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उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न: देहरादून समेत 8 जिलों में अंधड़-ओलावृष्टि का ‘येलो अलर्ट’, भीषण गर्मी से मिली राहत

On: June 16, 2026 5:33 AM
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​देहरादून।

उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से जारी चिलचिलाती धूप और उमस के बीच मौसम ने अचानक एक बड़ा यू-टर्न लिया है। राज्य के पर्वतीय इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। सोमवार को राजधानी देहरादून सहित प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश हुई, जिसने पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी पर पानी फेर दिया। इस अचानक आए बदलाव से न केवल पारे में भारी गिरावट दर्ज की गई है, बल्कि आम जनमानस को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है।


​मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने राज्य में अगले 24 से 48 घंटों के लिए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, आज यानी मंगलवार को भी देहरादून समेत प्रदेश के 8 जिलों में तेज अंधड़, आकाशीय बिजली चमकने और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।

​दोपहर बाद बदला रुख, राजधानी में झमाझम बरसे बादल

​सोमवार सुबह की शुरुआत आम दिनों की तरह तेज और तपती धूप के साथ हुई थी। दोपहर तक स्थिति ऐसी थी कि लोग उमस और पसीने से बेहाल थे। लेकिन दोपहर बाद करीब तीन बजे मौसम ने अचानक करवट बदली। आसमान में देखते ही देखते काले-घने बादलों का डेरा जमा हो गया और दिन में ही अंधेरा छा गया।


​कुछ ही मिनटों के भीतर देहरादून और इसके आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। हालांकि, शाम के समय कुछ देर के लिए हल्की धूप खिली, लेकिन देर शाम एक बार फिर आसमान में बादलों ने डेरा डाल दिया और रुक-रुक कर बौछारों का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान कुछ इलाकों में तेज झोंकेदार हवाएं भी चलीं, जिससे सड़कों पर पैदल चलने वाले और दुपहिया वाहन चालकों को थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

​गढ़वाल और कुमाऊं के पर्वतीय इलाकों में ओलावृष्टि

​मौसम का यह बदलाव केवल राजधानी देहरादून तक ही सीमित नहीं रहा। गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के पर्वतीय जिलों में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला-बदला नजर आया। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश दर्ज की गई। कुछ ऊंचाई वाले ग्रामीण इलाकों से ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी सूचना है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आ गई है और मौसम में हल्की ठंडक का अहसास होने लगा है।

​तापमान में 4 डिग्री तक की गिरावट, उमस से मिली मुक्ति

​पिछले एक हफ्ते से उत्तराखंड के मैदानी इलाके भीषण गर्मी की चपेट में थे। देहरादून और पंतनगर जैसे शहरों में अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था। लेकिन सोमवार को हुई इस मानसूनी जैसी बारिश के बाद अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बारिश से वातावरण में मौजूद धूल के कण साफ हो गए हैं और आने वाले एक-दो दिनों तक लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिलती रहेगी।

​प्रमुख शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में):

राज्य के प्रमुख स्टेशनों पर दर्ज किया गया अधिकतम और न्यूनतम तापमान कुछ इस प्रकार रहा:

  • ​देहरादून: अधिकतम 35.8 | न्यूनतम 22.4
  • ​पंतनगर: अधिकतम 36.8 | न्यूनतम 23.2
  • ​मुक्तेश्वर: अधिकतम 25.6 | न्यूनतम 13.8
  • ​नई टिहरी: अधिकतम 25.8 | न्यूनतम 12.8
    ​आज इन 8 जिलों के लिए जारी हुआ ‘येलो अलर्ट’

​मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक के अनुसार, राज्य में पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय स्तर पर बन रहे सिस्टम के कारण मौसम में यह बदलाव देखा जा रहा है। विभाग ने मंगलवार के लिए उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, टिहरी, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए विशेष ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।

​मौसम विभाग की चेतावनी:

“इन आठ जिलों में कुछ स्थानों पर तीव्र गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से झोंकेदार हवाएं (अंधड़) चल सकती हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी पूरी संभावना है।”

​इसके अलावा, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के सुदूर पर्वतीय इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान जताया गया है, जिससे संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन (Landslide) के प्रति भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

​यात्रियों और काश्तकारों के लिए सलाह

​मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आ रहे तीर्थयात्रियों और स्थानीय काश्तकारों के लिए एडवाइजरी जारी की है। पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले चालकों को हिदायत दी गई है कि तेज आंधी और बारिश के दौरान वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर ही रोकें, क्योंकि तेज हवाओं के कारण पेड़ों के गिरने और पहाड़ी से पत्थर टूटने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए किसानों को अपनी तैयार फसलों और बागवानों को फलों को सुरक्षित रखने के उपाय करने की सलाह दी गई है।

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​कुल मिलाकर, उत्तराखंड में धूप और बादलों की यह आंख-मिचौनी आने वाले कुछ दिनों तक जारी रहने वाली है, जिससे फिलहाल भीषण गर्मी का प्रकोप थमा रहेगा।

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