हाईलाइट्स:
- वारदात: यमुनानगर के मेजा थाना क्षेत्र के कुकुरकटवा गांव में हुई दिल दहला देने वाली घटना।
- मारे गए लोग: 70 वर्षीय श्यामलाल, उनकी पत्नी मंजू देवी और भाभी की सोते समय बेरहमी से हत्या।
- आशंका: एक महीने पहले घर से गई लड़की के विवाद और पुरानी रंजिश से जोड़कर देखी जा रही है घटना।
- कार्रवाई: डीसीपी यमुनानगर, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर मुस्तैद, जांच तेज।
प्रयागराज (ब्यूरो)।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (यमुनानगर) जिले से एक बार फिर दिल दहला देने वाली कानून-व्यवस्था को चुनौती देती हुई बड़ी खबर सामने आई है। मेजा थाना क्षेत्र के एक सुदूर गांव में बीती रात अज्ञात हमलावरों ने एक ही परिवार के तीन बुजुर्ग सदस्यों की सोते समय ईंट और पत्थरों से सिर कुचलकर नृशंस हत्या कर दी।
मंगलवार की सुबह जैसे ही इस तिहरे हत्याकांड की भनक ग्रामीणों को लगी, पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में उच्चाधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
कच्चे मकान के दरवाजे पर मिले खून से सने शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेजा थाना क्षेत्र के कुकुरकटवा गांव में रहने वाले 70 वर्षीय श्यामलाल उर्फ कल्लू, उनकी पत्नी मंजू देवी (65 वर्ष) और श्यामलाल की बुजुर्ग भाभी सोमवार की रात रोज की तरह अपने कच्चे मकान के बाहर और भीतर सो रहे थे। यह परिवार बेहद गरीब पृष्ठभूमि से आता है और मेहनत-मजदूरी करके अपना जीवन यापन करता था।
मंगलवार की सुबह जब काफी देर तक घर में कोई हलचल नहीं हुई, तो पड़ोसियों ने जाकर देखा। वहां का नजारा बेहद खौफनाक था। तीनों बुजुर्गों के शव खून से लथपथ हालत में मकान के दरवाजे और परिसर के पास पड़े हुए थे। हमलावरों ने इतनी बेरहमी से वार किया था कि तीनों के चेहरे और सिर पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुके थे। ग्रामीणों ने तुरंत इस बात की जानकारी स्थानीय मेजा थाना पुलिस को दी।
फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड ने संभाला मोर्चा
तिहरे हत्याकांड की संवेदनशील सूचना मिलते ही पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) यमुनानगर सहित भारी संख्या में पुलिस बल कुकुरकटवा गांव पहुंच गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मौके पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम और डॉग स्क्वायड को बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल के आसपास से ईंट, पत्थरों के टुकड़े और उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) सहित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं।
खोजी कुत्तों की मदद से भी हमलावरों के भागने के रूट का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। प्रथम दृष्टया जांच में यह बात सामने आई है कि सोते समय भारी ईंट-पत्थरों से सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार करके इस वारदात को अंजाम दिया गया है।
लूटपाट की थ्योरी खारिज, रंजिश पर गहराया शक
पुलिस के अनुसार, मृतक परिवार बेहद आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। घर की स्थिति को देखते हुए और शुरुआती छानबीन के बाद पुलिस ने लूटपाट के इरादे से हत्या किए जाने की थ्योरी को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। घर का सारा सामान सुरक्षित पाया गया है, जिससे यह साफ होता है कि हमलावर किसी विशेष दुर्भावना या रंजिश के तहत केवल जान लेने के इरादे से ही घर में दाखिल हुए थे।
एक महीने पुराना ‘लड़की का विवाद’ आया सामने
इस तिहरे हत्याकांड के पीछे पुलिस को एक मजबूत सुराग हाथ लगा है। ग्रामीणों और पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, करीब एक महीना पहले इस परिवार की एक लड़की किसी के साथ घर छोड़कर चली गई थी। इस घटना को लेकर परिवार का कुछ लोगों के साथ गंभीर विवाद और तनाव चल रहा था।
गांव में इसे लेकर लगातार सामाजिक और व्यक्तिगत स्तर पर रंजिश गहराती जा रही थी। पुलिस अब इस सामूहिक हत्याकांड को सीधे तौर पर उसी विवाद और ‘ऑनर किलिंग’ या प्रतिशोध के कोण से जोड़कर देख रही है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी?
घटना के संबंध में जानकारी देते हुए डीसीपी यमुनानगर ने बताया, “मेजा थाना क्षेत्र के कुकुरकटवा गांव में एक ही परिवार के तीन वृद्ध सदस्यों के शव मिले हैं। प्रथम दृष्टया सिर पर भारी वस्तु या ईंट-पत्थर से वार कर हत्या की बात सामने आई है। लूटपाट जैसी कोई बात नहीं है।
परिवार में एक महीने पूर्व लड़की से जुड़ा एक विवाद सामने आया है, जिसे मुख्य आधार मानकर जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”
गांव में पसरा सन्नाटा, तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात
इस वीभत्स घटना के बाद से कुकुरकटवा गांव सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में गहरा सन्नाटा और दहशत का माहौल है। तीन बुजुर्गों की एक साथ इस तरह निर्मम हत्या से ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा जा रहा है।
एहतियात के तौर पर गांव में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रहे। पुलिस मृतकों के अन्य रिश्तेदारों और पड़ोसियों से भी पूछताछ कर रही है ताकि हाल के दिनों में हुए किसी भी छोटे-बड़े झगड़े की कड़ियों को जोड़ा जा सके।











