नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इन दिनों दिल्ली के दौरे पर हैं, जहाँ वे राज्य के विकास और आगामी चुनौतियों को लेकर केंद्रीय मंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कर रहे हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री धामी ने नई दिल्ली स्थित ‘कर्तव्य भवन’ में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक में सीएम धामी ने उत्तराखंड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और वर्तमान में चल रही भव्य चारधाम यात्रा के मद्देनजर एलपीजी (LPG) गैस की निर्बाध आपूर्ति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
चारधाम यात्रा: लाखों श्रद्धालुओं की आमद और बढ़ती मांग
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि उत्तराखंड में अप्रैल से नवंबर तक चलने वाली चारधाम यात्रा न केवल राज्य की सांस्कृतिक पहचान है, बल्कि यह राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी है। इस वर्ष यात्रा में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है, जिससे व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की मांग में भारी उछाल आया है।
सीएम ने बैठक में प्रमुख आंकड़े पेश किए:
- अनुमानित मांग: यात्रा सीजन के दौरान राज्य को लगभग 9,67,949 व्यावसायिक सिलेंडरों की आवश्यकता होती है।
- 100% आपूर्ति का आग्रह: यात्रा के सुचारू संचालन और होटलों/ढाबों में आने वाले लाखों यात्रियों की सुविधा के लिए आपूर्ति को 100 प्रतिशत बनाए रखने की मांग की गई है।
- यात्रियों की संख्या: 19 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में अब तक 2.97 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। अकेले 26 अप्रैल को ही 59 हजार से ज्यादा भक्तों ने मत्था टेका।
आपदा प्रबंधन के लिए 5% अतिरिक्त सुरक्षित कोटा
उत्तराखंड की संवेदनशीलता को देखते हुए सीएम धामी ने एक दूरदर्शी प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि जून से सितंबर के बीच मॉनसून के दौरान राज्य में भूस्खलन और दैवीय आपदाओं का खतरा बना रहता है। दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए ईंधन की उपलब्धता अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि आपदा प्रबंधन और त्वरित राहत कार्यों के लिए राज्य को 5 प्रतिशत अतिरिक्त (लगभग 48,397 सिलेंडर) का आवंटन सुनिश्चित किया जाए। इससे विषम परिस्थितियों में भी राहत शिविरों और प्रभावित क्षेत्रों में भोजन व अन्य बुनियादी सुविधाओं में बाधा नहीं आएगी।
पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था पर जोर
चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड की पूरी आर्थिकी पर्यटन, तीर्थाटन और साहसिक खेलों पर टिकी है। चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह राज्य सरकार की प्राथमिकता है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सीएम धामी के सभी प्रस्तावों को ध्यानपूर्वक सुना और इन पर सकारात्मक कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार उत्तराखंड के हितों और चारधाम यात्रा की सफलता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उत्तराखंड के ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ की ब्रांडिंग: हेमा मालिनी से मुलाकात
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने मथुरा की सांसद और प्रसिद्ध अभिनेत्री हेमा मालिनी से भी शिष्टाचार भेंट की। उत्तराखंड निवास में हुई इस मुलाकात के दौरान सीएम ने देवभूमि के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की अपनी मुहिम को आगे बढ़ाया।
उन्होंने हेमा मालिनी को उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों के अंब्रेला ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के विशेष उत्पाद उपहार स्वरूप भेंट किए। सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्य के स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार किए गए ये उत्पाद गुणवत्ता और शुद्धता का प्रतीक हैं।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह दिल्ली दौरा चारधाम यात्रा के प्रबंधन और राज्य के उत्पादों की ब्रांडिंग के लिहाज से बेहद सफल माना जा रहा है। केंद्र से मिलने वाले एलपीजी के अतिरिक्त सहयोग से यात्रा मार्गों पर रसद और खान-पान की व्यवस्थाएं और अधिक मजबूत होंगी, जिससे श्रद्धालुओं का अनुभव सुखद और सुरक्षित बनेगा।







