद्रप्रयाग को दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया। चौकी तिलवाड़ा और अगस्त्यमुनि कोतवाली की पुलिस टीमें बिना वक्त गंवाए आपदा प्रबंधन के जरूरी उपकरणों के साथ मौके पर पहुंच गईं।
इसके साथ ही राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), जिला आपदा प्रतिवादन बल (DDRF) और 108 आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा की टीमों को भी तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। नदी किनारे पानी में फंसे वाहन और उसमें फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
खाई से सुरक्षित निकाले गए सभी पांच यात्री: दो महिलाओं की हालत गंभीर
राहत और बचाव दल की मुस्तैदी और तत्परता के कारण कार में फंसे सभी पांचों यात्रियों को बेहद सूझबूझ के साथ सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में स्थानीय युवाओं ने भी पुलिस का सहयोग किया। हालांकि, इस भयानक पलटने के कारण दो महिला यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों महिलाओं के हाथ और पैर में मल्टीपल फ्रैक्चर (हड्डी टूटना) हुए हैं और अंदरूनी चोटें भी लगी हैं। वहीं, कार के चालक समेत तीन पुरुषों को मामूली चोटें आई हैं, जो खतरे से बाहर हैं। सभी घायलों को खाई से स्ट्रेचर के जरिए रोड तक लाया गया और तुरंत 108 एम्बुलेंस के जरिए जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
हादसे का शिकार हुए घायलों की विस्तृत सूची
रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त वाहन में सवार घायलों का विवरण इस प्रकार है:
- प्रिंस सिंह (उम्र 30 वर्ष), पुत्र रमाकांत सिंह, निवासी: भसेनिया मोहम्मद गंज, थाना: मोहम्मद गंज, जिला: पलामू, झारखंड। (मामूली चोटें)
- सभीमा सिंह (उम्र 28 वर्ष), पुत्री विनोद सिंह, निवासी: सी 21 समर पाली, थाना: संभरपाली, पश्चिम बंगाल। (गंभीर रूप से घायल)
- सुजोन मुखर्जी (उम्र 27 वर्ष), पुत्री राजेंद्र मुखर्जी, निवासी: राजगंज, रायगंज, जिला: जलपाईगुड़ी, असम/बंगाल सीमा। (गंभीर रूप से घायल)
- ऋजा मुखर्जी (उम्र 30 वर्ष), पुत्र उदय गोह, निवासी: राजगंज, जलपाईगुड़ी, असम। (मामूली चोटें)
- प्रदीप कुमार (वाहन चालक – उम्र 35 वर्ष), पुत्र गंगाराम, निवासी: ग्राम लंगड़ा, पोस्ट: औरैया, जिला: औरैया, उत्तर प्रदेश। (मामूली चोटें)
हादसे के कारणों की जांच में जुटी पुलिस: चारधाम यात्रियों के लिए गाइडलाइन
रुद्रप्रयाग पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि सभी यात्री केदारनाथ धाम की पवित्र यात्रा पर निकले थे। दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस तकनीकी पहलुओं और चालक के बयानों की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या हादसा ओवरस्पीडिंग, ओवरटेकिंग या सुबह के वक्त ड्राइवर को नींद की झपकी आने की वजह से हुआ।
इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने एक बार फिर चारधाम यात्रा पर आने वाले बाहरी राज्यों के चालकों और तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे पहाड़ी रास्तों पर बेहद सतर्कता से वाहन चलाएं। विशेष रूप से रात और तड़के सुबह के समय यात्रा करने से बचें, क्योंकि इन घंटों में थकान और नींद के कारण हादसों का खतरा सबसे अधिक होता है। फिलहाल, जिला अस्पताल में भर्ती घायलों की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।








