खटीमा (उधम सिंह नगर)। उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के सीमांत क्षेत्र खटीमा से एक बेहद हृदयविदारक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ रविवार रात एक मैरिज हॉल में शहनाइयों की गूंज देखते ही देखते चीख-पुकार और मातम में बदल गई। निकाह के ऐन वक्त पर दूल्हा पक्ष की तरफ से बढ़ी दहेज की डिमांड और मेहर की रकम को लेकर उपजे विवाद ने एक लाचार पिता की जान ले ली।
दूल्हे की अड़ियल और लालची मांग को सुनकर सदमे में आए दुल्हन के पिता को दिल का दौरा पड़ गया, जिससे उनकी मौत हो गई। पिता की मौत की खबर फैलते ही विवाह स्थल पर कोहराम मच गया और आक्रोशित स्थानीय लोगों ने दूल्हे सहित कई बारातियों को बंधक बनाकर जमकर धुनाई कर दी। हालात इस कदर बेकाबू हुए कि कई बारातियों को छतों से कूदकर अपनी जान बचानी पड़ी।
स्वागत की खुशियाँ, निकाह की मेज पर बनीं मातम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना खटीमा के वार्ड नंबर-7 स्थित इस्लामनगर के ‘खुशबू मैरिज हॉल’ की है। यहाँ बरेली के बड़ा फरीदपुर निवासी सादिक ठेकेदार की पुत्री के निकाह का कार्यक्रम चल रहा था। उत्तर प्रदेश के बरेली से आई बारात का लड़की पक्ष ने बड़े ही गर्मजोशी और अदब के साथ स्वागत किया था।
खान-पान और स्वागत सत्कार के दौरान हर तरफ उल्लास का माहौल था। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि कुछ ही पलों बाद यह शादी का घर एक गहरे सदमे और कानूनी बवाल का केंद्र बन जाएगा।
विवाद की शुरुआत निकाह की रस्म के दौरान मेहर (निकाह के समय दुल्हन को दी जाने वाली सुरक्षा राशि) और दहेज की शर्तों को लेकर हुई। दोनों पक्ष जब आमने-सामने बैठे, तो बातचीत का रुख अचानक बदल गया और देखते ही देखते शांति का माहौल गरमा गया।
पहले स्कूटी, फिर स्पोर्ट्स बाइक और नकद: लालच की बढ़ती फेहरिस्त
लड़की पक्ष और परिजनों का आरोप है कि रिश्ता तय होने के बाद से ही लड़का पक्ष की नीयत बदलती रही और वे लगातार अपनी मांगें बढ़ाते चले गए। शादी के शुरुआती दौर में लड़का पक्ष की ओर से एक स्कूटी की मांग रखी गई थी, जिसे लड़की के पिता ने स्वीकार कर लिया था। लेकिन निकाह के ठीक पहले दूल्हा पक्ष अपनी बात से मुकर गया और स्कूटी की जगह एक महंगी स्पोर्ट्स बाइक और साथ में एक लाख रुपये नकद की अतिरिक्त मांग पर अड़ गया।
विवाद केवल दहेज तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि मेहर की रकम को लेकर भी दोनों पक्षों में ठन गई। लड़की पक्ष का कहना था कि सामाजिक और पारिवारिक सुरक्षा के लिहाज से मेहर की रकम 5 लाख रुपये तय की जानी चाहिए। इसके उलट, दूल्हा पक्ष मात्र 21 हजार रुपये की मेहर पर अड़ा रहा। काफी देर तक दोनों पक्षों के प्रबुद्ध लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन दूल्हा पक्ष अपनी मांगों से टस से मस नहीं हुआ।
अपमान और तनाव नहीं सह पाए पिता, तोड़ा दम
बेटी के निकाह के मंडप पर दूल्हा पक्ष की इस हठधर्मिता और सरेआम हो रही पैसों की नुमाइश ने दुल्हन के पिता सादिक ठेकेदार को भीतर तक तोड़ दिया। एक मध्यवर्गीय पिता के लिए ऐन वक्त पर इतनी बड़ी मांग पूरी करना असंभव था। इस तीखी बहस और समाज के सामने हो रहे मानसिक उत्पीड़न के कारण उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। अत्यधिक तनाव के चलते सादिक को विवाह स्थल पर ही दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ गया।
उन्हें आनन-फानन में मैरिज हॉल से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जैसे ही यह खबर खुशबू मैरिज हॉल में पहुंची, वैसे ही शादी की खुशियाँ आंसुओं और भारी आक्रोश में तब्दील हो गईं।
