मुख्य बिंदु:
- कोलकाता के बेहाला इलाके में लिफ्ट देने के बहाने नाबालिग को कार में बिठाया।
- नशीला पदार्थ खिलाकर वारदात को अंजाम दिया, आरोपी ने बनाया अश्लील वीडियो।
- पीड़िता की मां की शिकायत पर सरसुना थाने में POCSO और BNS के तहत मामला दर्ज।
कोलकाता,
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक बेहद चौंकाने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है। महानगर के बेहाला इलाके में एक नाबालिग लड़की को चलती कार में बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) का शिकार बनाया गया। इंसानियत को तार-तार करने वाली इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने पीड़िता का वीडियो भी बना लिया, जिसके दम पर उसे लगातार डराया और धमकाया जा रहा था। इस मामले में कोलकाता के सरसुना पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
लिफ्ट देने के बहाने कार में बिठाया, फिर दिया वारदात को अंजाम
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना करीब एक महीने पहले की है। पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, नाबालिग लड़की को बेहाला इलाके में कुछ परिचितों और अज्ञात लोगों ने कार में लिफ्ट देने के बहाने बिठाया था। कार में लड़की का एक पुराना परिचित भी पहले से मौजूद था, जिसने उसका भरोसा जीता।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कार के भीतर ही आरोपियों ने नाबालिग को कोई नशीला खाद्य या पेय पदार्थ जबरन खिला दिया। नशीला पदार्थ पेट में जाते ही लड़की बेसुध होने लगी। इसका फायदा उठाकर कार में सवार दो लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता को जब होश आया, तो वह किसी दूसरी अनजान जगह पर थी और उसे अपने साथ हुई इस दरिंदगी का अहसास हुआ।
वीडियो बनाकर पीड़िता को किया ब्लैकमेल
अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने न केवल इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया, बल्कि अपने मोबाइल फोन से इसका वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। घटना के बाद आरोपियों ने पीड़िता को मुंह खोलने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। वे लगातार उस अश्लील फुटेज का हवाला देकर पीड़िता को डरा रहे थे और ब्लैकमेल कर रहे थे, ताकि वह पुलिस या अपने परिवार को कुछ न बता सके।
गहरे सदमे में थी पीड़िता, इसलिए शिकायत में हुई देरी
इतनी बड़ी वारदात और लगातार मिल रही धमकियों के कारण नाबालिग लड़की बेहद गहरे मानसिक सदमे (Trauma) में चली गई थी। वह इतनी डरी हुई थी कि कई दिनों तक अपने परिवार से भी कुछ नहीं कह सकी। जब उसकी मानसिक और शारीरिक स्थिति बिगड़ने लगी, तब उसने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को आपबीती सुनाई। इसके तुरंत बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता के गहरे सदमे में होने के कारण ही प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने में कुछ समय की देरी हुई।
पुलिस की कार्रवाई: POCSO और BNS के तहत केस दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता की सरसुना थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की है। पुलिस ने नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का बयान:
“हमने पीड़िता का प्रारंभिक बयान दर्ज कर लिया है और उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। मामले की तह तक जाने के लिए सभी संभावित पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”
मुख्य संदिग्ध और कार की तलाश में जुटी पुलिस
फिलहाल जांचकर्ता मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटे हैं। पुलिस के सामने इस वक्त सबसे बड़ी चुनौती अपराध में इस्तेमाल की गई उस कार का पता लगाना और घटना के सटीक स्थान (Crime Scene) की पुष्टि करना है। इसके लिए पुलिस बेहाला और सरसुना इलाके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है।
इसके साथ ही, पुलिस इस मामले में एक अन्य लड़की की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिसका जिक्र शिकायत में किया गया है। अंदेशा है कि उस लड़की ने ही पीड़िता को आरोपियों की कार तक पहुंचाने या उन पर भरोसा करने में कोई भूमिका निभाई थी। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के स्केच और तकनीकी सर्विलांस (Mobile Location) की मदद से उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर महानगर में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और वे दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहे हैं।











