देहरादून (ब्यूरो)। उत्तराखंड सरकार ने ईद-उल-जुहा (बकरीद) के पावन अवसर पर दिए जाने वाले सार्वजनिक अवकाश की तारीख में बड़ा बदलाव किया है। शासन द्वारा जारी ताजा संशोधित आदेश के मुताबिक, प्रदेश में अब बकरीद का सरकारी अवकाश पूर्व घोषित तिथि 27 मई के बजाय 28 मई (गुरुवार) को रहेगा।
इस संबंध में उत्तराखंड शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आधिकारिक अधिसूचना और संशोधित आदेश जारी कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले के बाद अब राज्य के सभी सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान और वित्तीय प्रतिष्ठान 28 मई को बंद रहेंगे, जबकि 27 मई को आम दिनों की तरह सामान्य रूप से कामकाज संचालित किया जाएगा।
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क्यों बदला गया अवकाश का दिन?
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार मनाए जाने वाले त्योहार पूरी तरह से चांद के दीदार (Moon Sighting) पर निर्भर करते हैं। मूल अवकाश तालिका तैयार करते समय यह छुट्टी अस्थाई रूप से 27 मई के लिए निर्धारित की गई थी। हालांकि, देश के प्रमुख मुस्लिम धार्मिक संगठनों, शिया-सुन्नी उलेमाओं और केंद्रीय चांद कमेटियों द्वारा चांद दिखने के बाद यह स्पष्ट किया गया कि इस वर्ष ईद-उल-जुहा का त्योहार 28 मई को मनाया जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं और त्योहार की वास्तविक तिथि को ध्यान में रखते हुए, उत्तराखंड शासन ने उच्च स्तरीय विचार-विमर्श के बाद पूर्व में जारी कैलेंडर में आंशिक संशोधन करने का निर्णय लिया। शासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नागरिकों की सुविधा और त्योहार की प्रासंगिकता को देखते हुए ही यह कदम उठाया गया है ताकि लोग बिना किसी असुविधा के अपने परिवार के साथ पर्व मना सकें।
बैंक, कोषागार और उप-कोषागार भी रहेंगे बंद
शासन द्वारा जारी किए गए संशोधित आदेश में यह विशेष रूप से रेखांकित किया गया है कि यह सार्वजनिक अवकाश केवल प्रशासनिक दफ्तरों तक ही सीमित नहीं रहेगा। नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 (Negotiable Instruments Act, 1881) के तहत मिलने वाली शक्तियों का प्रयोग करते हुए सरकार ने इस छुट्टी को वित्तीय सेक्टर पर भी लागू किया है।
इसके तहत 28 मई को राज्य के सभी:
- सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक (Banks)
- राज्य मुख्य कोषागार (Treasuries)
- जिला एवं उप-कोषागार (Sub-Treasuries)
इन सभी जगहों पर पूरी तरह से अवकाश घोषित किया गया है। ऐसे में आम जनता को सलाह दी गई है कि वे बैंकिंग और वित्तीय लेन-देन से जुड़े अपने सभी महत्वपूर्ण कार्य समय रहते पूरे कर लें, क्योंकि 28 मई को बैंकों में किसी भी तरह का पब्लिक डीलिंग का कार्य नहीं होगा। हालांकि, इस दौरान ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल ऐप और एटीएम (ATM) सेवाएं सुचारू रूप से काम करती रहेंगी।
27 मई को खुले रहेंगे सभी सरकारी दफ्तर
इस संशोधित आदेश का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पूर्व में घोषित 27 मई की छुट्टी को अब पूरी तरह से निरस्त माना जाएगा। शासन ने स्पष्ट किया है कि 27 मई को उत्तराखंड के सभी सरकारी विभाग, सचिवालय, निदेशालय और जिला स्तरीय कार्यालय सामान्य कार्य दिवस (Normal Working Day) की तरह खुलेंगे। कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी और पेंडिंग पड़े प्रशासनिक कार्यों को निपटाया जाएगा। इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों को भी दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं।
केंद्र सरकार और अन्य राज्यों के फैसलों का असर
गौरतलब है कि उत्तराखंड से पहले केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय (DoPT) ने भी दिल्ली और नई दिल्ली स्थित सभी केंद्रीय प्रशासनिक कार्यालयों के लिए बकरीद की छुट्टी 27 मई से बदलकर 28 मई करने का आधिकारिक मेमोरेंडम जारी किया था। केंद्र सरकार के इसी रुख और स्थानीय परिस्थितियों का आकलन करने के बाद उत्तराखंड सरकार ने भी अपने अवकाश कैलेंडर को अपडेट किया है। देश के कई अन्य राज्यों में भी स्थानीय स्तर पर चांद दिखने के आधार पर छुट्टियों की तारीखों में ऐसे ही बदलाव किए जा रहे हैं।
त्योहार का महत्व और प्रशासनिक व्यवस्थाएं
ईद-उल-जुहा या बकरीद मुस्लिम समाज का एक बेहद पवित्र और प्रमुख त्योहार है, जिसे त्याग और बलिदान के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सुबह विशेष नमाज अदा की जाती है और उसके बाद कुर्बानी की रस्म निभाई जाती है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार, पर्व के दौरान राज्य में शांति, कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार के इस समय पर लिए गए फैसले से सरकारी कर्मचारियों, बैंक कर्मियों और आम जनता के बीच छुट्टी को लेकर चल रहा असमंजस अब पूरी तरह से खत्म हो गया है।







