मुख्य बिंदु:
- कहाँ हुआ हादसा: दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर (हौजरानी) स्थित ‘लेमन ग्रीन’ रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस।
- समय: बुधवार सुबह करीब 8:50 बजे (नाश्ते के वक्त)।
- हताहत: 21 लोगों की मौत की पुष्टि, कई घायल। मृतकों में मैक्स अस्पताल आए मरीजों के विदेशी तीमारदार भी शामिल।
- बचाव कार्य: दमकल की 10 गाड़ियों ने पाया काबू, स्थानीय लोगों ने गद्दे बिछाकर बचाई कई जानें।
नई दिल्ली:
राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके मालवीय नगर से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। बुधवार सुबह हौजरानी स्थित ‘लेमन ग्रीन’ रेस्टोरेंट और उसके ऊपर बने गेस्ट हाउस में भीषण आग लग गई। इस वीभत्स हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। मृतकों में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों के शामिल होने की आशंका है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है और मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने का अंदेशा जताया जा रहा है।
सुबह नाश्ते के समय अचानक मची चीख-पुकार
चश्मदीदों और अधिकारियों के मुताबिक, यह हादसा बुधवार सुबह करीब 8:50 बजे हुआ। उस वक्त रेस्टोरेंट और बेसमेंट के कमरों में 60 से अधिक लोग मौजूद थे, जिनमें से अधिकांश लोग सुबह का नाश्ता कर रहे थे। ‘लेमन ग्रीन’ रेस्टोरेंट इमारत के निचले हिस्से (बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर) में संचालित हो रहा था। आग बेसमेंट से शुरू हुई और देखते ही देखते इसने पूरी बहुमंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। धुएं के गुबार और आग की लपटों के कारण पूरी बिल्डिंग में अफरा-तफरी मच गई।
जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल से कूदे लोग
आग इतनी तेजी से फैली कि ऊपर की मंजिलों पर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जान बचाने के लिए कई लोग खिड़कियों और बालकनी से नीचे कूदने को मजबूर हो गए। इस दौरान स्थानीय निवासियों ने सूझबूझ दिखाई और सड़क पर तुरंत गद्दे बिछा दिए, जिसके ऊपर कूदकर कई लोगों ने अपनी जान बचाई। हालांकि, इस प्रक्रिया में भी कुछ लोगों को गंभीर चोटें आई हैं।
विदेशी नागरिक क्यों थे मौजूद?
हादसे का शिकार हुई इस बिल्डिंग के ऊपरी हिस्सों में एक गेस्ट हाउस चल रहा था। इस गेस्ट हाउस के ठीक सामने ही दिल्ली का प्रसिद्ध मैक्स अस्पताल स्थित है। अस्पताल में देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए आते हैं। पुलिस के अनुसार, मैक्स अस्पताल में इलाज करा रहे विदेशी मरीजों के तीमारदार (परिजनों) इस गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे। यही कारण है कि इस हादसे में जान गंवाने वालों में विदेशी नागरिकों की संख्या अधिक है।
प्रशासन और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) की 10 गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं। नेहरू प्लेस फायर स्टेशन के डिविजनल ऑफिसर (DO) रविंदर ने खुद मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।
दमकल कर्मियों ने भारी मशक्कत के बाद बेसमेंट में फंसे तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA, साउथ डिस्ट्रिक्ट) के एसडीएम जितेंद्र कुमार ने बताया:
”जैसे ही हमें घटना की सूचना मिली, हमने तुरंत DDMA सेल को सक्रिय कर दिया। शुरुआती तौर पर मलबे और बिल्डिंग से चार शव बरामद किए गए थे, लेकिन अस्पताल ले जाए गए घायलों में से कई ने दम तोड़ दिया, जिससे यह आंकड़ा 21 तक पहुंच गया है। आग पर फिलहाल काबू पा लिया गया है।”
हादसे पर राजनीति और जांच के आदेश
दक्षिण दिल्ली के डीसीपी अनंत मित्तल ने मीडिया को बताया कि अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस और फोरेंसिक टीमें आग लगने के कारणों की बारीकी से जांच कर रही हैं। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या गैस सिलेंडर ब्लास्ट को वजह माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चलेगा।
घटनास्थल पर पहुंचे बीजेपी नेता और विधायक सतीश उपाध्याय ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा:
”यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। सुबह करीब 9 बजे सूचना मिलते ही प्रशासन, दिल्ली पुलिस, और दमकल विभाग ने मुस्तैदी से काम किया। स्थानीय लोगों का सहयोग सराहनीय रहा। घायलों का बेहतरीन इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी अवैध या असुरक्षित व्यावसायिक गतिविधियों के कारण दोबारा ऐसे हादसे न हों।”
सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर दिल्ली के रिहायशी और कमर्शियल इलाकों में चल रहे रेस्टोरेंट्स और गेस्ट हाउसों में फायर सेफ्टी (अग्निशमन सुरक्षा मानकों) की पोल खोल दी है। बेसमेंट में चल रहे रेस्टोरेंट में एग्जिट (निकासी) के पुख्ता इंतजाम थे या नहीं, और क्या बिल्डिंग के पास फायर एनओसी (NOC) थी, इन सभी बिंदुओं पर दिल्ली पुलिस और नगर निगम (MCD) जांच कर रही है।
फिलहाल, पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील है और घायलों का इलाज जारी है। प्रशासन मृतकों के परिजनों और संबंधित दूतावासों (विदेशी नागरिकों के मामले में) से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है।








