नैनीताल। हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस वर्ष एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) ने घोषणा की है कि इस वर्ष की यात्रा पिछले वर्ष की तुलना में अधिक खर्चीली होगी। डॉलर की कीमतों में आई उछाल और परिचालन लागत में वृद्धि के कारण यात्रा शुल्क में प्रति यात्री ₹35,000 की बढ़ोतरी की गई है।
अब ₹2.09 लाख होगा कुल खर्च
कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए इस वर्ष प्रत्येक यात्री को कुल ₹2.09 लाख का भुगतान करना होगा. यदि बीते वर्ष की तुलना करें, तो यह खर्च लगभग ₹1.74 लाख था. यात्रा के बजट में हुई इस वृद्धि का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कीमतों का बढ़ना बताया जा रहा है.
कुल खर्च का विवरण कुछ इस प्रकार है:
- केएमवीएन (KMVN) शुल्क: भारतीय क्षेत्र में आवास, भोजन और परिवहन की व्यवस्था करने वाले कुमाऊं मंडल विकास निगम को ₹65,000 देय होंगे. पिछले साल यह शुल्क ₹57,000 था, जिसमें इस बार ₹8,000 की वृद्धि हुई है.
- विदेश मंत्रालय शुल्क (तिब्बत क्षेत्र): तिब्बत (चीन) के हिस्से में होने वाले वीजा खर्च और अन्य व्यवस्थाओं के लिए विदेश मंत्रालय को अलग से शुल्क देना होगा, जिसमें 1400 डॉलर शामिल हैं.
बढ़ाई गई यात्रियों की संख्या
महंगाई के बीच एक राहत भरी खबर यह है कि सरकार ने इस वर्ष यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा किया है. केएमवीएन के महाप्रबंधक विजय नाथ शुक्ला ने जानकारी दी कि जहाँ पिछले वर्ष केवल 250 यात्रियों को अनुमति मिली थी, वहीं इस वर्ष 500 यात्रियों को कैलाश दर्शन का सौभाग्य मिलेगा.
- इस वर्ष कुल 10 दल भेजे जाएंगे.
- प्रत्येक दल में 50-50 यात्री शामिल होंगे.
- यात्रियों का आधिकारिक रजिस्ट्रेशन भी शुरू किया जा चुका है.
नया रूट: टनकपुर-चंपावत से होकर गुजरेंगे श्रद्धालु
ऐतिहासिक रूप से यह यात्रा 1947 में शुरू हुई थी, लेकिन 1962 के युद्ध और हाल के वर्षों में कोरोना महामारी व सीमा तनाव के कारण कई बार बाधित रही. वर्ष 2025 में जब यात्रा पुनः शुरू हुई, तो इसके मार्ग में बड़ा बदलाव किया गया.
इस वर्ष भी यात्री लिपुलेख दर्रे के माध्यम से ही जाएंगे, लेकिन उनका मार्ग चंपावत और टनकपुर से होकर गुजरेगा. इस मार्ग की विशेषता यह है कि तीर्थयात्रियों को मुख्य यात्रा के साथ-साथ उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों जैसे जागेश्वर धाम और चितई गोलू देवता मंदिर के दर्शन भी कराए जाएंगे.
सुरक्षा और मेडिकल सुविधाओं पर विशेष ध्यान
कैलाश मानसरोवर की यात्रा समुद्र तल से अत्यधिक ऊंचाई पर होने के कारण शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। केएमवीएन द्वारा ली जाने वाली ₹65,000 की राशि में भारतीय सीमा के भीतर गाइड, मेडिकल चेकअप और सुरक्षा व्यवस्थाएं शामिल हैं. विजय नाथ शुक्ला ने स्पष्ट किया कि तिब्बत क्षेत्र में होने वाले खर्च डॉलर में देय होते हैं, जो सीधे अंतरराष्ट्रीय नियमों और विनिमय दरों से प्रभावित होते हैं.
श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल एक धार्मिक भ्रमण नहीं, बल्कि एक कड़ा अनुशासन है। इस बार बढ़े हुए शुल्क के बावजूद श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर की अस्थिरता के कारण भविष्य में भी शुल्क में ऐसे बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
विवरण
शुल्क/संख्या
कुल यात्रा खर्च (2026)
₹2.09 लाख
पिछले वर्ष का खर्च
₹1.74 लाख
कुल यात्रियों की संख्या
500
केएमवीएन शुल्क
₹65,000
विदेशी मुद्रा शुल्क
1400 डॉलर
निष्कर्ष:
बढ़ते खर्च के बावजूद, कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रति आस्था कम नहीं हुई है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही देशभर से आवेदन आने शुरू हो गए हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि बढ़े हुए शुल्क के बदले यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित यात्रा मार्ग प्रदान किया जाएगा। यदि आप भी इस वर्ष भोलेनाथ के धाम जाने की योजना बना रहे हैं, तो संशोधित बजट और रूट के अनुसार अपनी तैयारी शुरू कर दें।










