कानपुर। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर का शिवाला इलाका शुक्रवार की शाम गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। शहर के व्यस्तम बाजारों में शुमार शिवाला बाजार के एक होजरी कारोबारी विजय चौरसिया की बेरहमी से हत्या कर दी गई। कारोबारी का शव चौक सराफा के पास स्थित सवाई सिंह का हाता में एक मकान की सीढ़ियों पर खून से लथपथ हालत में मिला। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
शाम को आई एक कॉल और फिर मौत की खबर
मृतक विजय चौरसिया (42 वर्ष), जो सिरकी मोहाल के निवासी थे, शिवाला बाजार में होजरी के कपड़ों की दुकान चलाते थे। परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार शाम करीब 6:15 बजे उनके पास एक फोन आया था। विजय ने अपने बड़े भाई अजय को बताया था कि विशाल गुप्ता नाम के व्यक्ति ने उन्हें एक मकान दिखाने के बहाने बुलाया है। इसके बाद वह दुकान से निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे।
रात करीब 8:00 बजे एक परिचित ने उनके भाई को सूचना दी कि विजय सवाई सिंह का हाता स्थित रामचंद्र गुप्ता के मकान की पहली मंजिल की सीढ़ियों पर बेसुध पड़े हैं और उनके सिर से काफी खून बह रहा है। आनन-फानन में उन्हें उर्सुला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सीसीटीवी में कैद हुआ संदिग्ध और वारदात का सिरा
वारदात की सूचना मिलते ही अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) डॉ. विपिन ताडा पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में पुलिस ने जब आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे।
फुटेज में दिखा कि नारंगी रंग की शर्ट पहने आरोपी विशाल गुप्ता अपने स्कूटर पर विजय चौरसिया को बैठाकर ले जा रहा है। इसके कुछ देर बाद विशाल उसी रास्ते से अकेला वापस जाते हुए दिखाई दिया। जिस मकान में शव मिला, वहां रहने वाली एक महिला किरायेदार ने भी पुलिस को बताया कि उसने शाम सवा सात से साढ़े सात के बीच गोली चलने जैसी आवाज सुनी थी। जब उसने बाहर झाँका, तो विशाल गुप्ता को वहां से भागते हुए देखा।
गोली या चोट? पोस्टमार्टम का इंतजार
हालांकि परिजनों और चश्मदीदों का दावा है कि विजय को कनपटी पर गोली मारी गई है, लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों की शुरुआती राय कुछ अलग है। उर्सुला अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रशांत के अनुसार, मृतक के सिर पर गंभीर चोट के निशान हैं और नाक से खून बहा है, लेकिन प्राथमिक दृष्टया गोली लगने के स्पष्ट सुराग नहीं मिले हैं।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत गोली लगने से हुई है या किसी भारी वस्तु से प्रहार करने के कारण। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही है।
इन बिंदुओं पर टिकी है पुलिस की जांच
पुलिस इस हत्याकांड के पीछे कई संभावित कारणों को देख रही है:
- संपत्ति विवाद: सूत्रों के अनुसार, मकान दिखाने के बहाने बुलाना किसी संपत्ति विवाद की ओर इशारा करता है।
- लेनदेन का मामला: कारोबारियों के बीच आपसी पैसों के लेनदेन को लेकर भी रंजिश की आशंका जताई जा रही है।
- प्रेम प्रसंग: पुलिस इस कोण पर भी जांच कर रही है कि कहीं इस वारदात के पीछे कोई निजी रंजिश या प्रेम प्रसंग तो नहीं है।
फरार आरोपी की तलाश में दबिश
आरोपी विशाल गुप्ता, जो एक रेस्टोरेंट संचालक बताया जा रहा है, घटना के बाद से ही फरार है। उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा है और वह अपने घर पर भी नहीं मिला। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए चार विशेष टीमों का गठन किया है जो शहर के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
बाजार में सुरक्षा पर उठे सवाल
शिवाला जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई इस हत्या ने पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापारियों का कहना है कि शाम के वक्त जब बाजार पूरी तरह सक्रिय रहता है, तब ऐसी वारदात होना कानून-व्यवस्था की स्थिति को दर्शाता है। मृतक के घर में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस का दावा है कि जल्द ही मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और हत्या के पीछे की असल साजिश का पर्दाफाश होगा।







