देहरादून, 25 मई 2026
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव हुआ है। साल 2012 बैच के वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को विधिवत रूप से देहरादून के नए जिलाधिकारी (District Magistrate) के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इससे पहले इस पद पर तैनात रहे लोकप्रिय आईएएस अधिकारी सविन बंसल का स्थानांतरण शासन द्वारा सचिवालय में कर दिया गया है। नए जिलाधिकारी के आगमन के साथ ही जिले में प्रशासनिक प्राथमिकताओं और विकास कार्यों को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कोषागार पहुंचकर संभाली कमान, अभिलेखों और डिजिटल सत्यापन पर दिया जोर
सोमवार को नवनियुक्त जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान सबसे पहले मुख्य कोषागार (Treasury) पहुंचे, जहां उन्होंने तय नियमों के तहत कार्यभार संभाला। कुर्सी संभालने से ठीक पहले उन्होंने कोषागार की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत कर कामकाज का फीडबैक लिया।
”सरकारी रिकॉर्ड्स और महत्वपूर्ण अभिलेखों का सुरक्षित रखरखाव हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके साथ ही बुजुर्ग पेंशनरों को मिलने वाली सुविधाओं में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। पेंशनरों के डिजिटल सत्यापन की प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाया जाए।”
— डॉ. आशीष चौहान, जिलाधिकारी, देहरादून
चारधाम यात्रा, आपदा प्रबंधन और जनकल्याणकारी योजनाएं हैं मुख्य एजेंडा
कार्यभार संभालने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए नए जिलाधिकारी ने जिले के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर अपना रोडमैप साझा किया। उन्होंने साफ किया कि सरकार की जितनी भी लोक-कल्याणकारी योजनाएं हैं, उनका सीधा लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता और समय सीमा के भीतर पहुंचाना उनका मुख्य लक्ष्य रहेगा।
इसके अलावा, देहरादून जिले की भौगोलिक और रणनीतिक स्थिति को देखते हुए उन्होंने अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में निम्नलिखित बिंदुओं को शामिल किया है:
- चारधाम यात्रा प्रबंधन: वर्तमान में चल रही चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
- आपदा प्रबंधन की तैयारी: मानसून और आगामी सीजन को देखते हुए आपदा से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित करना और राहत व बचाव कार्यों की तैयारियों को समय रहते पुख्ता करना।
- विकास योजनाओं को रफ्तार: जिले में लंबित और वर्तमान में चल रहे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की कड़ाके से मॉनिटरिंग कर उन्हें तय समय में पूरा करवाना।
पूर्व DM सविन बंसल का कार्यकाल: ‘पीपुल्स एडमिनिस्ट्रेटर’ की विदाई
सचिवालय स्थानांतरित हुए पूर्व जिलाधिकारी सविन बंसल का कार्यकाल देहरादून में बेहद सराहनीय और ऐतिहासिक रहा। सितंबर 2024 में कार्यभार संभालने के बाद से ही उन्होंने जिला प्रशासन की छवि को सीधे तौर पर आम जनता से जोड़ने का काम किया। उनके कार्यकाल के दौरान कुछ बेहद संवेदनशील और प्रभावी अभियान चलाए गए, जिनकी प्रदेश भर में तारीफ हुई:
- ’नंदा-सुनंदा’ पहल: बालिकाओं की शिक्षा को नई उड़ान देने और समाज में उनके प्रति सकारात्मक माहौल बनाने के लिए इस विशेष अभियान की शुरुआत की गई।
- बाल पुनर्वास अभियान: भिक्षावृत्ति और सड़कों पर कूड़ा बीनने के लिए मजबूर बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके रहने-खाने व शिक्षा की व्यवस्था के लिए चलाया गया पुनर्वास अभियान बेहद सफल रहा।
- त्वरित जनसुनवाई: सविन बंसल ने जनसमस्याओं के निस्तारण के लिए एक पारदर्शी और त्वरित सिस्टम लागू किया था, जिसके चलते आम जनता के बीच उन्हें “पीपुल्स एडमिनिस्ट्रेटर” (जनता का अधिकारी) के रूप में एक खास पहचान मिली।
तकनीक और नवाचार के धनी हैं डॉ. आशीष चौहान: जानिए उनका प्रशासनिक सफर
देहरादून के नए कमांडर डॉ. आशीष चौहान को प्रशासनिक हल्कों में तकनीक, आधुनिक सोच और मानवीय संवेदनशीलता के बेहतरीन समन्वय के लिए जाना जाता है। देहरादून की कमान मिलने से पहले वह पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और पौड़ी गढ़वाल जैसे चुनौतीपूर्ण जिलों में बतौर जिलाधिकारी अपनी बेहतरीन सेवाएं दे चुके हैं। पौड़ी और उत्तरकाशी में उनके द्वारा किए गए प्रयोगों और नवाचारों को राज्य स्तर पर काफी सराहना मिली है।
पिछले जिलों में उनके कुछ गेम-चेंजर प्रोजेक्ट्स:
- ’सेफ सफर ऐप’ (Safe Safar App): पौड़ी गढ़वाल में सड़क हादसों को रोकने और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए उन्होंने इस तकनीक आधारित ऐप की शुरुआत की थी, जो सड़क सुरक्षा में मिल का पत्थर साबित हुआ।
- ’काव्या ऐप’ (Kavya App): स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाते हुए उन्होंने हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की डिजिटल निगरानी के लिए यह ऐप लॉन्च किया, जिसने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में बड़ी भूमिका निभाई।
- ’त्रिशूल पार्क’ (Trishul Park): पौड़ी में धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन को एक साथ बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस भव्य पार्क की रूपरेखा और विकास कार्य उन्हीं के नेतृत्व में शुरू हुआ।
देहरादून को प्रशासनिक शैली में नए बदलाव की उम्मीद
एक तरफ जहां पूर्व डीएम सविन बंसल ने अपनी संवेदनशीलता से जनता के दिलों में जगह बनाई, वहीं तकनीक और गवर्नेंस में माहिर डॉ. आशीष चौहान से अब उम्मीद है कि वह देहरादून की व्यवस्थाओं को और अधिक हाईटेक और स्मार्ट बनाएंगे। राजधानी होने के नाते देहरादून में ट्रैफिक, अतिक्रमण और शहरी विकास जैसी कई बड़ी चुनौतियां हैं, जिन पर अब नए जिलाधिकारी की कार्यशैली और उनके नवाचारों की परीक्षा होगी।











