मुंबई
अपराध की दुनिया से अक्सर ऐसी खौफनाक कहानियां सामने आती हैं, जो न सिर्फ कानून व्यवस्था को चुनौती देती हैं, बल्कि इंसानी रिश्तों पर से भी भरोसा उठा देती हैं। उत्तर प्रदेश के मेरठ का वह कुख्यात ‘नीला ड्रम कांड’ तो आपको याद ही होगा, जहां मुस्कान नाम की महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की थी और शव को सीमेंट के साथ ड्रम में कंक्रीट की तरह जमा दिया था।
ठीक उसी खौफनाक ढर्रे पर अब आर्थिक राजधानी मुंबई से सटे मुंब्रा इलाके में एक दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया गया है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार साजिश की शिकार पत्नी नहीं, बल्कि महिला का प्रेमी बना है।
एक महिला ने अपने पति, भाई और एक अन्य साथी के साथ मिलकर ऐसी खौफनाक साजिश रची, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। आरोपियों ने पहले युवक को जाल में फंसाया, उसकी बेरहमी से जान ली और फिर सबूत मिटाने के लिए लाश को एक हरे रंग के प्लास्टिक ड्रम में ठूंसकर गंदे नाले में फेंक दिया।
दादर जाने की बात कहकर निकला था अरबाज, फिर कभी नहीं लौटा
इस पूरे रूह कंपा देने वाले मामले की शुरुआत एक गुमशुदगी की रिपोर्ट से हुई थी। मुंब्रा का रहने वाला अरबाज मकसूद अली खान (उम्र करीब 22-25 वर्ष) एक दिन अपने परिवार से यह कहकर निकला था कि वह किसी काम से दादर जा रहा है। जब वह देर रात तक घर वापस नहीं लौटा, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। अरबाज का मोबाइल फोन भी लगातार बंद आ रहा था।
रिश्तेदारों, दोस्तों और हर संभावित जगह पर काफी खोजबीन करने के बाद भी जब अरबाज का कोई सुराग नहीं मिला, तो उसके परेशान पिता ने मुंब्रा पुलिस स्टेशन का रुख किया। पिता की शिकायत पर पुलिस ने शुरुआती तौर पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन किसे पता था कि इस गुमशुदगी के पीछे एक खौफनाक कत्ल की दास्तान छिपी है।
मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स (CDR) ने खोला ‘अंधे कत्ल’ का राज
मुंब्रा पुलिस के सामने शुरुआत में यह एक पूरी तरह से ‘ब्लाइंड केस’ था। पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए सबसे पहले अरबाज के मोबाइल की कॉल डिटेल्स (CDR) और उसकी आखिरी लोकेशन को खंगालना शुरू किया। यहीं से पुलिस को पहला बड़ा सुराग हाथ लगा। तकनीकी जांच में सामने आया कि गायब होने वाले दिन अरबाज की आखिरी लोकेशन वर्सोवा इलाके में थी।
चौंकाने वाली बात यह थी कि ठीक उसी समय और उसी दायरे में उसकी प्रेमिका मेहजबीन शेख की मोबाइल लोकेशन भी पाई गई थी। घटना के वक्त दोनों का एक ही जगह होना पुलिस के शक को पुख्ता कर गया। इसी पुख्ता संदेह के आधार पर मुंब्रा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मेहजबीन को हिरासत में ले लिया।
शुरुआत में मेहजबीन बेहद शातिर अपराधी की तरह बर्ताव कर रही थी। वह पुलिस को गुमराह करने के लिए लगातार झूठी कहानियां गढ़ती रही और खुद को बेकसूर बताती रही। लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी सबूत सामने रखे और कड़ाई से पूछताछ की, तो वह ज्यादा देर टिक नहीं पाई। उसने टूटकर जो सच उगला, उसने तफ्तीश कर रहे अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए।
पैसे ऐंठने का प्लान और बर्बरता की सारी हदें पार
मेहजबीन ने पुलिसिया पूछताछ में कबूल किया कि अरबाज की हत्या कोई अचानक उठाया गया कदम नहीं था, बल्कि यह सब एक सोची-समझी और सुनियोजित साजिश के तहत किया गया था। मेहजबीन का अरबाज के साथ प्रेम प्रसंग था, लेकिन इस बात की जानकारी उसके पति हसन को हो चुकी थी।
हसन ने अपनी पत्नी के प्रेमी को रास्ते से हटाने और साथ ही उससे मोटी रकम ऐंठने का एक खतरनाक प्लान तैयार किया। इस साजिश में मेहजबीन का भाई तारिक शेख और उनका एक दोस्त मुजम्मल पठान भी शामिल हो गए।
साजिश के मुताबिक, मेहजबीन ने पैसों का बहाना बनाकर अरबाज को वर्सोवा इलाके में मिलने के लिए बुलाया। अरबाज बिना किसी डर के वहां पहुंच गया, लेकिन वहां पहले से ही मौत का जाल बिछा हुआ था। जैसे ही अरबाज वहां पहुंचा, आरोपियों ने उसे बंधक बना लिया। जब आरोपियों को अरबाज से मोटी रकम नहीं मिली, तो वे आगबबूला हो गए और उन्होंने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं।
अरबाज के हाथ-पैर रस्सी से बेरहमी से बांध दिए गए। इसके बाद आरोपियों ने प्लास्टिक के भारी-भरकम पाइप से उसे तब तक बेतहाशा पीटा, जब तक कि उसकी सांसें हमेशा के लिए नहीं थम गईं। अरबाज दर्द से चीखता रहा, लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा।
हरे ड्रम में बंद कर नाले में फेंका शव
हत्या को अंजाम देने के बाद सबसे बड़ी चुनौती लाश को ठिकाने लगाने की थी। इसके लिए आरोपी पहले से ही तैयारी में थे। वे बाजार से एक बड़ा हरे रंग का प्लास्टिक का ड्रम खरीदकर लाए। अरबाज के शव को उस ड्रम के भीतर बेहद अमानवीय तरीके से ठूंसा गया और उसका ढक्कन कसकर बंद कर दिया गया।
पहचान छुपाने और पुलिस की नजरों से बचने के लिए आरोपी उस भारी ड्रम को मुंब्रा के एक सुनसान और गंदे नाले के पास ले गए और उसे पानी में फेंक दिया, ताकि लाश सड़ जाए और किसी को कभी पता न चले।
प्रेमिका और भाई सलाखों के पीछे, पति अब भी फरार
मुंब्रा पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित तकनीकी तफ्तीश की वजह से इस ब्लाइंड मर्डर केस का चंद दिनों में ही पर्दाफाश हो गया। मेहजबीन की निशानदेही पर पुलिस ने मुंब्रा के नाले से शव से भरा वह हरा ड्रम बरामद कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी प्रेमिका मेहजबीन शेख और उसके भाई तारिक शेख को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है। हालांकि, इस घिनौने और बर्बर अपराध में शामिल मेहजबीन का पति हसन और उनका साथी मुजम्मल पठान अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या, अपहरण, आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने जैसी कई संगीन और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
मुंब्रा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। जल्द ही बाकी आरोपी भी कानून के शिकंजे में होंगे।










