देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के प्रेमनगर इलाके में बुधवार देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ ने पूरे शहर को दहला दिया। लूट की वारदात को अंजाम देकर भाग रहे बदमाशों और पुलिस के बीच हुई इस क्रॉस फायरिंग में एक बदमाश मारा गया, जबकि बदमाशों की गोली लगने से प्रेमनगर थाना प्रभारी (SO) गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस अब फरार दो अन्य बदमाशों की तलाश में जंगलों में सघन कॉम्बिंग अभियान चला रही है।
वारदात का घटनाक्रम: लूट से एनकाउंटर तक
घटनाक्रम की शुरुआत बुधवार देर शाम हुई, जब प्रेमनगर क्षेत्र में तीन हथियारबंद बदमाशों ने लूट की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित पक्ष द्वारा सूचना मिलते ही देहरादून पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए पूरे जिले में अलर्ट जारी किया और बदमाशों की घेराबंदी के लिए विशेष टीमों का गठन किया।
पुलिस की तत्परता के चलते बदमाशों को भागने का मौका नहीं मिला। खुद को चारों ओर से घिरता देख बदमाश मुख्य मार्ग छोड़कर प्रेमनगर से सटे घने जंगल की ओर भागने लगे।
जंगल में खूनी संघर्ष: आमने-सामने की फायरिंग
देर रात जब पुलिस की टीम बदमाशों का पीछा करते हुए जंगल के भीतर तक पहुँच गई, तो खुद को फंसता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर सीधा फायर झोंक दिया। इस अचानक हुए हमले में प्रेमनगर थाना प्रभारी नरेश राठौर को गोली लग गई। थाना प्रभारी के घायल होते ही पुलिस ने भी जवाबी मोर्चा संभाला।
दोनों ओर से हुई कई राउंड फायरिंग में एक बदमाश पुलिस की गोली का शिकार होकर वहीं ढेर हो गया। पुलिस की इस आक्रामक कार्रवाई को देख बाकी दो बदमाश अंधेरे और घने जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
थाना प्रभारी की स्थिति और अस्पताल में उपचार
घायल थाना प्रभारी नरेश राठौर को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने बताया कि उनके कंधे/हाथ के पास गोली लगी है। वर्तमान में चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है। पुलिस के उच्चाधिकारियों ने अस्पताल पहुँचकर उनका हालचाल जाना और उनके साहस की सराहना की।
मारा गया बदमाश: पहचान और आपराधिक कुंडली की जांच
मुठभेड़ में मारे गए बदमाश के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हालांकि, अभी तक उसकी आधिकारिक शिनाख्त सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन प्राथमिक जांच में पुलिस का मानना है कि वह किसी अंतरराज्यीय या स्थानीय सक्रिय गिरोह का हिस्सा हो सकता है। पुलिस उसके पास से मिले साक्ष्यों के आधार पर उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि खंगाल रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुँचा जा सके।
फरार बदमाशों के लिए ‘ऑपरेशन कॉम्बिंग’ जारी
घटना के तुरंत बाद पूरे देहरादून जिले की सीमाओं को सील कर दिया गया है। विशेष रूप से सहसपुर और विकासनगर थाना क्षेत्रों के बॉर्डर पर कड़ा पहरा बिठा दिया गया है ताकि आरोपी जिला छोड़कर न भाग सकें।
- सर्च ऑपरेशन: रात भर पुलिस की कई टीमें टॉर्च और नाइट विजन उपकरणों की मदद से जंगल में सर्च ऑपरेशन (कॉम्बिंग) चलाती रहीं।
- नाकाबंदी: शहर के हर प्रवेश और निकास द्वार पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही है।
- एसएसपी की निगरानी: एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल खुद मौके पर मौजूद रहकर पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस मुठभेड़ के बाद प्रेमनगर और आसपास के रिहायशी इलाकों में दहशत का माहौल है। सुरक्षा की दृष्टि से क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें कोई भी संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दें।
एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल का बयान:
“लूट की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। बदमाशों ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला किया, जिसमें हमारे जांबाज थाना प्रभारी घायल हुए हैं। जवाबी फायरिंग में एक अपराधी मारा गया है। शेष दो की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।”
निष्कर्ष
देहरादून पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। हालांकि, थाना प्रभारी का घायल होना चिंता का विषय है, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने बदमाशों के हौसले पस्त कर दिए हैं। अब सबकी नजरें फरार बदमाशों की गिरफ्तारी और मारे गए बदमाश की पहचान पर टिकी हैं।









