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उत्तराखंड: हल्द्वानी में बड़ा हादसा, रामपुर रोड स्थित अमेजन स्टोर में भीषण आग से दो कर्मचारियों की जिंदा जलकर मौत

On: June 6, 2026 3:48 AM
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​हाइलाइट्स:

  • ​हादसा स्थल: हल्द्वानी के रामपुर रोड पर जीतपुर नेगी क्षेत्र में स्थित अमेजन का डिलीवरी स्टोर।
  • ​समय: शुक्रवार देर रात करीब 11:30 बजे अचानक भड़की आग।
  • ​बड़ी लापरवाही: हादसे के वक्त बाहर से बंद था स्टोर का शटर, अंदर सो रहे थे कर्मचारी।
  • ​नुकसान: दो युवकों की दर्दनाक मौत, लाखों के पार्सल, स्कूटी और मालवाहक वाहन जलकर खाक।

​हल्द्वानी (नैनीताल)।

उत्तराखंड के हल्द्वानी से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां शुक्रवार देर रात रामपुर रोड स्थित जीतपुर नेगी क्षेत्र में बने ई-कॉमर्स दिग्गज ‘अमेजन’ (Amazon) के डिलीवरी स्टोर में भीषण आग लग गई। इस भयानक अग्निकांड की चपेट में आने से स्टोर के अंदर सो रहे दो कर्मचारियों की जिंदा जलकर और दम घुटने से मौके पर ही मौत हो गई।

​हादसा इतना खौफनाक था कि आग की लपटों ने देखते ही देखते पूरे स्टोर को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और दमकल विभाग (Fire Brigade) की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन स्टोर का लोहे का भारी शटर बाहर से बंद होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी मशक्कत करनी पड़ी। दमकलकर्मियों ने कटर की मदद से शटर काटकर किसी तरह अंदर प्रवेश किया, लेकिन तब तक सब कुछ राख हो चुका था।

​शटर बंद होने के कारण अंदर ही फंसे रह गए कर्मचारी

​स्थानीय पुलिस और चश्मदीदों से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा शुक्रवार रात करीब

11:30 बजे हुआ। रामपुर रोड के जीतपुर नेगी क्षेत्र में अमेजन का यह मुख्य डिलीवरी सेंटर/स्टोर संचालित होता है, जहां रोजाना सैकड़ों पार्सल आते हैं। शुक्रवार का काम खत्म होने के बाद स्टोर को बाहर से बंद कर दिया गया था, जबकि दो कर्मचारी रात को रखवाली और आराम के लिए अंदर ही रुक गए थे।

​देर रात अचानक स्टोर के भीतर से धुएं का गुबार और आग की लपटें उठने लगीं। क्योंकि शटर बाहर से पूरी तरह लॉक था, इसलिए अंदर सो रहे कर्मचारियों को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल सका। आग की गर्मी और जहरीले धुएं के कारण दोनों अंदर ही फंस गए और चीख-पुकार मच गई।

​पास ही स्थित ‘ब्लिंकिट’ स्टोर के स्टाफ ने दी सूचना

​अमेजन स्टोर के ठीक पास में ही क्विक-कॉमर्स कंपनी ‘ब्लिंकिट’ (Blinkit) का भी आउटलेट है। देर रात वहां काम कर रहे कर्मचारियों ने जब पड़ोस के स्टोर से आग की ऊंची लपटें और काला धुआं निकलते देखा, तो इलाके में हड़कंप मच गया। ब्लिंकिट के सजग कर्मचारियों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस को दी।

​सूचना मिलते ही एसपी सिटी (SP City) मनोज कत्याल, सीओ सिटी अमित कुमार सैनी भारी पुलिस बल और दमकल की कई गाड़ियों के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे। आग इतनी विकराल रूप ले चुकी थी कि पास ही सटे अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी खतरा मंडराने लगा था। आग बुझाने के शुरुआती प्रयास में आस-पास के कुछ स्थानीय लोग भी आंशिक रूप से झुलस गए।

​मृतकों की हुई पहचान, सुशीला तिवारी अस्पताल भेजे गए शव

​दमकल कर्मियों ने कटर से शटर काटने के बाद कई घंटों की भारी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। जब टीम अंदर दाखिल हुई, तो दोनों कर्मचारियों के शव बुरी तरह झुलसी हुई हालत में मिले। पुलिस ने दोनों मृतकों की शिनाख्त कर ली है:

  • ​नरेंद्र (उम्र 35 वर्ष): निवासी बागजाला, गौलापार (हल्द्वानी)।
  • ​अमित (उम्र 25 वर्ष): निवासी पंचायतघर क्षेत्र (हल्द्वानी)।

​पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल (STH) भेज दिया है। मृतकों के परिवारों को घटना की सूचना दे दी गई है, जिसके बाद से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।

​लाखों का सामान और गाड़ियां भी जलकर खाक

​इस अग्निकांड में केवल दो मासूम जानें ही नहीं गईं, बल्कि आर्थिक रूप से भी भारी नुकसान हुआ है। स्टोर के अंदर ग्राहकों को डिलीवर किए जाने वाले लाखों रुपये के कीमती पार्सल और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान रखे हुए थे, जो पूरी तरह जलकर कोयला बन गए। इसके अलावा, डिलीवरी के काम में आने वाला एक मालवाहक टेंपो और चार्जिंग पर लगी एक इलेक्ट्रिक स्कूटी भी पूरी तरह स्वाहा हो गई।

​शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है प्राथमिक कारण:

पुलिस

​हादसे के बाद मीडिया से बात करते हुए हल्द्वानी के एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया:
​”शुरुआती जांच और परिस्थितियों को देखते हुए लग रहा है कि आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है। संभवतः चार्जिंग पर लगी स्कूटी या बिजली के बोर्ड में शॉर्ट सर्किट के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि, फायर विभाग की टेक्निकल टीम मामले की विस्तृत जांच कर रही है। वास्तविक कारणों का पता पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा।”

​सीओ सिटी अमित कुमार सैनी ने भी स्पष्ट किया कि चूंकि स्टोर का मुख्य गेट बाहर से लॉक था, इसलिए रेस्क्यू टीम को अंदर पहुंचने में कीमती वक्त गंवाना पड़ा। सुरक्षा मानकों और रात में कर्मचारियों को बाहर से बंद करने के इस पहलू पर भी जांच की जा रही है कि क्या यहां सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी।

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​व्यापारियों और स्थानीय लोगों में आक्रोश और शोक

​इस दर्दनाक हादसे के बाद से हल्द्वानी के व्यापारिक संगठनों और स्थानीय निवासियों में गहरा शोक है। साथ ही कमर्शियल स्टोर्स में फायर सेफ्टी (Fire Safety Norms) और इमरजेंसी एग्जिट (Emergency Exit) न होने को लेकर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि स्टोर में पीछे का कोई रास्ता या आपातकालीन खिड़की होती, तो शायद इन दो युवाओं की जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें आगे की वैधानिक कार्रवाई और जांच में जुटी हुई हैं।

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