- घटनास्थल: बागेश्वर जिले का कपकोट क्षेत्र (तुडतुडिया भैरों लिंक रोड)।
- हादसे का शिकार: एक अनियंत्रित टाटा 407 वाहन लगभग 15 से 20 मीटर गहरी खाई में गिरा।
- हताहत: वाहन चालक भगत सिंह और एक महिला की मौत; चार अन्य महिलाएं घायल।
- बचाव कार्य: पुलिस, प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन।
बागेश्वर (उत्तराखंड)।
उत्तराखंड के पहाड़ी रास्तों पर सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र से सामने आया है, जहां मंगलवार को एक टाटा 407 वाहन के अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर जाने से एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। इस दुर्घटना में वाहन के चालक की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल एक महिला ने भी जिला अस्पताल रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में ही दम तोड़ दिया। हादसे में चार अन्य महिलाएं भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, यह दुखद घटना कपकोट के तुडतुडिया भैरों लिंक रोड पर कल (मंगलवार) घटित हुई। एक टाटा 407 वाहन यात्रियों को लेकर जा रहा था, तभी अचानक एक तीखे मोड़ पर चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा। नियंत्रण खोते ही वाहन सीधे सड़क से नीचे करीब 15 से 20 मीटर गहरी खाई में जा गिरा।
वाहन के खाई में गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। पहाड़ी ढलान होने के कारण वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग मलबे के बीच फंस गए। हादसे की आवाज सुनकर आस-पास के खेतों और गांवों में काम कर रहे स्थानीय लोग तुरंत घटना स्थल की ओर दौड़े।
स्थानीय लोगों और प्रशासन ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। पुलिस के आने से पहले ही स्थानीय ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया था। खाई गहरी और ढलान वाली होने के कारण घायलों को बाहर निकालने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को खाई से बाहर निकाला गया और एंबुलेंस के जरिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
अस्पताल ले जाते समय चालक और महिला ने तोड़ा दम
इस भीषण दुर्घटना में वाहन के चालक भगत सिंह को बेहद गंभीर चोटें आई थीं। बचाव दल ने जब उन्हें खाई से निकाला, तब उनकी सांसें चल रही थीं। स्थानीय अस्पताल के डॉक्टरों ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत उच्च केंद्र के लिए रेफर कर दिया, लेकिन बदकिस्मती से अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
इसके अलावा, वाहन में सवार पांच महिलाओं को भी गंभीर चोटें आई थीं। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जिला अस्पताल बागेश्वर के लिए रेफर किया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, इनमें से एक महिला की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। दुर्भाग्यवश, जिला अस्पताल ले जाते समय इस महिला की स्थिति और बिगड़ गई और उसने भी रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस तरह इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर दो हो गई है।
घायलों का उपचार जारी, एक की हालत नाजुक
हादसे में घायल अन्य चार महिलाओं का इलाज फिलहाल जिला अस्पताल बागेश्वर में चल रहा है। चिकित्सालय के सूत्रों के अनुसार, घायल महिलाओं को हेड इंजरी (सिर की चोट) और फ्रैक्चर आए हैं। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है। प्रशासन का कहना है कि घायलों को हर संभव बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर उन्हें हायर सेंटर भी भेजा जा सकता है।
क्षेत्र में शोक की लहर, दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू
इस दर्दनाक हादसे के बाद से कपकोट और आसपास के पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। वाहन चालक भगत सिंह और महिला की अचानक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय निवासियों ने इस मार्ग पर सुरक्षात्मक उपाय न होने और तीखे मोड़ों पर क्रैश बैरियर न होने को लेकर भी चिंता जताई है।
इधर, पुलिस और जिला प्रशासन ने घटना का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसा वाहन में किसी तकनीकी खराबी (जैसे ब्रेक फेल होना) की वजह से हुआ या फिर मानवीय लापरवाही के कारण। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
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पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रहे ये हादसे इस बात का संकेत हैं कि सड़कों पर सफर करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। विशेष रूप से लिंक रोड्स पर, जहां सड़कें संकरी होती हैं, वहां वाहनों की गति पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी है। Doon Prime News मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है।







