अल्मोड़ा:
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में रफ्तार का कहर और भौगोलिक चुनौतियां लगातार मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ रही हैं। इसी कड़ी में अल्मोड़ा जिले के कफड़खान-सिरकोट-शैल मोटरमार्ग से एक बेहद हृदयविदारक और दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। यहाँ शुक्रवार को एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ट्रॉला अचानक सड़क से उतरकर करीब 100 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरा। इस भीषण दुर्घटना में ट्रैक्टर पर सवार दो युवा श्रमिकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और स्थानीय ग्रामीणों में गहरा मातम पसरा हुआ है। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
गधोली गांव के समीप हुआ हादसा, परखच्चे उड़े
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुखद हादसा कफड़खान-सिरकोट-शैल मोटरमार्ग पर स्थित ग्राम गधोली (सुंदरपुर के समीप) के पास घटित हुआ। ट्रैक्टर ट्रॉला (वाहन संख्या: UK 02-CA 0073) अपने गंतव्य की ओर जा रहा था, तभी अचानक मोड़ पर चालक वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा।
नियंत्रण खोते ही भारी-भरकम ट्रैक्टर ट्रॉला सड़क किनारे बनी गहरी खाई की तरफ मुड़ गया और देखते ही देखते लगभग 100 मीटर नीचे जा गिरा। दुर्घटना इतनी भीषण और जोरदार थी कि खाई के पत्थरों से टकराने के कारण ट्रैक्टर ट्रॉला के परखच्चे उड़ गए। वाहन के मलबे और भारी वजन के नीचे दबने के कारण उसमें सवार दोनों युवकों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और उन्होंने घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिया।
मृतकों में एक उत्तर प्रदेश और एक नेपाल का निवासी
हादसे का शिकार हुए दोनों मृतक युवक निर्माण कार्यों या अन्य व्यवसाय से जुड़े श्रमिक बताए जा रहे हैं, जो आजीविका के सिलसिले में इस क्षेत्र में आए हुए थे। पुलिस प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान निम्नलिखित रूप में की गई है:
- चत्ते राजी (उम्र 26 वर्ष): पुत्र गंगा राम, निवासी- कैलाली, नेपाल।
- उमेष (उम्र 22 वर्ष): पुत्र रमेश, निवासी- अजीतपुर, जिला रामपुर (उत्तर प्रदेश)।
इन दोनों युवा पिताओं और बेटों की अकाल मृत्यु की खबर जैसे ही उनके परिचितों तक पहुंची, वहाँ चीख-पुकार मच गई। पुलिस द्वारा उनके गृह राज्यों और परिवारों को इस दुखद घटना की आधिकारिक सूचना दे दी गई है।
ग्रामीणों और पुलिस का संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन
जैसे ही ट्रैक्टर के खाई में गिरने की गूंज आस-पास के पहाड़ों में सुनाई दी, गधोली और सुंदरपुर गांव के स्थानीय निवासी तुरंत मदद के लिए खाई की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी।
हादसे की खबर मिलते ही पुलिस की टीम बिना वक्त गंवाए घटना स्थल पर पहुंची। खाई बेहद गहरी और ढलान वाली होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना बेहद चुनौतीपूर्ण था। पुलिस के जवानों ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
\काफी मशक्कत और कड़ी मेहनत के बाद दोनों शवों को ट्रैक्टर के मलबे से निकालकर खाई से बाहर सड़क तक लाया गया। इसके बाद पुलिस ने 108 एंबुलेंस के माध्यम से दोनों शवों को पोस्टमार्टम और आगे की कार्रवाई के लिए अल्मोड़ा के बेस अस्पताल भिजवाया। वर्तमान में पुलिस द्वारा शवों का पंचायतनामा भरने और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा है।
सड़क सुरक्षा और पर्वतीय मार्गों पर बढ़ते हादसों पर चिंता
प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पुलिस का मानना है कि तीखे मोड़ पर अचानक वाहन का अनियंत्रित हो जाना ही इस हादसे का मुख्य कारण है। हालांकि, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं वाहन में कोई तकनीकी खराबी जैसे ब्रेक फेल होना या स्टेयरिंग लॉक होना तो नहीं था।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर अल्मोड़ा और उत्तराखंड के अन्य पहाड़ी मार्गों पर यात्रा की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि कफड़खान-सिरकोट मार्ग के कई हिस्सों में क्रैश बैरियर (सुरक्षा दीवार) न होने के कारण हमेशा इस तरह की दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के संवेदनशील और खतरनाक मोड़ों पर तत्काल सुरक्षा इंतजाम पुख्ता किए जाएं ताकि भविष्य में किसी और मासूम की जान न जाए।








