लखीमपुर खीरी।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से एक बेहद हृदयविदारक और स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आई है। पीलीभीत-बस्ती राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-730) पर सोमवार सुबह एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक और सवारियों से खचाखच भरी टाटा मैजिक गाड़ी के बीच इतनी भीषण भिड़ंत हुई कि मौके पर ही चीख-पुकार मच गई। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले सड़क हादसे में 9 लोगों की असमय और दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि टाटा मैजिक वाहन के परखच्चे उड़ गए और वह लोहे के मलबे में तब्दील हो गई। स्थिति यह थी कि शवों और घायलों को निकालने के लिए क्रेन और स्थानीय कटरों की मदद से गाड़ी के हिस्सों को काटना पड़ा।
सुबह-सुबह बिखरीं चीखें, हाईवे पर पसरा मातम
मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा ईसानगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ऊंच गांव और भरेहटा के बीच, सिसैया के नजदीक सुबह के वक्त हुआ। बताया जा रहा है कि एक टाटा मैजिक गाड़ी करीब 12 सवारियों को लेकर लखीमपुर से ईसानगर की तरफ जा रही थी। गाड़ी में सवार लोग अपने गंतव्य की ओर बढ़ ही रहे थे कि अचानक पीलीभीत-बस्ती राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर सामने से आ रहे एक बेहद तेज रफ्तार ट्रक ने मैजिक को अपनी चपेट में ले लिया।
दोनों वाहनों की गति इतनी तेज थी कि आमने-सामने की यह टक्कर बेहद घातक साबित हुई। टक्कर लगते ही पूरी सड़क पर जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते चारों ओर लहूलुहान लोग और चीख-पुकार का मंजर दिखाई देने लगा। इस भयानक हादसे को देखकर हाईवे से गुजर रहे अन्य राहगीरों के पैर ठिठक गए और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
स्थानीय निवासियों ने दिखाई इंसानियत, क्रेन बुलाकर शुरू हुआ रेस्क्यू
हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और स्थानीय लोग पूरी हिम्मत के साथ मदद के लिए दौड़े। टाटा मैजिक का अगला और बीच का हिस्सा ट्रक के नीचे बुरी तरह पिचक चुका था, जिसके कारण घायल और मृत लोग उसी लोहे के मलबे में फंस गए थे। स्थानीय लोगों ने तुरंत अपने स्तर पर बचाव कार्य (Rescue Operation) शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची। वाहन की हालत इतनी खराब थी कि सामान्य रूप से लोगों को बाहर निकालना नामुमकिन था। इसके बाद क्रेन और कटर मशीनों को मौके पर मंगाया गया। वाहनों को काटकर भारी मशक्कत के बाद फंसे हुए घायलों और शवों को बाहर निकाला जा सका। इस दौरान हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने 9 को घोषित किया मृत, घायलों की हालत नाजुक
सभी घायलों और शवों को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) खमरिया भिजवाया गया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद 9 लोगों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, अधिकांश लोगों की मौत अत्यधिक आंतरिक चोटों और समय पर रेस्क्यू न हो पाने के कारण दम घुटने से हुई।
इसके अलावा, हादसे में गंभीर रूप से घायल तीन से चार लोगों को प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहद नाजुक हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां वे जीवन और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। डॉक्टरों की एक विशेष टीम घायलों की निगरानी कर रही है।
पुलिस और प्रशासन मुस्तैद, मृतकों की शिनाख्त की कोशिशें जारी
हादसे की भयावहता को देखते हुए जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके और अस्पताल पहुंचे। पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. ख्याति गर्ग ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए हादसे की पुष्टि की। उन्होंने बताया:
”इस बेहद दुखद सड़क दुर्घटना में कुल 9 लोगों की जान गई है, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सभी घायलों को त्वरित और बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। पुलिस प्रशासन की पहली प्राथमिकता घायलों की जान बचाना और यातायात व्यवस्था को बहाल करना था। पुलिस टीम अब मृतकों की शिनाख्त (Identification) करने में जुटी है ताकि उनके परिजनों को समय पर सूचित किया जा सके।”
प्रशासन ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त दोनों वाहनों को बीच सड़क से हटाकर हाईवे के किनारे करवाया, जिसके बाद लगभग घंटों से बाधित पड़े पीलीभीत-बस्ती राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात को दोबारा सुचारू रूप से चालू कराया जा सका।
हाईवे पर तेज रफ्तार का कहर, उठ रहे हैं गंभीर सवाल
इस दिल दहला देने वाले हादसे ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की अनियंत्रित गति और ओवरस्पीडिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रूट पर ट्रकों की रफ्तार अक्सर बेलगाम होती है, जिसके कारण आए दिन ऐसे गंभीर हादसे होते रहते हैं। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के असली कारणों की बारीकी से जांच की जा रही है कि क्या यह हादसा कोहरे/धुंध के कारण हुआ, ओवरटेकिंग की वजह से हुआ या फिर ट्रक चालक की किसी लापरवाही के चलते यह भीषण कांड हुआ।
इस घटना के बाद से पूरे इलाके और मृतकों के गांवों में कोहराम मचा हुआ है, और हर कोई इस भयानक मंजर को याद कर सिहर उठ रहा है।










