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पौड़ी गढ़वाल में गुलदार का खौफनाक तांडव: घास लेने गई 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला को दिनदहाड़े बनाया निवाला, सिर धड़ से किया अलग; ग्रामीणों में भारी आक्रोश

On: June 9, 2026 11:23 AM
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​मुख्य बिंदु:

  • ​कोट विकासखंड के वाडियूं गांव (सितोनस्यूं पट्टी) में दिल दहला देने वाली वारदात।
  • ​घात लगाए बैठे गुलदार ने 60 वर्षीय प्रभा देवी पर किया जानलेवा हमला, शव को खंडहर में घसीटकर नोचा।
  • ​घटना से भड़के ग्रामीणों ने वन विभाग को घेरा, गुलदार को ‘आदमखोर’ घोषित कर तुरंत पकड़ने की मांग।

​पौड़ी गढ़वाल:

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानव और वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) थमता नजर नहीं आ रहा है। पौड़ी गढ़वाल जिले से एक बेहद दर्दनाक और रूह कँपा देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक आदमखोर गुलदार (तेंदुए) ने दिनदहाड़े एक बुजुर्ग महिला को अपना निवाला बना लिया।

हमला इतना वीभत्स था कि गुलदार ने महिला का सिर धड़ से अलग कर दिया और शव को घसीटकर एक सुनसान खंडहर में ले जाकर नोचने लगा। इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत और सन्नाटा पसरा हुआ है, वहीं वन विभाग के खिलाफ स्थानीय जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

​घर से महज 200 मीटर की दूरी पर घात लगाकर बैठा था गुलदार

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार (9 जून) दोपहर की है। जिला मुख्यालय पौड़ी के अंतर्गत आने वाले कोट विकासखंड की सितोनस्यूं पट्टी स्थित ग्राम पंचायत वड्डा के वाडियूं (वाड़ी) गांव की रहने वाली 60 वर्षीय प्रभा देवी रोजाना की तरह अपने मवेशियों के लिए घास लेने निकली थीं।


​वह अपने घर से महज 200 मीटर की दूरी पर खेतों के पास पहुंची ही थीं कि झाड़ियों में पहले से घात लगाकर बैठे गुलदार ने उन पर अचानक जानलेवा हमला बोल दिया। एकांत पाकर गुलदार ने महिला के गले पर सीधा वार किया, जिससे उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। गुलदार ने अत्यंत क्रूरता के साथ महिला का सिर धड़ से अलग कर दिया।

​खंडहर में शव को नोचता दिखा गुलदार, ग्रामीणों के उड़े होश

​जब प्रभा देवी दोपहर बीत जाने के बाद भी काफी देर तक घर नहीं लौटीं, तो परिजनों को चिंता होने लगी। अनहोनी की आशंका के चलते परिजनों और ग्रामीणों ने मिलकर उनकी तलाश शुरू की। खेतों और झाड़ियों में खोजबीन करते हुए ग्रामीण जब आगे बढ़े, तो उनके सामने जो मंजर आया उसने हर किसी के होश उड़ा दिए।


​गुलदार प्रभा देवी के शव को हमले वाली जगह से करीब 50 मीटर ऊपर एक पुराने, निर्जन पड़े खंडहर मकान के भीतर घसीटकर ले गया था। ग्रामीण जब वहां पहुंचे, तो गुलदार शव को नोचकर खा रहा था। यह भयानक दृश्य देखकर ग्रामीणों ने लाठी-डंडों के साथ जोर-जोर से शोर मचाना और हल्ला करना शुरू किया। भारी शोर-शराबा सुनकर गुलदार घबरा गया और शव को वहीं छोड़कर तेजी से घने जंगलों की तरफ भाग निकला।

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​वन विभाग और प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

​घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में कोहराम मच गया। सूचना पाकर वन विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और शव को अपने कब्जे में लिया। हालांकि, मौके पर पहुंची टीम को ग्रामीणों के भारी जन-आक्रोश और विरोध का सामना करना पड़ा।

ग्रामीणों की मुख्य मांगें और शिकायतें

आदमखोर घोषित करना: ग्रामीणों की मांग है कि इस गुलदार को तुरंत ‘आदमखोर’ घोषित किया जाए।

पिंजरा लगाने की मांग: क्षेत्र में तुरंत शिकारी टीम तैनात की जाए और गुलदार को पकड़ने या मारने की कार्रवाई हो।

मुआवजा और सुरक्षा: पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा मिले और गांव में गश्त बढ़ाई जाए।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की सक्रियता बनी हुई थी और वन विभाग को इसकी लगातार सूचना दी जा रही थी। इसके बावजूद विभाग ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए, जिसके कारण आज एक बुजुर्ग महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी।

​उत्तराखंड के पर्वतीय गांवों में बढ़ता वन्यजीवों का आतंक

​यह कोई पहला मामला नहीं है जब पौड़ी गढ़वाल या उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में किसी जंगली जानवर ने इंसानों को निशाना बनाया हो। आए दिन गुलदार, भालू और बाघ जैसे हिंसक जानवर भोजन और पानी की तलाश में रिहायशी इलाकों की तरफ रुख कर रहे हैं।


​अभी कुछ ही दिनों पहले इसी जिले से एक और मामला सामने आया था, जहाँ एक गुलदार रात के अंधेरे में मुर्गी के बाड़े में घुस गया था और करीब 10 मुर्गियों को मार डाला था। जंगलों के करीब बसे गांवों में अब लोग शाम ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। बच्चे और बुजुर्ग अकेले बाहर निकलने से कतरा रहे हैं।

​वन विभाग की अपील: अकेले न जाएं जंगल

​इस वीभत्स घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने दुख व्यक्त करते हुए ग्रामीणों से बेहद सतर्क रहने की अपील की है। मुख्य सुरक्षात्मक निर्देश इस प्रकार जारी किए गए हैं:

  • ​अकेले बाहर न निकलें: महिलाएं और बुजुर्ग जंगलों या एकांत खेतों में घास-लकड़ी लेने अकेले बिल्कुल न जाएं, हमेशा समूह (ग्रुप) में रहें।
  • ​हाथ में रखें लाठी या दराती: खेतों में काम करते समय अपने पास कोई न कोई सुरक्षा उपकरण या लाठी जरूर रखें और लगातार आवाज करते रहें।
  • ​शाम के समय कड़ाई: शाम ढलने के बाद बच्चों को घरों से बाहर न निकलने दें और गांव के रास्तों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखें।

​विभागीय अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि गुलदार की हरकतों पर नजर रखने के लिए क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार जल्द ही पिंजरा लगाकर इसे काबू में करने के प्रयास किए जाएंगे। बहरहाल, इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और वन्यजीव प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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