नरसिंहपुर/रायसेन। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां प्रेम संबंधों के उलझे जाल ने एक युवक की जान ले ली। साईखेड़ा में रहने वाली एक महिला ने अपने पूर्व प्रेमी के साथ मिलकर राजस्थान से आए अपने नए प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर दी और शव को दूसरे जिले में फेंक दिया। रायसेन और नरसिंहपुर पुलिस के संयुक्त प्रयासों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया गया है।
हत्या का सनसनीखेज खुलासा
रायसेन पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरे हत्याकांड का विस्तार से विवरण साझा किया। पुलिस ने मुख्य आरोपी महिला रीना किरार (निवासी साईखेड़ा, नरसिंहपुर), उसके पूर्व प्रेमी अरुण पटेल और उनके एक अन्य सहयोगी हरनाम किरार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने न केवल हत्या की बात स्वीकार की है, बल्कि यह भी बताया कि कैसे उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया और साक्ष्य मिटाने की कोशिश की।
फेसबुक से शुरू हुई ‘मौत की दोस्ती’
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी रीना किरार को उसका पति काफी समय पहले छोड़ चुका था। वह अकेली रहती थी और उसका अरुण पटेल नामक युवक से पुराना प्रेम संबंध था। अरुण ही रीना के घर का पूरा खर्च उठाता था। इस बीच, रीना की दोस्ती सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी वीरू जाट से हो गई।
फेसबुक पर शुरू हुई यह दोस्ती जल्द ही प्यार में बदल गई और वीरू जाट का अक्सर रीना से मिलने के लिए राजस्थान से साईखेड़ा आना-जाना शुरू हो गया। जब इस बात की भनक रीना के पूर्व प्रेमी अरुण पटेल को लगी, तो उसने इसे अपनी प्रतिष्ठा और संबंधों पर चोट माना। अरुण ने रीना पर दबाव बनाया और दोनों ने मिलकर वीरू को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
29 अप्रैल की वह खूनी रात
साजिश के तहत, 29 अप्रैल को रीना ने वीरू जाट को राजस्थान से मिलने के बहाने अपने घर बुलाया। वीरू बेखबर होकर अपने प्यार से मिलने साईखेड़ा पहुंचा, लेकिन उसे नहीं पता था कि वहां उसकी मौत का सामान तैयार है। जब वीरू घर के भीतर दाखिल हुआ, तो वहां अरुण पटेल और हरनाम किरार पहले से ही छिपे हुए थे।
जैसे ही वीरू सोफे पर बैठा, आरोपियों ने उस पर हमला बोल दिया। रीना और अरुण ने योजना के अनुसार बेसबॉल बैट से वीरू के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। सिर में गंभीर चोट लगने और अत्यधिक खून बहने के कारण वीरू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घर की दीवारों पर बिखरा खून इस खौफनाक वारदात की गवाही दे रहा था।
शव को ठिकाने लगाने का फिल्मी तरीका
हत्या के बाद आरोपियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती शव को ठिकाने लगाने की थी। उन्होंने शव को एक बड़ी बोरी में भरकर कार की डिक्की में रख दिया। पुलिस को चकमा देने के लिए वे शव को नरसिंहपुर से दूर रायसेन जिले के बाड़ी थाना क्षेत्र में ले गए। वहां टेडिया पुल (नागिन मोड़ सिरवारा ब्रिज) के नीचे सुनसान जगह देखकर शव को फेंक दिया और फरार हो गए।
उज्जैन से मुंबई तक पुलिस की दौड़
रायसेन पुलिस को जब टेडिया पुल के नीचे एक अज्ञात बोरीबंद शव मिला, तो इलाके में सनसनी फैल गई। शव की शिनाख्त वीरू जाट के रूप में होने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) से पुलिस को रीना किरार पर शक हुआ।
इस बीच, आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। वे बाड़ी से इटारसी भागे, वहां से कल्याण (मुंबई) गए, फिर इंदौर और अंत में उज्जैन में जाकर छिप गए। रायसेन एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया कि मुखबिर की सटीक सूचना और साइबर सेल की मदद से पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को उज्जैन से धर दबोचा।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया बेसबॉल बैट और वह कार भी बरामद कर ली है, जिससे शव को ले जाया गया था। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छिपाना) और 120B (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसपी आशुतोष गुप्ता के अनुसार, “यह मामला पूरी तरह से रंजिश और अवैध संबंधों पर आधारित है। मुख्य आरोपी अरुण पटेल रीना पर अपना पूरा हक समझता था और वीरू का हस्तक्षेप उसे बर्दाश्त नहीं था।” फिलहाल आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि घटना से जुड़े अन्य संभावित साक्ष्यों को भी जुटाया जा सके।
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समाज के लिए सबक
यह घटना दर्शाती है कि कैसे सोशल मीडिया के जरिए बिना जांच-परख के किए गए संबंध जानलेवा साबित हो सकते हैं। नरसिंहपुर की इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा और रिश्तों की मर्यादा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की तत्परता ने एक जटिल मामले को सुलझाकर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।











