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मसूरी जाने वाले पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब कैश की झंझट खत्म, फास्टैग से कटेगी एंट्री फीस

On: May 7, 2026 6:38 AM
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​देहरादून/मसूरी:

​उत्तराखंड की पहाड़ियों की रानी ‘मसूरी’ अपनी सुंदरता और ठंडी हवाओं के लिए देश-दुनिया में मशहूर है। लेकिन मसूरी पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए अक्सर टोल बैरियर और माल रोड पर लगने वाली लंबी कतारें एक बड़ी चुनौती बनी रहती थीं। अब इस समस्या का समाधान शासन और प्रशासन ने निकाल लिया है। जल्द ही मसूरी के मुख्य बैरियरों पर फास्टैग (FASTag) व्यवस्था लागू होने जा रही है, जिससे पर्यटकों का सफर और भी आसान और सुगम हो जाएगा।

​नगर पालिका मसूरी और भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (IHMCL) के बीच इस तकनीक को लेकर ऐतिहासिक समझौता (MoU) हो गया है। आइए जानते हैं कि इस नई व्यवस्था से पर्यटकों को क्या लाभ होंगे और मौजूदा शुल्क संरचना क्या है।

​इन प्रमुख जगहों पर लगेगा फास्टैग सिस्टम

​मसूरी नगर पालिका के अनुसार, फिलहाल मसूरी के दो सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश बिंदुओं पर फास्टैग की सुविधा शुरू की जाएगी:

  • ​कोल्हूखेत ईको शुल्क बैरियर: देहरादून-मसूरी मार्ग पर स्थित यह सबसे प्रमुख बैरियर है, जहाँ हर आने वाले वाहन को पर्यावरण शुल्क देना होता है।
  • ​मालरोड एंट्री बैरियर: मालरोड के दोनों छोर यानी लाइब्रेरी चौक और पिक्चर पैलेस स्थित बैरियर पर भी अब फास्टैग काम करेगा।

  • ​कैशलेस होगा सफर, ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति

​अक्सर देखा जाता है कि वीकेंड या छुट्टियों के दौरान मसूरी जाने वाले वाहनों की संख्या इतनी बढ़ जाती है कि टोल बैरियर पर नकद भुगतान की वजह से लंबी कतारें लग जाती हैं। खुल्ले पैसों (Change) की समस्या के कारण पर्यटकों और बैरियर कर्मचारियों के बीच नोक-झोंक भी आम बात थी।

​फास्टैग व्यवस्था लागू होने से:

  • ​समय की बचत: वाहनों को शुल्क देने के लिए रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे ट्रैफिक सुचारू रूप से चलता रहेगा।
  • ​पारदर्शिता: सीधे डिजिटल भुगतान होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और शुल्क संग्रहण की प्रक्रिया सटीक होगी।
  • ​भीड़ पर नियंत्रण: पर्यटन सीजन के दौरान बैरियर पर लगने वाले जाम से स्थानीय निवासियों और सैलानियों दोनों को राहत मिलेगी।

​अधिकारियों का क्या है कहना?

​नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने बताया कि भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड को इस सेवा को जल्द से जल्द सक्रिय करने के लिए पत्र लिखा गया था। एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद अब कंपनी साइट सर्वे और तकनीकी निरीक्षण का काम शुरू करेगी।

​इसके बाद वेंडर का चयन किया जाएगा जो आवश्यक बुनियादी ढांचा (Design and Infrastructure) तैयार करेगा। पूरी परियोजना की निगरानी नगर पालिका द्वारा की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पर्यटकों को किसी तकनीकी खराबी का सामना न करना पड़े।

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​वर्तमान में लागू शुल्क की दरें (Current Toll Rates)

​जब तक फास्टैग प्रणाली पूरी तरह सक्रिय नहीं हो जाती, तब तक पर्यटकों को मौजूदा दरों के अनुसार ही भुगतान करना होगा। आपकी जानकारी के लिए वर्तमान शुल्क इस प्रकार हैं:

​माल रोड बैरियर शुल्क:

  • ​निजी चौपहिया वाहन: ₹150
  • ​दोपहिया वाहन: ₹100
  • ​व्यावसायिक चौपहिया वाहन: ₹300
  • ​भारी वाहन (ट्रक आदि – रात में प्रवेश): ₹500

​कोल्हूखेत ईको शुल्क बैरियर:

  • ​कार: ₹60
  • ​दोपहिया वाहन: ₹12
  • ​बस और ट्रक: ₹180
  • ​मेटाडोर: ₹120

​पर्यटकों के लिए विशेष सुझाव

​अगर आप निकट भविष्य में मसूरी जाने की योजना बना रहे हैं, तो अपने वाहन के फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस सुनिश्चित करें। हालांकि अभी शुरुआती प्रक्रिया चल रही है, लेकिन प्रशासन की कोशिश है कि इसे जल्द से जल्द ‘गो-लाइव’ कर दिया जाए। यह कदम न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि उत्तराखंड के डिजिटल इंडिया और स्मार्ट सिटी विजन को भी मजबूती प्रदान करेगा।
​मसूरी अब केवल अपनी प्राकृतिक छटा ही नहीं, बल्कि बेहतर आधुनिक सुविधाओं के लिए भी तैयार हो रही है। तो अगली बार जब आप पहाड़ों की रानी का रुख करें, तो टोल की लंबी लाइनों की चिंता छोड़ें और अपनी यात्रा का भरपूर आनंद लें!

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