पटना | 13 मई, 2026
बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों से आज एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और प्रदेश के तकनीकी भविष्य को लेकर कई क्रांतिकारी फैसलों पर मुहर लगाई गई है।
इस बैठक में कुल 19 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जिनमें सबसे प्रमुख सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी और बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का हब बनाने की योजना शामिल है।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए डीए में 2% की बढ़ोतरी
बिहार सरकार ने राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी आर्थिक राहत देते हुए महंगाई भत्ते में वृद्धि को मंजूरी दे दी है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार:
- सप्तम वेतन आयोग: इसके तहत वेतन पाने वाले कर्मचारियों को अब 58% के स्थान पर 60% महंगाई भत्ता मिलेगा।
- षष्ठम वेतनमान: इन कर्मचारियों का भत्ता 257% से बढ़ाकर 262% कर दिया गया है।
- पंचम वेतनमान: इसके अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को अब 474% की जगह 483% भत्ता प्राप्त होगा।
सरकार के इस कदम से न केवल कर्मचारियों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, बल्कि सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों को भी बढ़ती महंगाई के बीच संबल मिलेगा।
72,900 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण उगाही को स्वीकृति
बैठक के बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने मीडिया को जानकारी दी कि सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ऋण उगाही की योजना को हरी झंडी दे दी है। सरकार कुल 72,901.30 करोड़ रुपये का ऋण जुटाएगी, जिसमें से लगभग 64,141 करोड़ रुपये बाजार ऋण के माध्यम से प्राप्त किए जाएंगे।
इस बड़ी धनराशि का उपयोग राज्य में विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे के निर्माण और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को गति देने के लिए किया जाएगा।
बिहार बनेगा AI क्षेत्र में अग्रणी: तकनीकी क्रांति की शुरुआत
सम्राट चौधरी सरकार ने बिहार को तकनीकी मानचित्र पर शीर्ष पर लाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में विशेष निवेश और विकास का निर्णय लिया है। सरकार का लक्ष्य बिहार को देश के प्रमुख AI केंद्रों में से एक बनाना है, जिससे न केवल युवाओं के लिए उच्च-स्तरीय रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि शासन व्यवस्था में भी पारदर्शिता और कुशलता आएगी।
ईवी नीति में संशोधन: पर्यावरण और रोजगार पर जोर
सतत विकास की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कैबिनेट ने ‘बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति, 2023’ में महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी है।
- लक्ष्य 2030: सरकार का उद्देश्य वर्ष 2030 तक नए वाहनों की कुल बिक्री में कम-से-कम 30% हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की सुनिश्चित करना है।
- प्रोत्साहन राशि: महिलाओं के लिए चारपहिया गैर-वाणिज्यिक वाहनों और इलेक्ट्रिक मालवाहक तिपहिया वाहनों की खरीद पर विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।
- पर्यावरण अनुकूल परिवहन: ‘मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना’ के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी और प्रदूषण में कमी आएगी।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
बैठक में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। चार्जिंग स्टेशनों के बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए निजी निवेशकों को आकर्षित करने हेतु प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है, जिससे रोजगार सृजन की नई संभावनाएं खुलेंगी।
मुख्य हाइलाइट्स (Quick View):
- चेयरमैन: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।
- कुल प्रस्ताव: 19 स्वीकृत प्रस्ताव।
- बड़ा लाभ: डीए में 2% की वृद्धि, 1 जनवरी 2026 से लागू।
- विकास बजट: ₹72,900 करोड़ से अधिक की ऋण उगाही को मंजूरी।
- विज़न: बिहार को AI और EV क्षेत्र में अग्रणी बनाना।
महंगाई भत्ते (DA) में वृद्धि: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने राज्य कर्मियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है. अब कर्मचारियों को 58% के स्थान पर 60% डीए मिलेगा, जो 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा.
वेतनमान के अनुसार लाभ:
सप्तम वेतन आयोग वालों को 60% डीए मिलेगा.
षष्ठम वेतनमान वालों के लिए यह 257% से बढ़कर 262% हो गया है.
पंचम वेतनमान वालों को अब 474% की जगह 483% भत्ता मिलेगा.
भारी ऋण उगाही: सरकार ने विकास योजनाओं और आधारभूत संरचना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 72,901.30 करोड़ रुपये की ऋण उगाही को स्वीकृति दी है.इसमें से बड़ा हिस्सा (लगभग 64,141 करोड़) बाजार ऋण के रूप में जुटाया जाएगा.
इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और पर्यावरण: ‘मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना’ को मंजूरी मिली है, जिसका लक्ष्य 2030 तक नए वाहनों की बिक्री में 30% हिस्सेदारी EV की करना है.
साथ ही, महिलाओं के लिए
चारपहिया वाहनों और अन्य कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.
AI और अन्य निर्णय: बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिसमें बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अग्रणी बनाने और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं.








