देहरादून/नैनीताल:
देवभूमि उत्तराखंड की जनता पर महंगाई की दोहरी मार पड़ी है। शुक्रवार सुबह प्रदेशवासियों के लिए बुरी खबर लेकर आई, जब तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की। राज्य के विभिन्न जिलों में ईंधन की कीमतों में औसतन 2 से 3 रुपये तक का इजाफा देखा गया है। इस बढ़ोतरी के बाद राजधानी देहरादून समेत कुमाऊं और गढ़वाल के पहाड़ी जिलों में तेल के दाम आसमान छू रहे हैं।
क्यों बढ़ी कीमतें? वैश्विक संकट का असर
बाजार विशेषज्ञों और अधिकारियों के अनुसार, इस अचानक आई तेजी के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं:
- पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है।
- अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें: ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है, जिसका सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ा है।
- रुपये की कमजोरी: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के मूल्य में आई गिरावट ने आयात को महंगा कर दिया है, जिससे पेट्रोलियम पदार्थों की लागत बढ़ गई है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल के नए दाम: एक नजर में
उत्तराखंड के मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में पेट्रोल की कीमतों में भारी अंतर देखा जा रहा है। नैनीताल और देहरादून जैसे शहरों में उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ बढ़ गया है।
शहर
बढ़ोतरी (प्रति लीटर)
नई कीमत (प्रति लीटर)
देहरादून
₹2.68
₹96.23
हरिद्वार
₹2.72
₹95.41
नैनीताल
₹3.19
₹96.30
पहाड़ों में पेट्रोल का ‘शतक’ के करीब:
अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, टिहरी और उत्तरकाशी जैसे दुर्गम जिलों में स्थिति और भी गंभीर है। यहां परिवहन लागत और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पेट्रोल की कीमतों में करीब 3 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिससे यहां पेट्रोल अब 98 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गया है।
डीजल की कीमतों ने बिगाड़ा बजट
डीजल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन पर पड़ता है। उत्तराखंड में डीजल के दामों ने भी नई ऊंचाइयों को छुआ है।
- देहरादून: यहाँ डीजल के दाम ₹2.91 बढ़कर ₹91.35 प्रति लीटर हो गए हैं।
- हरिद्वार: हरिद्वार में ₹3.10 की वृद्धि के साथ नई कीमत ₹90.63 पहुंच गई है।
- नैनीताल: पर्यटन नगरी नैनीताल में ₹3.24 का बड़ा उछाल आया है, जिससे नया रेट ₹91.27 हो गया है।
अल्मोड़ा बना सबसे महंगा शहर:
डीजल की कीमतों के मामले में अल्मोड़ा पूरे प्रदेश में सबसे महंगा साबित हो रहा है।
यहाँ ₹3.01 की वृद्धि के बाद डीजल की कीमत ₹92.68 प्रति लीटर तक जा पहुंची है।
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आम जनता और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
ईंधन की कीमतों में इस भारी बढ़ोतरी का व्यापक असर देखने को मिल सकता है:
- महँगी होगी फल-सब्जियां: उत्तराखंड एक पहाड़ी राज्य है जहाँ अधिकांश खाद्य सामग्री मैदानों से ट्रकों के माध्यम से आती है। डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन चार्ज बढ़ेगा, जिससे आने वाले दिनों में सब्जी, फल और राशन के दामों में तेजी आ सकती है।
- परिवहन का किराया: टैक्सी और बस ऑपरेटरों ने पहले ही अपनी चिंता जाहिर की है। यदि कीमतें स्थिर नहीं हुईं, तो चारधाम यात्रा और स्थानीय रूटों पर किराए में बढ़ोतरी की संभावना है।
- पर्यटन पर असर: नैनीताल और मसूरी जैसे पर्यटन स्थलों पर जाने वाले पर्यटकों के लिए निजी वाहनों से यात्रा करना अब और खर्चीला हो जाएगा।
निष्कर्ष
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता के कारण उत्तराखंड की जनता को फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है। जानकारों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी नहीं आती और रुपया मजबूत नहीं होता, तब तक कीमतों में यह उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। राज्य सरकार पर भी अब वैट (VAT) कम करने का दबाव बढ़ सकता है ताकि आम आदमी को कुछ राहत दी जा सके।








