देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के रायपुर थाना क्षेत्र स्थित मंदाकिनी विहार इलाके में सांप्रदायिक तनाव का मामला सामने आया है। यहाँ अपने घर में धार्मिक भजन सुन रही एक हिंदू महिला के साथ विशेष समुदाय के कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर मारपीट की गई। घटना के बाद घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के विरोध में हिंदूवादी संगठन ‘काली सेना’ ने मोर्चा खोलते हुए शनिवार को भारी विरोध प्रदर्शन किया और इलाके में स्थित संबंधित समुदाय की दुकान के सामने हनुमान चालीसा का पाठ कर अपना आक्रोश जताया।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, घटना मंदाकिनी विहार क्षेत्र की है। पीड़ित महिला का आरोप है कि वह अपने घर में सामान्य रूप से भजन सुन रही थी। इसी बात से नाराज होकर पड़ोस में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली विशेष समुदाय की महिला और उसके पति ने आपत्ति जताई। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने अपने समुदाय के कुछ अन्य लोगों को भी मौके पर बुला लिया और हिंदू महिला की बुरी तरह पिटाई कर दी। हमले में महिला को गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
काली सेना के प्रदेश प्रमुख भूपेश जोशी ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह केवल एक तात्कालिक विवाद नहीं है, बल्कि विशेष समुदाय के लोग लंबे समय से उक्त महिला और उसके परिवार को प्रताड़ित कर रहे थे। भजन सुनना महज एक बहाना बना, जिसके बाद सुनियोजित तरीके से महिला पर हमला किया गया।
काली सेना का आक्रोश और हनुमान चालीसा का पाठ
शनिवार को घटना की खबर फैलते ही काली सेना के कार्यकर्ता और पदाधिकारी बड़ी संख्या में मंदाकिनी विहार में एकत्रित हो गए। कार्यकर्ताओं ने सबसे पहले आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए और किसी भी प्रकार के हिंसक टकराव को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और एहतियात के तौर पर विवादित ब्यूटी पार्लर की दुकान को बंद करवा दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान काली सेना के कार्यकर्ताओं ने दुकान के बाहर बैठकर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। हिंदू संगठनों का कहना है कि उत्तराखंड की शांत वादियों में इस तरह की धार्मिक असहिष्णुता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा के इंतजाम
रायपुर थाना पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिली थी, जिसके बाद मौके पर शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पर्याप्त बल भेजा गया। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत दर्ज कर ली है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
क्षेत्र में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
काली सेना के पदाधिकारियों ने पुलिस और प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि महिला को न्याय नहीं मिला और दोषियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। सेना के महामंत्री अजय कक्त्वान और अन्य सदस्यों का कहना है कि हिंदू परिवारों को उनके ही घरों में धार्मिक स्वतंत्रता से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे सफल नहीं होने दिया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में काली सेना के प्रदेश प्रमुख भूपेश जोशी, महामंत्री अजय कक्त्वान, अनूप कक्त्वान, निखिल प्रताप, वैभव, राजेश रावत, अजय नेगी और राकेश कैंतुरा समेत कई स्थानीय निवासी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ये भी पढ़े➜उन्नाव में भीषण हादसा: पाइलिंग मशीन का डीजल टैंक फटने से लगी आग, ऑपरेटर की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत
निष्कर्ष: देवभूमि की शांति पर सवाल?
देहरादून जैसे शांत शहर में भजन सुनने जैसी सामान्य गतिविधि पर हिंसा होना चिंता का विषय है। मंदाकिनी विहार की इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय स्तर पर आपसी सामंजस्य और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजरें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि वे इस मामले में कितनी संजीदगी से न्याय सुनिश्चित करते हैं।








