फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ इटावा-बरेली हाईवे पर सोमवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब सवारियों से खचाखच भरा एक ऑटो गलत दिशा (Wrong Side) से आ रहा था और सामने से आ रहे तेज रफ्तार डीसीएम ट्रक से टकरा गया। इस टक्कर में एक दंपती और एक 16 माह के मासूम बच्चे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि आठ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
जमापुर मोड़ के पास मची चीख-पुकार
जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे की है। कमालगंज क्षेत्र के गांव हव्वापुर निवासी रामकरन अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ एक ऑटो में सवार होकर शाहजहांपुर जिले के अल्लापुर थाना क्षेत्र के गांव मनिहार जा रहे थे। ऑटो को गांव का ही दिलीप कुमार चला रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ऑटो में क्षमता से तीन गुना ज्यादा यानी लगभग 13 सवारियां बैठी हुई थीं। जैसे ही ऑटो इटावा-बरेली हाईवे पर जमापुर मोड़ के पास पहुंचा, चालक ने शॉर्टकट के चक्कर में ऑटो को हाईवे की गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में डाल दिया। इसी दौरान सामने से आ रहे डीसीएम ट्रक और ऑटो के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और सवारियां सड़क पर बिखर गईं।
इन लोगों ने गंवाई जान
हादसे में तीन लोगों की असमय मौत ने दो परिवारों को उजाड़ दिया है। मृतकों में शामिल हैं:
- सतेंद्र कुमार: (निवासी हव्वापुर, कमालगंज)
- तनू: (सतेंद्र कुमार की पत्नी)
- युवराज (16 माह): (रामकरन का पुत्र)
इस हादसे में पति-पत्नी की एक साथ मौत होने से गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं, 16 माह के मासूम युवराज की मौत ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं।
घायलों की स्थिति नाजुक, सैफई रेफर
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय राहगीरों और पुलिस ने मिलकर ऑटो में फंसे घायलों को बाहर निकाला। सभी घायलों को तत्काल सीएचसी राजेपुर और फिर जिला अस्पताल डॉ. राममनोहर लोहिया रेफर किया गया। घायलों की सूची में शामिल हैं:
- रामकरन और उनकी पत्नी पुष्पा देवी
- अंशू, उनकी पत्नी बिट्टा और पुत्र राज
- चालक दिलीप, पवन, नन्हीं, रमेश चंद्र और अन्य।
डॉक्टरों ने बताया कि घायलों में पुष्पा देवी और नन्हीं की हालत बेहद चिंताजनक थी, जिसके कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई रेफर कर दिया गया है।
अन्य घायलों का उपचार लोहिया अस्पताल में जारी है।
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प्रशासनिक अमला पहुंचा अस्पताल, यातायात कराया बहाल
हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी (DM) डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक (SP) आरती सिंह ने डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। डीएम ने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि घायलों के उपचार में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए।
सड़क पर हुए इस हादसे के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद बैक-हो लोडर (JCB) की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटवाया और करीब एक घंटे बाद यातायात को सामान्य कराया।
लापरवाही ने ली जान:
ओवरलोडिंग और रॉन्ग साइड ड्राइविंग
यह हादसा एक बार फिर यातायात नियमों की अनदेखी की ओर इशारा करता है। पुलिस जांच में दो मुख्य बातें सामने आई हैं:
- ओवरलोडिंग: ऑटो में 13 सवारियां थीं, जो उसकी क्षमता से कहीं अधिक थीं। इससे वाहन का संतुलन बिगड़ने का खतरा हमेशा बना रहता है।
- रॉन्ग साइड ड्राइविंग: चालक ने चंद मिनट बचाने के लिए गलत दिशा में ऑटो चलाया, जो इस दर्दनाक हादसे का मुख्य कारण बना।
अधिकारियों का बयान
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि, “हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया ऑटो चालक द्वारा गलत दिशा में वाहन चलाना हादसे की वजह सामने आई है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है। घायलों का उचित उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।”
इस दुखद घटना ने हाईवे सुरक्षा और यातायात पुलिस की चेकिंग पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि कैसे एक ऑटो क्षमता से तीन गुना सवारियां भरकर मुख्य हाईवे पर इतनी दूर तक पहुँच गया।











