हल्द्वानी/नैनीताल:
उत्तराखंड के खूबसूरत पहाड़ों की वादियों और नैनीताल हाईवे का सफर करने वाले सैलानियों के लिए यहाँ का स्थानीय खान-पान हमेशा से आकर्षण का केंद्र रहा है। लेकिन इस बार नैनीताल हाईवे पर मिलने वाला मशहूर ‘पहाड़ी मटन-चावल’ किसी और वजह से सुर्खियों में है।
हल्द्वानी-नैनीताल हाईवे पर स्थित एक बेहद लोकप्रिय मटन शॉप पर राज्य कर विभाग (State Tax Department) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में सामने आया है कि इस दुकान का सालाना टर्नओवर (Annual Turnover) ₹50 लाख से भी अधिक है, लेकिन इसके बावजूद दुकान मालिक ने अब तक जीएसटी (GST) पंजीकरण नहीं कराया था।
विभाग ने अब कड़ी चेतावनी देते हुए साफ कर दिया है कि अगर आगामी 12 जून तक जीएसटी रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया, तो दुकान स्वामी के खिलाफ जीएसटी की सुसंगत धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया रील से खुला ‘कम कमाई’ का राज
कहते हैं कि आज के डिजिटल दौर में कोई भी चीज़ छिप नहीं सकती। इस मशहूर मटन शॉप के टैक्स के दायरे में आने की कहानी भी सोशल मीडिया से ही शुरू हुई। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट मीडिया पर इस दुकान का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था।
इस वीडियो में दावा किया गया था कि दुकान पर रोजाना भारी भीड़ उमड़ती है और हर दिन चावल के साथ कम से कम तीन बकरों के मांस की बिक्री आसानी से हो जाती है।
जब यह वीडियो राज्य कर विभाग के अधिकारियों के मोबाइल तक पहुंचा, तो विभाग ने इस पर संज्ञान लिया। रोजाना तीन बकरों की बिक्री का गणित जब अधिकारियों ने जोड़ा, तो मामला लाखों के टर्नओवर का निकला। इसके बाद बिना कोई देरी किए असिस्टेंट कमिश्नर के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने मौके पर पहुंचकर औचक जांच शुरू कर दी।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
राज्य कर विभाग की टीम जब नयना गांव स्थित इस दुकान पर जांच के लिए पहुंची, तो वहां का नजारा और बिक्री के आंकड़े देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।
- सालाना टर्नओवर: शुरुआती जांच और इनपुट के आधार पर विभाग ने निष्कर्ष निकाला कि इस मटन शॉप का सालाना कारोबार ₹50 लाख के आंकड़े को पार कर चुका है।
- जीएसटी नियम का उल्लंघन: नियमों के मुताबिक, उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में ₹20 लाख से अधिक के सालाना टर्नओवर वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए जीएसटी पंजीकरण अनिवार्य है, लेकिन यहाँ ₹50 लाख की कमाई पर भी रजिस्ट्रेशन नहीं था।
- 5% टैक्स की चोरी: अधिकारियों के अनुसार, इस श्रेणी के तहत बेचे जाने वाले भोजन पर 5 प्रतिशत की दर से बिक्री कर (GST) देय होता है, जिससे विभाग को लंबे समय से चपत लग रही थी।
सैलानियों से लेकर अफसरों तक, हर कोई है इस स्वाद का दीवाना
हल्द्वानी से नैनीताल मार्ग पर नयना गांव के पास स्थित यह मटन शॉप कोई साधारण दुकान नहीं है। यहाँ बनने वाले पारंपरिक पहाड़ी मटन और चावल का स्वाद इतना बेजोड़ है कि दूर-दूर से लोग सिर्फ यहाँ खाना खाने आते हैं।
गर्मियों के सीजन में जब नैनीताल में पर्यटकों की भारी भीड़ होती है, तब इस दुकान पर पैर रखने की जगह नहीं मिलती। पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोग, क्षेत्र के सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भी इस दुकान के नियमित ग्राहक हैं। दोपहर के समय यहाँ मटन-चावल का स्वाद लेने वालों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं, जिसका फायदा उठाकर दुकान स्वामी बिना टैक्स चुकाए भारी मुनाफा कमा रहा था।
12 जून तक का अल्टीमेटम, वरना होगी जेल और जुर्माना
असिस्टेंट कमिश्नर प्रकाश त्रिवेदी के नेतृत्व में गई इस जांच टीम में अधिकारी शैलेंद्र आगरी, मोहित चौहान और कैलाश जोशी शामिल थे। विभाग की इस अचानक हुई छापेमारी से हाईवे के अन्य दुकानदारों और होटल व्यवसायियों में भी हड़कंप मच गया है।
असिस्टेंट कमिश्नर प्रकाश त्रिवेदी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया:
“शॉप का सालाना टर्नओवर ₹50 लाख से अधिक पाया गया है, लेकिन इनके पास कोई जीएसटी पंजीकरण नहीं है। नियमों के तहत इस पर 5 फीसदी टैक्स बनता है। हमने दुकान स्वामी चंदन सिंह को कड़ी चेतावनी दी है। हालांकि, दुकान स्वामी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए दो-चार दिनों के भीतर ही पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने का भरोसा दिया है।”
विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर 12 जून की तय समय-सीमा के भीतर पंजीकरण नहीं कराया गया, तो दुकान को सील करने के साथ-साथ भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
टैक्स चोरी करने वाले अन्य कारोबारी भी रडार पर
इस कार्रवाई के बाद राज्य कर विभाग अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। सूत्रों के मुताबिक, नैनीताल, भीमताल और भवाली हाईवे पर स्थित कई अन्य प्रसिद्ध होमस्टे, रेस्टोरेंट और ढाबे भी विभाग की रडार पर हैं, जो सोशल मीडिया पर तो अपनी भारी लोकप्रियता दिखाते हैं लेकिन टैक्स देने के मामले में खुद को छोटा व्यापारी बताते हैं। विभाग आने वाले दिनों में ऐसे कई और प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर सकता है।




