मुख्य बिंदु:
- घटनास्थल: अशोक विहार, गुरुग्राम (हरियाणा)
- आरोपी: अनिल (50 वर्षीय), पेशे से सिक्योरिटी ऑफिसर
- मृतक: आशा (45 वर्षीय, स्कूल प्रिंसिपल) और प्रशांत (25 वर्षीय, बेटा)
- समय: रविवार तड़के (आधी रात के बाद)
- क्राइम सीन: फोरेंसिक टीम और भारी पुलिस बल मौके पर तैनात
गुरुग्राम के अशोक विहार में सनसनी: आधी रात को गूंजी गोलियों की आवाज
गुरुग्राम। साइबर सिटी गुरुग्राम का पॉश इलाका अशोक विहार रविवार की सुबह एक ऐसी खौफनाक खबर के साथ जागा, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। एक हंसते-खेलते परिवार का इस तरह दर्दनाक अंत हो जाएगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। इलाके के एक मकान में आधी रात के बाद अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजी। जब तक पड़ोसी कुछ समझ पाते, तब तक एक सिरफिरे पति ने अपनी ही जीवनसंगिनी और अपने नौजवान बेटे को हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया था।
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले दोहरे हत्याकांड (Double Murder) के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग खौफजदा हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।
रक्षक ही बना भक्षक: सिक्योरिटी ऑफिसर ने अपनों पर ही तान दी बंदूक
मिली जानकारी के अनुसार, इस खूनी खेल को अंजाम देने वाले शख्स की पहचान 50 वर्षीय अनिल के रूप में हुई है। अनिल पेशे से एक निजी संसथान में सिक्योरिटी ऑफिसर (सुरक्षा अधिकारी) के पद पर तैनात है। जिसका काम दूसरों की हिफाजत करना था, वह खुद अपने ही परिवार के लिए काल बन गया।
घर के भीतर हुए इस खूनी संघर्ष में अनिल की 45 वर्षीय पत्नी आशा और उसके 25 वर्षीय बेटे प्रशांत की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि आरोपी ने बेहद करीब से दोनों को गोली मारी, जिससे उन्हें संभलने या भागने का जरा भी मौका नहीं मिला। गोलियों की आवाज सुनकर जब तक आसपास के लोग सक्रिय हुए, तब तक घर के भीतर फर्श खून से लाल हो चुका था।
शिक्षिका पत्नी और जवान बेटा: बिखर गया पूरा परिवार
इस दिल दहला देने वाली घटना में जान गंवाने वाली आशा समाज में एक बेहद सम्मानित महिला थीं। वह एक निजी स्कूल में प्रिंसिपल (प्रधान अध्यापिका) के पद पर कार्यरत थीं और बच्चों के भविष्य को संवारने का काम करती थीं। वहीं, उनका 25 वर्षीय बेटा प्रशांत अभी अपने करियर की शुरुआत कर रहा था और माता-पिता के साथ ही रहता था।
आसपास के लोगों का कहना है कि आशा स्वभाव से बेहद शांत और मिलनसार थीं। एक झटके में मां-बेटे की इस तरह हत्या हो जाने से स्कूल प्रशासन और स्थानीय निवासियों में गहरा शोक है। किसी को यकीन नहीं हो रहा है कि जो अनिल बाहर बेहद सामान्य दिखता था, वह घर के भीतर इतना क्रूर हो सकता है।
आधी रात का वो खौफनाक मंजर: क्या थी हत्या की वजह?
पुलिस की शुरुआती जांच और पड़ोसियों से मिली इनपुट्स के मुताबिक, इस जघन्य अपराध के पीछे लंबे समय से चला आ रहा पारिवारिक विवाद (Domestic Dispute) बताया जा रहा है। शनिवार की रात को भी परिवार के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई थी।
विवाद इतना बढ़ गया कि अनिल अपना आपा खो बैठा। उसने तैश में आकर अपनी सर्विस रिवॉल्वर या अवैध हथियार (जिसकी जांच जारी है) निकाली और पहले पत्नी आशा पर फायर झोंक दिया। मां को बचाने आए बेटे प्रशांत को भी अनिल ने नहीं बख्शा और उस पर भी गोलियां चला दीं। गोली सीधे दोनों के संवेदनशील हिस्सों में लगी, जिसके कारण अत्यधिक खून बह जाने से दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम, पुलिस ने इलाके को छावनी में बदला
घटना की भयावहता को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस के साथ-साथ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी अशोक विहार स्थित घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए पूरे क्राइम सीन को सील कर दिया और पुलिस लाइन – प्रवेश निषेध (Police Line – Do Not Enter) का बोर्ड लगा दिया।
जांच की स्थिति: साक्ष्यों से छेड़छाड़ न हो, इसके लिए तुरंत स्टेट फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को बुलाया गया। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने उंगलियों के निशान (Fingerprints), खून के नमूने, खाली कारतूस और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं, ताकि अदालत में आरोपी के खिलाफ पुख्ता केस तैयार किया जा सके।
पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव, हर एंगल से हो रही जांच
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में भिजवा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मां-बेटे को कितनी गोलियां मारी गईं और मौत का सटीक समय क्या था।
गुरुग्राम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और संवेदनशील मामला है। प्रथम दृष्टया यह घरेलू कलह और मानसिक तनाव का परिणाम लग रहा है। हालांकि, हम मामले की हर एंगल से तफ्तीश कर रहे हैं। आरोपी के हथियारों के लाइसेंस की भी जांच की जा रही है। बहुत जल्द आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिली जाएगी।
समाज के लिए एक बड़ा अलार्म
साइबर सिटी में लगातार बढ़ते इस तरह के अपराध और घरेलू हिंसा के मामले सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। आखिर एक पढ़ा-लिखा और जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति इस कदर हैवान कैसे बन गया कि उसे अपनी पत्नी और सगे बेटे पर तरस नहीं आया? फिलहाल, police आरोपी अनिल की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और अशोक विहार के लोग इस खौफनाक रविवार को ताउम्र नहीं भूल पाएंगे।











