हैवानियत की हदें पार: देहरादून में नवजात जुड़वा बच्चों की मां को 10 महीने तक शौचालय में रखा कैद, गुप्तांगों पर लाठियों से हमला - Doonprimenews
अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

हैवानियत की हदें पार: देहरादून में नवजात जुड़वा बच्चों की मां को 10 महीने तक शौचालय में रखा कैद, गुप्तांगों पर लाठियों से हमला

On: June 3, 2026 7:08 AM
Follow Us:
देहरादून घरेलू हिंसा केस सेलाक्वी पुलिस जांच

​देहरादून:

देवभूमि उत्तराखंड के देहरादून से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। देहरादून के सेलाक्वी इलाके में एक 32 वर्षीय विवाहित महिला को उसके ससुराल वालों द्वारा पिछले 10 महीनों से बंधक बनाकर प्रताड़ित किए जाने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पीड़िता को न सिर्फ एक शौचालय और अंधेरे कमरे में कैद कर रखा गया, बल्कि उसे अपने ही नवजात जुड़वा बच्चों को स्तनपान कराने तक की इजाजत नहीं दी गई। इस खौफनाक दास्तां का अंत तब हुआ जब पीड़िता के सेवानिवृत्त सैनिक पिता ने पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से उसे नरक बन चुके उस घर से आजाद कराया।

हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"

​शादी के कुछ महीनों बाद ही शुरू हुआ प्रताड़ना का सिलसिला

स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता का विवाह साल 2024 में दिल्ली के एक केंद्रीय विद्यालय (केवी) में कार्यरत शिक्षक से हुआ था। विवाह के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य प्रतीत हो रहा था। पीड़िता के पिता, जो भारतीय सेना में 33 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद हवलदार पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, ने बताया कि एक बिचौलिए के माध्यम से यह रिश्ता तय हुआ था। शुरुआत में परिवार प्रतिष्ठित और सभ्य लगा, लेकिन शादी के कुछ ही महीनों बाद सास का असली रूप सामने आ गया और उन्होंने बिना किसी ठोस कारण के बहू को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।

ये भी पढ़े➜देवप्रयाग हादसा: बदरीनाथ से लौट रहे जैसलमेर के दो परिवारों की इनोवा गंगा में समाई, 3 शव बरामद, 4 अब भी लापता

​मातृत्व का अपमान: नवजात बच्चों से किया अलग, खाने में दिया ‘नमक-चावल’

​पीड़िता के पिता ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उनकी बेटी अपने मायके में ही रह रही थी। पिछले साल फरवरी (2025) में उसने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। बच्चों के जन्म के बाद ससुराल वाले केवल एक बार इस शर्त पर आए कि बच्चों को उन्हें सौंप दिया जाए।


​इसके कुछ दिनों बाद जब महिला अपने नवजात शिशुओं के साथ ससुराल पहुंची, तो उस पर अत्याचारों का पहाड़ टूट पड़ा। क्रूरता की हदें पार करते हुए ससुराल वालों ने मां को उसके कलेजे के टुकड़ों से अलग कर दिया। उसे अपने बच्चों को दूध पिलाने तक का अधिकार नहीं दिया गया। पीड़िता की मां ने रोते हुए बताया कि प्रसव जैसी संवेदनशील स्थिति के बाद भी उनकी बेटी को खाने में केवल प्याज, हरी मिर्च और नमक के साथ सादा चावल दिया जाता था, जिससे वह शारीरिक रूप से बेहद कमजोर हो गई।

​10 महीने तक शौचालय में कैद और बर्बर शारीरिक शोषण

​आरोप है कि जुलाई 2025 से लेकर मई 2026 तक महिला को एक छोटे से कमरे और कभी-कभी शौचालय के भीतर दयनीय स्थितियों में बंद रखा गया। इस दौरान उसके साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दी गईं। ससुराल वाले उस पर लाठियों, प्लास्टिक के पाइपों और बोतलों से हमला करते थे। यहाँ तक कि उसके गुप्तांगों को भी गंभीर चोटें पहुंचाई गईं। मारपीट इस कदर बेरहम थी कि बाल खींचने के कारण महिला के सिर के कई हिस्सों से खोपड़ी के बाल तक उखड़ चुके हैं।

​गंभीर आरोप: पीड़िता की मां ने यह भी आरोप लगाया कि जब भी उसका शिक्षक पति दिल्ली से घर आता था, तो वह अपनी मां और पिता के साथ मिलकर पत्नी की बेरहमी से पिटाई करता था। विरोध करने पर ससुर ने पीड़िता को धमकी दी थी कि उसने मारपीट के दौरान उसकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें खींच ली हैं, जिन्हें वह सार्वजनिक कर देगा।

​सेना के सेवानिवृत्त जवान ने इस तरह बेटी को मौत के मुंह से निकाला

​काफी समय से बेटी से संपर्क न हो पाने और कोई सुराग न मिलने के कारण चिंतित परिवार ने 26 मई को सेलाक्वी स्थित उसके ससुराल जाने का फैसला किया। वहाँ पहुंचने पर ससुराल वालों ने पहले तो उन्हें अंदर आने से रोका और दावा किया कि वह ठीक है। लेकिन शक होने पर, पिता ने स्थानीय गांव के मुखिया (प्रधान) से संपर्क किया और उनकी मदद से घर के भीतर दाखिल हुए।

​अंदर का नजारा देखकर माता-पिता का कलेजा कांप उठा। उनकी बेटी लहुलूहान, अत्यंत कमजोर और अधमरी स्थिति में कैद थी। पिता ने बिना वक्त गंवाए अपनी बेटी को उस नरक से निकाला और तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। इसके बाद सोमवार शाम को पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।

​पुलिस की कार्रवाई: पति और सास-ससुर के खिलाफ संगीन धाराओं में FIR

​इस झकझोर देने वाले मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कदम उठाया है। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पति, सास और ससुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है:

धारा (BNS)अपराध का विवरण
धारा 115 (2)स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना
धारा 127 (4)किसी व्यक्ति को गलत तरीके से बंधक या कैद बनाकर रखना
धारा 351 (2)आपराधिक धमकी देना
धारा 352शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना


पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच तेजी से चल रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा के खौफनाक चेहरे को उजागर कर दिया है, जहाँ एक शिक्षित पृष्ठभूमि (केंद्रीय विद्यालय का शिक्षक) का परिवार भी इस कदर हैवान बन गया

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

​Uttarakhand Weather Update: 3 दिन बाद फिर बदलेगा मौसम, देहरादून में गिरकर 15 डिग्री से नीचे पहुंचा रात का तापमान

​कुंजापुरी मेला विवाद: मीका सिंह ने दलेर मेहंदी के साथ हुए बर्ताव पर जताई नाराजगी, शराब के आरोपों पर किया बड़ा खुलासा

​Dehradun Kimadi Forest Skeleton Case: 93 दिनों से लापता छात्र का जंगल में मिला कंकाल, मौत का राज खोलेगी DNA रिपोर्ट

​Chardham Yatra 2026: सर्दियों के लिए कब बंद होंगे गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ के कपाट? जानिए पूरी तारीखें

Pithoragarh News

Pithoragarh News: नौलिंग बजैण मंदिर में 1008 दीपों का दीपदान, कुमाऊंनी वेशभूषा में सजी महिलाओं ने बढ़ाई भव्यता

Uttarakhand Politics

Uttarakhand Politics: क्या चुनाव से पहले BJP को लगेगा दूसरा झटका? हरक सिंह रावत के दावे से बढ़ी हलचल

Leave a Comment