फतेहपुर/हमीरपुर:
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने बॉलीवुड की सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म ‘दृश्यम’ की पटकथा को भी पीछे छोड़ दिया है। एक शादीशुदा महिला ने अपने पति के साथ मिलकर अपने ही 20 वर्षीय प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर दी। गुनाह को छिपाने के लिए कसाई जैसी क्रूरता अपनाई गई—शव के ग्राइंडर मशीन से टुकड़े किए गए, उन्हें बोरे में भरा गया और पड़ोसी जिले के जंगलों में ले जाकर पेट्रोल से फूंक दिया गया। हालांकि, शातिर दिमाग अपराधी भूल गए कि कानून के हाथ उनके डिजिटल फुटप्रिंट्स (Digital Footprints) तक पहुंच सकते हैं। पुलिस ने कॉल डिटेल्स और अंतिम लोकेशन के सहारे इस मर्डर मिस्ट्री का सनसनीखेज खुलासा किया है।
पहली नजर का प्यार और 8 महीने का अवैध संबंध
यह पूरी कहानी शुरू होती है बकेवर थाना क्षेत्र के टिकरा गांव के रहने वाले 20 वर्षीय विजय निषाद (पुत्र इंद्रपाल) से। विजय और हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र के मनकी गांव की रहने वाली किरन के बीच करीब आठ महीने पहले सिर्फ एक बार नजरें मिली थीं। पहली ही मुलाकात में दोनों के बीच प्यार हो गया। किरन का पति कामता निषाद गुजरात में नौकरी करता था, जिसकी गैरमौजूदगी में विजय और किरन लगातार मिलते रहे। दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खाईं और अपनी एक अलग दुनिया बसाने के सपने देखने लगे।
सोशल मीडिया की एक फोटो और बदला वफादारी का रुख
दोनों का यह प्रेम-प्रसंग तब तक ठीक चला जब तक किरन के पति कामता को भनक नहीं लगी। दरअसल, सोशल मीडिया पर किरन और विजय की एक आपत्तिजनक फोटो वायरल हो गई, जो घूमते-घूमते गुजरात में बैठे कामता के पास पहुंच गई। फोटो देखते ही कामता के पैरों तले जमीन खिसक गई। वह तुरंत नौकरी छोड़कर गांव लौटा और पत्नी किरन को जमकर खरी-खोटी सुनाई।
इस पारिवारिक तकरार और बदनामी के डर के बाद किरन का मन बदल गया। उसने पति का विश्वास वापस जीतने के लिए अपने ही प्रेमी विजय की बलि चढ़ाने का आत्मघाती फैसला कर लिया। दोनों पति-पत्नी ने मिलकर विजय को रास्ते से हटाने की एक खौफनाक और सुनियोजित साजिश रची।
कत्ल की वो रात: जब हाथ-पैर अकड़े तो बाजार से खरीदी ग्राइंडर मशीन
पुलिस अधीक्षक (SP) अभिमन्यु मांगलिक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे मामले का परत-दर-परत खुलासा करते हुए बताया कि घटना की शुरुआत 8 मई को हुई थी।
- जाल में फंसाया: किरन ने सोची-समझी रणनीति के तहत विजय को फोन करके अपने घर बुलाया। विजय अपने घर से ‘हमीरपुर जाने’ की बात कहकर निकला था, लेकिन वह सीधे किरन के घर पहुंचा।
- सिर पर वार: जैसे ही विजय घर के अंदर दाखिल हुआ, वहां पहले से घात लगाकर बैठे पति कामता ने लकड़ी की एक भारी चौखट से विजय के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। चोट इतनी गंभीर थी कि विजय की मौके पर ही मौत हो गई।
- गर्मी की वजह से अकड़ा शव: कत्ल के बाद आरोपियों ने लाश को दिनभर घर में ही छिपाकर रखा। देर रात उन्होंने शव को बोरे में बंद करने की कोशिश की, लेकिन भीषण गर्मी के कारण विजय के हाथ-पैर अकड़ चुके थे, जिससे लाश बोरे में नहीं आ रही थी।
- बाजार से लाए कटर: इस अड़चन को दूर करने के लिए दंपती अगले दिन बाजार गए और वहां से एक इलेक्ट्रिक ग्राइंडर (कटर) मशीन खरीदकर लाए। उन्होंने घर के भीतर ही विजय के हाथ-पैरों को काटकर धड़ से अलग कर दिया।
कानपुर के जंगलों में पेट्रोल डालकर फूंके साक्ष्य
लाश के टुकड़े करने के बाद आरोपियों ने उसे बोरों में कसा और अपनी मोटरसाइकिल पर लादकर कानपुर क्षेत्र के घाटमपुर (रेडना) थाना इलाके के अंतर्गत तहरापुर गुरैया के घने जंगलों में ले गए। वहां सबूत मिटाने की नीयत से शव के टुकड़ों पर पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी। केवल यही नहीं, आरोपियों ने विजय का मोबाइल फोन, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, उसके जूते और चश्मा भी पूरी तरह नष्ट करके अलग-अलग खेतों में छिपा दिए ताकि उसकी पहचान कभी न हो सके।
एक अदद फोन कॉल ने बिगाड़ दिया ‘दृश्यम’ का खेल
विजय के अचानक लापता होने के बाद परेशान परिजनों ने 10 मई को पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जब तफ्तीश शुरू की और विजय का फोन सर्विलांस पर लिया, तो उसकी लोकेशन बार-बार बदलती हुई दिखाई दे रही थी।
जब पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाला, तो पता चला कि लापता होने वाले दिन विजय की किरन से कई बार बातचीत हुई थी। संदेह के आधार पर जब पुलिस अधिकारी ने किरन के नंबर पर फोन किया, तो वह घबरा गई और उसने हड़बड़ाहट में फोन काट दिया। बस, इसी एक कटे हुए फोन कॉल ने पुलिस के शक को यकीन में बदल दिया।
पुलिस की बरामदगी और आरोपियों का अंजाम
पुलिस ने तुरंत दबिश देकर कामता और किरन को हिरासत में लिया। कड़ाई से की गई पूछताछ में दोनों टूट गए और अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर निम्नलिखित चीजें बरामद की हैं:
- जंगल से मृतक विजय के शव के जले हुए अवशेष।
- हत्या में इस्तेमाल की गई लकड़ी की चौखट।
- शव के टुकड़े करने वाली इलेक्ट्रिक ग्राइंडर मशीन।
- वारदात और शव को ढोने में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और मोबाइल।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं के तहत न्यायालय में पेश किया, जहां से अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस हत्याकांड ने पूरे इलाके के लोगों को स्तब्ध कर दिया है।











