एअर इंडिया की दिल्ली-इंदौर फ्लाइट बनी ‘तपता भट्टी’: घंटों बंद रहा AC, यात्रियों की बिगड़ी तबीयत; एयरपोर्ट पर भारी हंगामा

​नई दिल्ली/इंदौर: हवाई सफर को आरामदायक और सुरक्षित माना जाता है, लेकिन शनिवार को दिल्ली से इंदौर जाने वाले यात्रियों के लिए यह किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। एअर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI-2515 में तकनीकी खराबी और लापरवाही के चलते यात्रियों को भीषण गर्मी में घंटों बिना एसी के विमान के भीतर फंसे रहना पड़ा। इस बदइंतजामी के कारण कई यात्रियों की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर जमकर नारेबाजी और हंगामा हुआ।

​भीषण गर्मी और बंद केबिन: सांस लेना हुआ दूभर

​प्रत्यक्षदर्शियों और विमान में सवार यात्रियों के अनुसार, बोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विमान को रनवे पर ले जाया गया। हालांकि, तकनीकी क्लीयरेंस न मिलने के कारण फ्लाइट को लंबे समय तक रनवे पर ही रोक कर रखा गया। इस दौरान विमान का एयर कंडीशनिंग (AC) सिस्टम पूरी तरह बंद कर दिया गया।

​दिल्ली की मौजूदा चिलचिलाती गर्मी और बंद केबिन के भीतर तापमान तेजी से बढ़ने लगा। घंटों तक बिना वेंटिलेशन और ठंडी हवा के बैठे रहने के कारण बुजुर्गों और बच्चों का दम घुटने लगा। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कुछ यात्रियों को चक्कर आने लगे और उनकी तबीयत बिगड़ गई। विमान के भीतर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यात्री मदद के लिए चिल्लाने लगे।

​ग्राउंड स्टाफ और क्रू पर लापरवाही के आरोप

​यात्रियों का गुस्सा केवल एसी बंद होने तक सीमित नहीं था। आरोप है कि एयरलाइन का रवैया शुरुआत से ही टालमटोल वाला और गैर-जिम्मेदाराना रहा। यात्रियों ने बताया कि:

  • ​बार-बार गेट बदलना: बोर्डिंग से पहले ही दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों को परेशान किया गया। दो बार फ्लाइट के बोर्डिंग गेट बदले गए, जिससे यात्रियों को सामान के साथ एक टर्मिनल से दूसरे छोर तक भागना पड़ा।
  • ​सूचना का अभाव: विमान में घंटों फंसे रहने के बावजूद क्रू मेंबर्स की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही थी कि फ्लाइट कब उड़ान भरेगी या एसी कब शुरू होगा।
  • ​रनवे से वापसी: जब स्थिति अनियंत्रित होने लगी और यात्रियों का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा, तब जाकर विमान को रनवे से वापस टर्मिनल पर लाया गया।

​एयरपोर्ट पर नारेबाजी और रिफंड की मांग

​जैसे ही विमान वापस गेट पर पहुंचा और यात्रियों को नीचे उतारा गया, उनका गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित यात्रियों ने एअर इंडिया के काउंटर का घेराव किया और मैनेजमेंट के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यात्रियों का कहना था कि उन्होंने भारी-भरकम किराया देकर टिकट बुक की थी, लेकिन बदले में उन्हें प्रताड़ना मिली।

​गुस्साए यात्री अब टिकट का पूरा रिफंड और इस मानसिक व शारीरिक परेशानी के लिए मुआवजे की मांग पर अड़ गए हैं। सोशल मीडिया पर भी इस घटना के वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें यात्री पसीने से लथपथ और बदहवास नजर आ रहे हैं।

​एअर इंडिया की सफाई और तकनीकी पक्ष

​इस पूरे घटनाक्रम पर एअर इंडिया के प्रवक्ता की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विमान में ‘तकनीकी खराबी’ (Technical Snag) की बात कही जा रही है। सुरक्षा कारणों से पायलट ने टेक-ऑफ न करने का फैसला लिया। हालांकि, सवाल यह उठता है कि अगर तकनीकी खराबी थी, तो यात्रियों को इतने लंबे समय तक बिना एसी के विमान के भीतर क्यों रखा गया?

​विमानन क्षेत्र में बढ़ती लापरवाही की घटनाएं

​पिछले कुछ महीनों में भारतीय विमानन क्षेत्र (Aviation Sector) में एयरलाइंस की लापरवाही के कई मामले सामने आए हैं। कभी खाने में खराबी तो कभी तकनीकी खामियां यात्रियों की जान जोखिम में डाल रही हैं। डीजीसीए (DGCA) के सख्त नियमों के बावजूद एयरलाइंस यात्रियों की सुविधाओं और सुरक्षा के साथ समझौता करती नजर आ रही हैं।

​यात्रियों के अधिकार: क्या कहता है नियम?

​नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के नियमों के अनुसार, यदि किसी तकनीकी कारण से फ्लाइट में देरी होती है या यात्रियों को असुविधा होती है, तो एयरलाइन की जिम्मेदारी है कि वह यात्रियों के खान-पान और आराम का उचित प्रबंध करे। यदि यात्री सफर नहीं करना चाहता, तो उसे रिफंड या वैकल्पिक फ्लाइट की सुविधा दी जानी चाहिए।

ये भी पढ़े➜कानपुर में भीषण अग्निकांड: घाटमपुर के पुराने डाकखाना मार्केट में लगी आग, व्यापारी की जिंदा जलकर मौत, परिवार के 4 सदस्य गंभीर रूप से झुलसे

​निष्कर्ष:

दिल्ली-इंदौर फ्लाइट की इस घटना ने एक बार फिर टाटा समूह के स्वामित्व वाली एअर इंडिया की सर्विस क्वालिटी पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। खबर लिखे जाने तक, प्रभावित यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से भेजने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन यात्रियों का मानसिक तनाव और स्वास्थ्य पर पड़ा असर इसकी भरपाई नहीं कर सकता।

Leave a Comment