अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

राजौरी में ‘ऑपरेशन शेरूवाली’ के दौरान उत्तराखंड के 24 वर्षीय लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी बलिदान, अल्मोड़ा में शोक की लहर

On: June 7, 2026 6:59 AM
Follow Us:

​अल्मोड़ा (दूर्वांचल ब्यूरो): जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में सीमा पार से आए आतंकवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे एक बड़े सैन्य अभियान के दौरान उत्तराखंड ने अपने एक और वीर सपूत को खो दिया है। राजौरी के दुर्गम और घने जंगलों वाले क्षेत्र में जारी ‘ऑपरेशन शेरूवाली’ के दौरान अल्मोड़ा जनपद के 24 वर्षीय युवा सैन्य अधिकारी, लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देकर वीरगति को प्राप्त हो गए हैं। इस हृदयविदारक घटना की आधिकारिक पुष्टि सेना के व्हाइट नाइट कॉर्प्स (White Knight Corps) द्वारा किए जाने के बाद से पूरे उत्तराखंड, विशेषकर अल्मोड़ा जिले में गहरी शोक की लहर दौड़ गई है।
​प्राप्त जानकारी के अनुसार, जांबाज सैन्य अधिकारी का पार्थिव शरीर बुधवार दोपहर तक उनके पैतृक जिले अल्मोड़ा पहुंचने की पूरी संभावना है, जहां पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

​कैसे घटित हुई घटना: ‘ऑपरेशन शेरूवाली’ और दुर्गम चुनौतियां

​सुरक्षा बलों से मिली जानकारी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिला अंतर्गत मंजाकोट सेक्टर के दोरीमाल और गंभीर मुगलां वन क्षेत्र में पिछले कई दिनों से आतंकवादियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर संयुक्त तलाशी अभियान (Cordon and Search Operation) चलाया जा रहा है। इस अभियान को ‘ऑपरेशन शेरूवाली’ नाम दिया गया है, जिसमें भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस का विशेष अभियान समूह (SOG) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) संयुक्त रूप से मोर्चे पर डटे हैं। इस क्षेत्र में दो से तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों के छिपे होने की खुफिया जानकारी मिलने के बाद से ही सेना बेहद सतर्कता से आगे बढ़ रही है।

​शनिवार देर शाम, जब सर्च टीमें समुद्र तल से लगभग 10,000 फीट की अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित बेहद कठिन, फिसलन भरे और ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों से होते हुए आतंकवादियों के संभावित ठिकानों की घेराबंदी कर रही थीं, तभी एक अत्यंत दुर्गम मोड़ पर लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का पैर अप्रत्याशित रूप से फिसल गया। घने कोहरे, खड़ी ढलान और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण वह सीधे करीब 30 मीटर गहरी खाई में जा गिरे।

​खाई में गिरने के कारण उन्हें अत्यंत गंभीर और जानलेवा चोटें आईं। अभियान में शामिल साथी जवानों और रेस्क्यू टीम ने तुरंत भारी मशक्कत के बाद उन्हें खाई से बाहर निकाला, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि देश के इस होनहार युवा अधिकारी ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया और वीरगति को प्राप्त हो गए।

​गर्व और पीड़ा के बीच डूबा अल्मोड़ा

​लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी मूल रूप से अल्मोड़ा जनपद के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक व सांस्कृतिक क्षेत्र बगवालीपोखर के निवासी थे। हालांकि, उनका परिवार वर्तमान में अल्मोड़ा शहर के ही पांडेखोला इलाके में निवास कर रहा है। बीरेश्वर बचपन से ही अत्यंत मेधावी, अनुशासित और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत थे। बहुत ही कम उम्र में भारतीय सेना में बतौर अधिकारी (लेफ्टिनेंट) चयनित होकर उन्होंने न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे अल्मोड़ा और उत्तराखंड का मान बढ़ाया था।

​जैसे ही उनके बलिदान की आधिकारिक सूचना पांडेखोला स्थित उनके निवास और गृह क्षेत्र बगवालीपोखर पहुंची, पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं आस-पास के लोग और सगे-संबंधी दुखी परिवार को ढांढस बंधाने उनके घर पहुंच रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बीरेश्वर का जाना पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। पूरे जिले में इस समय गर्व और पीड़ा का एक मिला-जुला माहौल है—गर्व इस बात का कि मातृभूमि की रक्षा में उनके बेटे ने पीठ नहीं दिखाई, और पीड़ा इस बात की कि एक बेहद होनहार और युवा जीवन इतनी जल्दी समाप्त हो गया।

