उत्तराखंड में भीषण सड़क हादसा: चमोली में 400 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, तीन की मौत; घायलों को देहरादून एयरलिफ्ट करने की तैयारी - Doonprimenews
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उत्तराखंड में भीषण सड़क हादसा: चमोली में 400 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, तीन की मौत; घायलों को देहरादून एयरलिफ्ट करने की तैयारी

On: May 30, 2026 4:03 AM
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​मुख्य बिंदु:

  • ​घटनास्थल: चमोली जिला, देवाल-लोहाजग मोटर मार्ग पर ल्वाणी के समीप।
  • ​वजह/वाहन: देहरादून से वाक गांव जा रही एक ईको कार अनियंत्रित होकर 400 मीटर गहरी खाई में गिरी।
  • ​हताहत: तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत, तीन अन्य गंभीर रूप से घायल।
  • ​रेस्क्यू ऑपरेशन: घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद एयर एम्बुलेंस से देहरादून रेफर करने की तैयारी।

​चमोली (उत्तराखंड):

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उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। चमोली जिले से शनिवार की सुबह एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां देवाल-लोहाजग मोटर मार्ग पर एक अनियंत्रित ईको कार करीब 400 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण सड़क हादसे में कार सवार तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत बचाव दल मौके पर पहुंचे। घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें एयरलिफ्ट कर देहरादून भेजने की तैयारी की जा रही है।

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​तड़के सुबह 4 बजे हुआ हादसा, मची चीख-पुकार

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा शनिवार सुबह लगभग 4:00 बजे का बताया जा रहा है। वाहन (ईको कार) राजधानी देहरादून से चमोली जिले के वाक गांव की ओर आ रहा था। कार जैसे ही देवाल-लोहाजग मोटर मार्ग पर ‘ल्वाणी’ के पास पहुंची, अचानक चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया।
​सड़क संकरी होने और ढलान तेज होने के कारण कार सीधे सड़क से नीचे उतरकर लगभग 400 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। सुबह का समय होने के कारण शुरुआत में स्थानीय लोगों को घटना का पता नहीं चल सका, लेकिन पहाड़ी से टकराते हुए वाहन के गिरने की आवाज और घायलों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके की तरफ दौड़े।

​तीन लोगों की मौके पर ही थमी सांसें

​खाई इतनी गहरी थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत इस घटना की सूचना पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम को दी। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल (SDRF और स्थानीय पुलिस) ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
​खाई में उतरकर जब टीम वाहन तक पहुंची, तब तक तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। उनके शवों को काफी मशक्कत के बाद मलबे से बाहर निकाला गया। वहीं, कार में सवार तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल अवस्था में तड़प रहे थे, जिन्हें तुरंत रेस्क्यू कर ऊपर सड़क तक लाया गया।

​प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज, एयरलिफ्ट की तैयारी

​रेस्क्यू टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) देवाल पहुंचाया। अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, घायलों को अंदरूनी और गंभीर चोटें आई हैं, जिसके कारण उनकी स्थिति लगातार नाजुक बनी हुई है।
​प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उच्च केंद्र (Higher Center) रेफर करने की सिफारिश की है। प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए घायलों की जान बचाने के लिए एयर एम्बुलेंस (Heli Service) की व्यवस्था की है। घायलों को बेहतर और आपातकालीन इलाज के लिए जल्द ही देहरादून के बड़े अस्पताल में एयरलिफ्ट किया जा रहा है।

​परिजनों में कोहराम, शिनाख्त की कोशिशें जारी

​हादसे का शिकार हुए लोग देहरादून से अपने गांव वाक लौट रहे थे। जैसे ही गांव में इस बात की खबर पहुंची कि उनके क्षेत्र के लोगों की कार खाई में गिर गई है, पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया और मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतकों के शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। इसके साथ ही, कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और घायलों के नाम व पते की आधिकारिक पुष्टि की जा रही है।

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​पहाड़ी रास्तों पर लगातार बढ़ते हादसे

​उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में इस तरह के हादसे लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि देवाल-लोहाजग मोटर मार्ग के कई हिस्से बेहद संकरे और संवेदनशील हैं, जहां सुबह के समय कोहरा या अंधेरा होने के कारण दृश्यता (Visibility) कम हो जाती है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि हादसा चालक को नींद की झपकी आने की वजह से हुआ या फिर वाहन के सामने अचानक कोई मोड़ या तकनीकी खराबी आ गई थी।


​फिलहाल, प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता घायलों को सुरक्षित देहरादून पहुंचाकर उनकी जान बचाना है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र के अन्य वाहन चालकों से भी अपील की है कि वे पहाड़ी और संकरे रास्तों पर सुबह या देर रात को यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें और गति सीमा का ध्यान रखें।

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