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उत्तराखंड में कुदरत का कहर: भीषण आंधी-तूफान से उड़ी छतें, गिरे पेड़; आज 7 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी

On: May 29, 2026 9:51 AM
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उत्तराखंड के पहाड़ी इलाके में आंधी-तूफान के कारण क्षतिग्रस्त हुई गौशाला और गिरे हुए पेड़।

​देहरादून:
उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर खौफनाक करवट ली है। गुरुवार देर रात और शुक्रवार सुबह राज्य के कई हिस्सों में आए भीषण आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश और आसमानी बिजली ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण जहाँ मैदानी इलाकों में चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर पहाड़ों से लेकर मैदानों तक बुनियादी ढांचा चरमरा गया है। कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए, गाड़ियाँ मलबे में दब गईं और घरों की छतें हवा में उड़ गईं।


​मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आज प्रदेश के सात जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य जिलों को यलो अलर्ट पर रखा गया है। इसके साथ ही 3800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है।

​सात जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’, 70 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

​मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड के सात प्रमुख जिलों—उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। इन जिलों के कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज गर्जना, आसमानी बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका है।


​मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चल सकता है, जिसकी गति कुछ स्थानों पर 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और चारधाम यात्रियों को सतर्क रहने, खुले स्थानों पर न रुकने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त सलाह दी है।

​मसूरी में तूफान का तांडव: टेलीफोन एक्सचेंज और होटल की छत उड़ी

​बीती रात करीब 10 बजे से सुबह 4 बजे तक मसूरी में तूफान ने जमकर तांडव मचाया। अंधड़ इतना भयानक था कि बीएसएनएल (BSNL) के टेलीफोन एक्सचेंज भवन की पूरी छत हवा में उड़ गई। इसके अलावा, लाइब्रेरी बाजार क्षेत्र के दुग्गल विला में एक नामचीन होटल की छत भी ढह गई।


​स्प्रिंग रोड पर पहाड़ से एक विशालकाय बोल्डर (पत्थर) टूटकर नीचे आ गिरा, जिससे वहां खड़ी एक टैक्सी पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई। वहीं, क्यारकुली के पास बिजली के कई खंभे टूटकर गिर गए, जिससे पूरी मसूरी की बिजली व्यवस्था ठप हो गई है।

​देहरादून और डोईवाला में भारी नुकसान, गौशाला ध्वस्त

​राजधानी देहरादून और उसके आस-पास के इलाकों में रातभर चली तेज हवाओं के कारण भारी तबाही हुई है। राजपुर रोड से मैगी पॉइंट तक करीब 10 से 12 छोटे-बड़े पेड़ और भारी टहनियां सड़क पर आ गिरीं, जिन्हें फायर सर्विस की टीम ने काटकर हटाया। प्रेमनगर में भी पेड़ गिरने से मार्ग बाधित रहा।


​डोईवाला के थानो न्याय पंचायत के अंतर्गत आने वाले कुड़ियाल गांव में बीती रात आई आंधी ने स्थानीय निवासी कुंवर सिंह कृषाली की गौशाला की छत उड़ा दी। तेज हवा के झोंके से गौशाला की ईंटों की दीवार भी भरभराकर गिर गई। गनीमत यह रही कि इस हादसे में गौशाला के भीतर बंधे मवेशियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

​रुड़की और कोटद्वार में गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त, जनजीवन अस्त-व्यस्त

  • ​रुड़की: शहर में आधी रात को आई आंधी से पेड़ टूटकर सड़क पर चल रहे वाहनों पर गिर गए। दिल्ली रोड पर पेड़ गिरने के कारण एक लोडर, एक कार और एक बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। रामनगर में एक मकान की दीवार गिरने से उसके नीचे खड़ी कार पिचक गई। बिजली के लो वोल्टेज के कारण लोगों के इनवर्टर ठप हो गए हैं और पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बाधित है।
  • ​कोटद्वार व लैंसडौन: दुगड्डा और लैंसडौन के बीच फर्सुला के पास चीड़ का एक विशाल पेड़ सड़क किनारे खड़ी दो कारों पर गिर गया, जिससे कारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। भारी बारिश के चलते चेलुसैंण-देवीखेत मोटरमार्ग भी बंद हो गया है। हालांकि, इस बारिश से कोटद्वार का तापमान 30 डिग्री से गिरकर 23 डिग्री पर आ गया है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।

​ऋषिकेश और श्रीनगर में थमी बिजली, पानी की किल्लत

​तीर्थनगरी ऋषिकेश और श्रीनगर गढ़वाल में रातभर हुई झमाझम बारिश के बाद शुक्रवार सुबह मौसम तो साफ हो गया, लेकिन बुनियादी सुविधाएं ठप पड़ गईं। ऋषिकेश में आसमानी बिजली और आंधी के कारण रात से ही बिजली गुल है। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता शक्ति प्रसाद ने बताया कि लाइनों को ठीक करने के लिए कर्मचारी युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं। बिजली न होने के कारण सुबह शहर के कई हिस्सों में पानी की सप्लाई भी नहीं हो सकी।

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​कुमाऊं मंडल का हाल: जंगलों की आग बुझी, धुंध से मिली राहत

​कुमाऊं के नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जिलों में मध्यरात्रि से सुबह तक तेज गरज के साथ झमाझम बारिश हुई। इस बारिश का एक बड़ा फायदा यह हुआ कि उत्तराखंड के जंगलों में कई दिनों से सुलग रही भीषण आग पूरी तरह नियंत्रित हो गई है। वादियों में फैली धुंध साफ हो गई है और पहाड़ियों पर तापमान गिरने से मौसम बेहद सुहावना हो गया है। वर्तमान में हल्द्वानी, रुद्रपुर और चंपावत में खिली धूप के साथ मौसम सामान्य बना हुआ है।

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