​बुधवार को सैन्य सम्मान के साथ दी जाएगी अंतिम विदाई

​सैन्य कल्याण विभाग और स्थानीय प्रशासन शहीद अधिकारी के पार्थिव शरीर को ससम्मान उनके घर तक पहुंचाने की तैयारियों में जुटा हुआ है। सैन्य कल्याण अधिकारी (सेवानिवृत्त) विजय मनराल ने इस संबंध में मीडिया को आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया:

​”बलिदानी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का पार्थिव शरीर बुधवार दोपहर लगभग तीन बजे तक अल्मोड़ा पहुंचने की पूरी संभावना है। सेना के विशेष वाहन से उनके पार्थिव शरीर को पांडेखोला लाया जाएगा, जहां आम नागरिकों, पूर्व सैनिकों और सामाजिक संगठनों के लिए उनके अंतिम दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। इसके पश्चात, पूरे राष्ट्रीय गौरव और पूर्ण सैन्य सम्मान (Military Honours) के साथ उनके पैतृक घाट पर अंतिम संस्कार संपन्न किया जाएगा।”

​शहीद लेफ्टिनेंट के अंतिम दर्शन के लिए अल्मोड़ा और आस-पास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोगों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने की उम्मीद है।

​जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
​इस दुखद समाचार के सामने आने के बाद से ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, स्थानीय विधायकों, विभिन्न राजनैतिक दलों के जनप्रतिनिधियों, पूर्व सैनिक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया से लेकर हर मंच पर वीर सपूत को भावभीनी श्रद्धांजलि दी जा रही है।

ये भी पढ़े➜मानसून का महा-विस्फोट: दिल्ली-एनसीआर समेत देश के 21 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, महाराष्ट्र में ओले और राजस्थान में भीषण आंधी की चेतावनी

​पूर्व सैनिकों का कहना है कि राजौरी और पूंछ का यह पहाड़ी इलाका अपनी भौगोलिक बनावट के कारण बेहद खतरनाक है, जहां घने जंगलों और प्राकृतिक गुफाओं के बीच हमारे जवान न केवल दुश्मनों से, बल्कि मौसम और प्रकृति की मार से भी लोहा लेते हैं। लेफ्टिनेंट गोस्वामी ने कर्तव्य की वेदी पर अपना सर्वस्व न्योछावर कर देवभूमि की सैन्य परंपरा को अक्षुण्ण रखा है।
​पूरा उत्तराखंड आज पांडेखोला के इस वीर सपूत की शहादत पर नमन कर रहा है और लोग भारी मन से अपने नायक के अंतिम दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Cracks visible on the concrete pillar and deep potholes filled with water on the newly built Delhi-Dehradun expressway after rains

उत्तराखंड आफत की बारिश: धारचूला में पुल बहा, चीन सीमा से संपर्क पूरी तरह कटा; जनजीवन अस्त-व्यस्त

Pushkar Singh Dhami completes 5 years as Uttarakhand Chief Minister, highlighting major decisions including UCC, anti-copying law, land law and women's reservation.

Pushkar Singh Dhami 5 Years: मुख्यमंत्री के रूप में पूरे हुए पांच साल, 9 जुलाई को बनाएंगे नया रिकॉर्ड!

Cracks visible on the concrete pillar and deep potholes filled with water on the newly built Delhi-Dehradun expressway after rains

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की खुली पोल: पहली बारिश में ही उभरे गहरे गड्ढे, पिलर में दरारें आने से बढ़ी दहशत

Uttarakhand police investigating a crime scene outside a liquor shop at night in Raipur Dehradun after a firing incident

देहरादून में खूनी संघर्ष: शराब ठेके के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग, दो युवक लहूलुहान; इलाके में हड़कंप

dehradun-dalanwala-attack-news

​देहरादून के डालनवाला में खूनी संघर्ष: युवक पर तलवार और खुखरी से जानलेवा हमला, ईसी रोड पर मची सनसनी

A car trapped in a large road cave-in on the Delhi-Dehradun Expressway with NHAI officials and repair machinery at the scene.

​दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे निर्माण में बड़ी लापरवाही: सड़क धंसने पर NHAI का कड़ा रुख, प्रोजेक्ट मैनेजर समेत दो अधिकारी निलंबित, निर्माण कंपनी को नोटिस

Leave a Comment