यरूशलेम/तेहरान | 24 मार्च, 2026
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध को आज 24 दिन पूरे हो चुके हैं। पिछले 24 घंटों में युद्ध का घटनाक्रम जितनी तेजी से बदला है, उसने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कूटनीतिक जीत और ‘पांच दिवसीय सीजफायर’ का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इजरायली मिसाइलें ईरान के ऊर्जा ठिकानों को राख में तब्दील कर रही हैं। मंगलवार की सुबह इजरायल में बजते सायरन और ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के जत्थे ने साफ कर दिया है कि शांति की राह अभी कोसों दूर है।
ट्रंप का ‘सीजफायर’ दावा और नेतन्याहू का पलटवार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला ऐलान करते हुए कहा कि उन्होंने ईरान के पावर और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों को 5 दिनों के लिए रोकने का आदेश दिया है। ट्रंप के अनुसार, तेहरान के साथ “सकारात्मक और ठोस” बातचीत चल रही है। हालांकि, ईरान ने इस दावे को ‘फेक न्यूज’ करार दिया है।
वहीं, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक इजरायल के सुरक्षा हितों की पूर्ण गारंटी नहीं मिलती, सैन्य दबाव कम नहीं होगा। इजरायली वायुसेना ने ट्रंप के बयान के बावजूद ईरान और लेबनान में अपने हमले जारी रखे हैं।
ईरान के ‘गैस ग्रिड’ और पावर स्टेशनों पर भीषण हमला
सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात ईरान के औद्योगिक शहरों खुर्रमशहर और इस्फ़हान के लिए कयामत बनकर आई। इजरायली हवाई हमलों ने ईरान के महत्वपूर्ण ‘गैस ग्रिड’ को निशाना बनाया। पाइपलाइन फटने से खुर्रमशहर के पावर स्टेशन की बिजली ठप हो गई है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, विस्फोट इतना भीषण था कि कई किलोमीटर दूर तक आग की लपटें देखी गईं।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर तनाव और वैश्विक संकट
इस युद्ध का सबसे खतरनाक असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने की आशंका है। ईरान ने दावा किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर उसका पूरा नियंत्रण है
ईरानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि वे ‘शक्ति और समझदारी’ के साथ इस मार्ग को नियंत्रित कर रहे हैं। चूंकि दुनिया की तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए कतर द्वारा इटली को गैस सप्लाई रोकने (Force Majeure) के बाद ऊर्जा संकट गहरा गया है। इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी अब आपातकालीन गैस आपूर्ति के लिए अल्जीरिया का रुख कर रही हैं।
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मिसाइल वॉर: इजरायल में अलर्ट, ईरान का ‘ड्रोन’ दावा
मंगलवार सुबह इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने देश भर में रेड अलर्ट जारी किया। ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के जवाब में नागरिकों को तुरंत बंकरों में जाने के निर्देश दिए गए। दूसरी तरफ, ईरान ने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि उसने अमेरिका के ‘LUCAS’ वन-वे अटैक ड्रोन को मार गिराया है। ईरान का कहना है कि यह उनके ‘शाहेद’ ड्रोन का अमेरिकी क्लोन है और अब तक वे 131 ऐसे ड्रोनों को ढेर कर चुके हैं।
क्षेत्रीय विस्तार: कुवैत, इराक और लेबनान भी चपेट में
यह युद्ध अब केवल तीन देशों तक सीमित नहीं रहा:
- कुवैत: एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा ईरानी मिसाइलों को रोकने के दौरान गिरे मलबे से कुवैत की हाई-वोल्टेज बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे कई इलाकों में ब्लैकआउट हो गया है।
- इराक: अनबर प्रांत में PMF (पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज) के मुख्यालय पर हवाई हमला हुआ, जिसमें कमांडर साद अल-बैजी सहित 6 लड़ाकों की मौत हो गई।
- लेबनान: बेरूत के दक्षिणी उपनगरों और अल-रशीदिया में हिजबुल्लाह के ठिकानों और गैस स्टेशनों पर इजरायली बमबारी जारी है।
घरेलू राजनीति: ट्रंप ने रक्षा सचिव हेगसेथ को बताया ‘मास्टरमाइंड’
अमेरिका के भीतर भी इस युद्ध को लेकर राजनीति गरमा गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से युद्ध का श्रेय (या ठीकरा) अपने वॉर सेक्रेटरी पीट हेगसेथ पर फोड़ते हुए कहा कि हेगसेथ ही वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने ईरान पर हमले के लिए जोर दिया था। ट्रंप का यह बयान रक्षा विभाग के भीतर चल रही खींचतान को भी उजागर करता है।
शेयर बाजार पर असर
युद्ध की विभीषिका के बीच ट्रंप के ‘पांच दिन के विराम’ वाले बयान ने निवेशकों को थोड़ी राहत दी। भारतीय शेयर बाजार में आज रौनक दिखी, जहाँ सेंसेक्स 1014 अंक और निफ्टी 350 अंक की बढ़त के साथ खुले।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट बंद होता है, तो यह तेजी क्षणभंगुर साबित हो सकती है।
निष्कर्ष: शांति वार्ता की आखिरी उम्मीद?
र्तमान में इस्लामाबाद या किसी अन्य तटस्थ स्थान पर प्रस्तावित शांति वार्ता ही एकमात्र उम्मीद बची है। यदि यह कूटनीतिक प्रयास सफल रहता है, तो यह इस सदी का सबसे महत्वपूर्ण शांति समझौता होगा। फिलहाल, दुनिया की सांसें थमी हुई हैं और नजरें होर्मुज के पानी और तेहरान के आसमान पर टिकी हैं।








