कानपुर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद स्थित घाटमपुर इलाके से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ शनिवार भोरपहर पुराने डाकखाना रोड स्थित एक व्यवसायिक सह आवासीय परिसर में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड की चपेट में आने से एक 75 वर्षीय बुजुर्ग व्यापारी की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके बेटे, बहू और चार माह के मासूम पोते समेत परिवार के चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद कानपुर के उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है।
भोर की नींद में काल बनकर आई आग
जानकारी के अनुसार, घाटमपुर के पुराना डाकखाना रोड पर रामकिशन गुप्ता (75), अपने दो भाइयों सत्यनारायण और राज्जनलाल के साथ संयुक्त परिवार में रहते थे। इस तीन मंजिला इमारत के भूतल (ग्राउंड फ्लोर) पर तीनों भाइयों की कपड़े और किराना की दुकानें हैं। रामकिशन गुप्ता की ‘लक्ष्मी वस्त्र भंडार’ नाम से प्रतिष्ठित कपड़े की दुकान है।
शनिवार तड़के करीब 3:30 से 4:00 बजे के बीच, जब पूरा परिवार गहरी नींद में था, अचानक दुकान के अंदर से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। बताया जा रहा है कि रामकिशन गुप्ता धुएं की गंध पाकर सबसे पहले नीचे पहुंचे थे। जैसे ही उन्होंने दुकान का शटर उठाया, ऑक्सीजन मिलने के कारण आग की लपटें भभक उठीं और पूरे घर में धुआं फैल गया।
चीख-पुकार और जान बचाने की जद्दोजहद
आग की लपटें और काला धुआं देख रामकिशन ने शोर मचाते हुए अपने परिवार को जगाया। घर में उस वक्त महिलाओं और बच्चों समेत कुल 14-15 लोग मौजूद थे। जान बचाने के लिए अफरा-तफरी मच गई। परिवार के अन्य सदस्य अपनी जान बचाने के लिए छत की ओर भागे और पड़ोसियों की छतों के सहारे नीचे उतरे।
इसी आपाधापी में बुजुर्ग रामकिशन गुप्ता आग और धुएं के बीच फंस गए। परिवार को लगा कि वे सुरक्षित बाहर निकल गए होंगे, लेकिन बाद में पता चला कि वे घर के भीतर ही रह गए थे। लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जब आग पर काबू पाया गया, तब रामकिशन का झुलसा हुआ शव बरामद हुआ।
चार सदस्य गंभीर रूप से झुलसे, कानपुर रेफर
इस अग्निकांड में रामकिशन का बेटा हरिओम, बहू श्रेया, महज चार माह का मासूम पोता शिवार्थ और भतीजी आयुषी (सत्यनारायण की बेटी) गंभीर रूप से झुलस गए। आग की तपिश इतनी अधिक थी कि घर से बाहर निकलते समय ये लोग लपटों की चपेट में आ गए।
स्थानीय लोगों की मदद से सभी को तत्काल घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए कानपुर रेफर कर दिया। फिलहाल सभी का इलाज जारी है और उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
चार घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन: सीआईएसएफ और दमकल ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं। आग इतनी भीषण थी कि स्थानीय दमकल की गाड़ियाँ नाकाफी साबित हुईं। स्थिति को बिगड़ता देख पास ही स्थित पावर प्लांट से सीआईएसएफ (CISF) की फायर ब्रिगेड गाड़ियों को बुलाया गया।
करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत और कई फेरे पानी डालने के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस और दमकल कर्मियों ने बताया कि शॉर्ट सर्किट आग लगने का प्राथमिक कारण हो सकता है, लेकिन इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। दुकान में कपड़े और किराना का सामान होने के कारण आग ने तेजी से फैलते हुए पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया।
व्यापारी समाज में शोक की लहर
घाटमपुर के पुराने बाजार क्षेत्र में हुई इस घटना से स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में शोक और दहशत का माहौल है। रामकिशन गुप्ता क्षेत्र के पुराने और प्रतिष्ठित व्यापारी थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही व्यापार मंडल के कई सदस्य और स्थानीय नेता मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है और पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की बात कही गई है।
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निष्कर्ष
यह घटना एक बार फिर रिहायशी इलाकों में स्थित व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में अग्निशमन सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) की अनदेखी पर सवाल खड़े करती है। एक छोटे से शॉर्ट सर्किट ने न केवल करोड़ों की संपत्ति राख कर दी, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार के मुखिया को भी छीन लिया।








