नई दिल्ली |
मध्य पूर्व (Middle East) में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के खतरों और वैश्विक अस्थिरता का सीधा असर अब भारतीय बाजार पर दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतों में आए उछाल के कारण केंद्र सरकार ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 993 रुपये की ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है। इस फैसले के बाद देश की राजधानी दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹3000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई है।
कमर्शियल सिलेंडर की नई दरें: दिल्ली में ₹3071.50 का हुआ सिलेंडर
समाचार एजेंसी ANI के सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, तेल विपणन कंपनियों ने आज से ही कमर्शियल सिलेंडर की नई दरों को लागू कर दिया है। दिल्ली में अब एक 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹3071.50 हो गई है। कीमतों में आया यह ₹993 का उछाल हाल के वर्षों में एक बार में की गई सबसे बड़ी वृद्धि मानी जा रही है।
हालांकि, आम आदमी के रसोई बजट के लिए एक राहत भरी खबर यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के इस झटके से फिलहाल सुरक्षित रखा है।
युद्ध के साये में तीसरी बार बढ़े दाम: व्यवसायों पर गहरा संकट
28 फरवरी को खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थितियां बनने के बाद से कमर्शियल गैस की कीमतों में यह तीसरी बड़ी बढ़ोतरी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले दो महीनों में कीमतें रॉकेट की रफ्तार से बढ़ी हैं:
- मार्च: कीमतों में 144 रुपये का इजाफा किया गया था।
- 1 अप्रैल: दरों में फिर से 195.50 रुपये की वृद्धि हुई।
- ताजा अपडेट: अब सीधे 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई है।
लगातार हो रही इन वृद्धियों ने रेस्तरां, ढाबा संचालकों, हलवाइयों और छोटे भोजनालय चलाने वाले व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। इनपुट कॉस्ट बढ़ने से अब बाहर खाना और कैटरिंग सेवाएं महंगी होने की पूरी संभावना है।
पेट्रोल, डीजल और ATF: आम जनता के लिए सुकून भरी खबर
जहां एक तरफ कमर्शियल गैस ने झटका दिया है, वहीं दूसरी तरफ ईंधन के अन्य मोर्चों पर शांति बनी हुई है। पूरे भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। इसके साथ ही, इंडियन ऑयल (IOCL) ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उड़ानों के लिए इस्तेमाल होने वाले एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में शुक्रवार को कोई बदलाव नहीं किया गया है।
आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को एटीएफ की कीमतों की समीक्षा की जाती है, लेकिन वैश्विक तनाव के बावजूद फिलहाल दरों को यथावत रखना विमानन क्षेत्र के लिए बड़ी राहत है।
निर्यात शुल्क में सरकार का बड़ा बदलाव (Windfall Tax Update)
वैश्विक बाजार की स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने देश के भीतर आपूर्ति सुनिश्चित करने और अर्थव्यवस्था को संतुलित करने के लिए ‘निर्यात शुल्क’ (Export Duty) के मोर्चे पर भी महत्वपूर्ण घोषणा की है।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार:
- डीजल का निर्यात: डीजल के निर्यात पर शुल्क दर अब 23 रुपये प्रति लीटर होगी (इसमें SAED ₹23 और RIC शून्य है)।
- एटीएफ का निर्यात: हवाई ईंधन के निर्यात पर शुल्क दर 33 रुपये प्रति लीटर (केवल SAED) निर्धारित की गई है।
- पेट्रोल: पेट्रोल के निर्यात पर पहले की तरह शून्य शुल्क बना रहेगा।
मंत्रालय ने यह भी साफ कर दिया है कि यह बदलाव केवल ‘निर्यात’ के लिए है। घरेलू खपत के लिए इस्तेमाल होने वाले पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिसका मतलब है कि स्थानीय बाजार में तेल की कीमतें स्थिर रहेंगी।
निष्कर्ष: आगे क्या?
मध्य पूर्व में जारी तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को बाधित किया है। सरकार का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय बाजारों की अस्थिर स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है और देश के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। हालांकि, कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में इस भारी उछाल से औद्योगिक लागत बढ़ना तय है, जिसका असर परोक्ष रूप से महंगाई पर पड़ सकता है।
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प्रमुख जानकारी एक नजर में:
मद
प्रभाव
नई स्थिति/दर
कमर्शियल सिलेंडर (19kg)
₹993 की बढ़त
₹3071.50 (दिल्ली)
घरेलू सिलेंडर (14.2kg)
कोई बदलाव नहीं
स्थिर
पेट्रोल-डीजल (घरेलू)
कोई बदलाव नहीं
स्थिर
डीजल निर्यात शुल्क
कटौती/संशोधन
₹23 प्रति लीटर
ATF निर्यात शुल्क
कटौती/संशोधन
₹33 प्रति लीटर









