पुणे:
महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ कथित तौर पर जहरीली शराब (नकली शराब) पीने से सात लोगों की जान चली गई है। इस सामूहिक मौत के बाद पूरे जिले के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुणे शहर और पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने संयुक्त रूप से बड़े पैमाने पर जांच अभियान शुरू कर दिया है।
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद राज्य सरकार भी पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए इस पूरी त्रासदी की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।
फुगेवाड़ी इलाके में फैला मातम
यह पूरी घटना पिंपरी-चिंचवड़ के फुगेवाड़ी इलाके की है, जहाँ शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। देखते ही देखते सात लोगों ने दम तोड़ दिया। पिंपरी-चिंचवड़ के पुलिस उपायुक्त (जोन 1) संदीप अटोले ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया:
”फुगेवाड़ी में लगातार हुई मौतों के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई और जांच शुरू की गई। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अब तक सात लोगों की मौत कथित रूप से जहरीली शराब पीने के कारण हुई है। इसके अलावा, तीन अन्य लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनका स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है।”
हालांकि, पुलिस उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि मौतों के सटीक और अंतिम कारणों की पुष्टि मेडिकल टेस्ट और विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी, जिसका फिलहाल इंतजार किया जा रहा है।
मिथाइल अल्कोहल (मेथनॉल) की मिलावट का शक
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि फुगेवाड़ी इलाके में जो शराब सप्लाई की गई थी, उसमें ‘मेथनॉल’ (मिथाइल अल्कोहल) मिलाया गया था। मेथनॉल एक बेहद जहरीला रसायन है, जिसका इस्तेमाल औद्योगिक रूप से किया जाता है। शराब का नशा बढ़ाने या उसे सस्ता बनाने के चक्कर में जब इसमें मेथनॉल मिलाया जाता है, तो यह इंसानी शरीर के लिए जानलेवा बन जाता है। इससे आंखों की रोशनी जाने से लेकर अंदरूनी अंगों के फेल होने का खतरा रहता है।
एक्शन में पुलिस और आबकारी विभाग: मुख्य सप्लायर गिरफ्तार
घटना की भनक लगते ही राज्य आबकारी विभाग (State Excise Department) और स्थानीय पुलिस ने एक संयुक्त और त्वरित ऑपरेशन चलाया। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने मुख्य शराब तस्कर सहित कुल 8 लोगों को हिरासत में लिया है।
इस पूरे रैकेट का मुख्य चेहरा योगेश वानखेड़े नाम का व्यक्ति बताया जा रहा है। राज्य आबकारी आयुक्त अतुल कनाडे ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि विभाग ने मौतों की सूचना मिलते ही जांच शुरू कर दी थी। उन्होंने बताया:
- आबकारी विभाग ने सबसे पहले योगेश वानखेड़े को हिरासत में लिया।
- पूछताछ में सामने आया कि योगेश ने ही फुगेवाड़ी और हडपसर, दोनों अलग-अलग इलाकों में शराब की सप्लाई की थी।
- शुरुआती कार्रवाई के बाद आरोपी योगेश वानखेड़े को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
हडपसर में भी 3 मौतें, ‘जहरीली शराब’ के एंगल से जांच शुरू
पुणे जिले में यह त्रासदी सिर्फ पिंपरी-चिंचवड़ तक ही सीमित नहीं दिख रही है। पुणे शहर के हडपसर इलाके में भी पिछले 24 घंटों के भीतर तीन लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। चूंकि मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े ने हडपसर इलाके में भी शराब की डिलीवरी दी थी, इसलिए पुणे पुलिस अब इन तीन मौतों को भी इसी जहरीली शराब कांड से जोड़कर देख रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हडपसर की मौतों में भी ‘जहरीली शराब’ का ही एंगल होने की प्रबल आशंका है और इसी दिशा में केंद्रित होकर गहन तफ्तीश की जा रही है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
इस घटना को लेकर महाराष्ट्र के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से हुई सात मौतों की गहन जांच के आदेश दे दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि इस अवैध धंधे और मौतों के पीछे जो भी लोग जिम्मेदार होंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के सामने चुनौतियां और बढ़ते सवाल
इस त्रासदी ने एक बार फिर स्थानीय स्तर पर चल रहे अवैध शराब के कारोबार और आबकारी विभाग की सतर्कता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पुलिस और आबकारी विभाग की ढिलाई के कारण ही ऐसे तस्कर बेखौफ होकर बस्तियों में जहरीली शराब बेचते हैं।
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फिलहाल, पुलिस हिरासत में लिए गए आठों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस जहरीली शराब को कहाँ तैयार किया जा रहा था और इसके पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट तो काम नहीं कर रहा है। अस्पताल में भर्ती तीन मरीजों की स्थिति पर भी डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।