आक्रोशित भीड़ का फूटा गुस्सा: दूल्हा और रिश्तेदार बने बंधक
एक हंसते-खेलते पिता की लालच के कारण हुई मौत ने लड़की पक्ष और स्थानीय मोहल्ले के लोगों को भीतर तक झकझोर दिया। देखते ही देखते मैरिज हॉल का माहौल बेहद तनावपूर्ण और हिंसक हो उठा। गुस्साए परिजनों और स्थानीय युवाओं की भीड़ ने दूल्हे मोहम्मद आरिफ, उसके भाई मोहम्मद खालिद और बहनोई अता हुसैन समेत कई मुख्य बारातियों को एक कमरे में बंधक बना लिया।
भीड़ का गुस्सा इस कदर चरम पर था कि उन्होंने बंधक बनाए गए दूल्हे और उसके परिजनों की जमकर पिटाई कर दी। मैरिज हॉल के भीतर रखे सोफे और कुर्सियां तोड़ दी गईं। चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल बन गया और निकाह स्थल एक युद्ध के मैदान जैसा नजर आने लगा।
जान बचाने के लिए छतों से कूदे बाराती
स्थानीय लोगों के इस उग्र रूप को देखकर अन्य बारातियों के हाथ-पांव फूल गए। मैरिज हॉल के मुख्य द्वार पर गुस्साए लोगों का पहरा होने के कारण बारातियों को भागने का कोई रास्ता नहीं सूझा। अपनी जान बचाने के फेर में कई बाराती मैरिज हॉल से सटे एक निजी मकान की छत पर चढ़ गए और वहाँ से नीचे कूदने लगे।
हड़बड़ाहट में छत से कूदने के कारण मकान की छत का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे कुछ बारातियों को गंभीर चोटें आने की भी सूचना है। जो बाराती सज-धजकर शादी का जश्न मनाने आए थे, वे रात के अंधेरे में अपनी जान की भीख मांगते हुए गलियों में भागते नजर आए।
भारी पुलिस बल ने संभाला मोर्चा, इलाके में तनाव
घटना की संवेदनशीलता और बवाल की सूचना मिलते ही खटीमा कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (कोतवाल) विजेंद्र शाह भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले उग्र भीड़ के बीच फंसे बंधक दूल्हे, उसके भाई और बहनोई को अपनी कस्टडी में लिया। इसके साथ ही मैरिज हॉल में फंसीं महिला बारातियों, बच्चों और अन्य बुजुर्गों को सुरक्षा घेरा देकर सकुशल बाहर निकाला और गंतव्य के लिए रवाना किया।
देर रात तक मैरिज हॉल और आसपास के इलाके में सन्नाटा पसरा रहा, लेकिन तनाव को देखते हुए एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात रखा गया है। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में दोनों पक्षों के वरिष्ठ लोगों के बीच समझौते को लेकर बातचीत का दौर भी चलता रहा।
क्या कहती है पुलिस?
मामले की जानकारी देते हुए खटीमा के कोतवाल विजेंद्र शाह ने बताया:
”निकाह के दौरान दहेज और मेहर की रकम के विवाद में एक व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत और उसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट व हंगामे का मामला सामने आया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया था। वर्तमान में मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यदि दोनों पक्षों के बीच कोई कानूनी या सामाजिक समझौता नहीं होता है, तो पीड़ित पक्ष की ओर से मिलने वाली तहरीर (शिकायत) के आधार पर दहेज उत्पीड़न, गैर-इरादतन हत्या और अन्य सुसंगत धाराओं में सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”
यह घटना समाज के माथे पर लगे दहेज रूपी उस कलंक को एक बार फिर उजागर करती है, जो आज भी मासूम जिंदगियों और हंसते-खेलते परिवारों को लील रहा है। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में इस दुखद घटना को लेकर शोक और आक्रोश की लहर है।







