Dehradun land fraud case का एक सनसनीखेज मामला राजधानी देहरादून से सामने आया है, जहां जमीन बेचने और दिलाने के नाम पर 2.20 करोड़ रुपये की बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। इस पूरे मामले में पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा देहरादून के रायपुर क्षेत्र में बुजुर्ग की देखभाल के बहाने घर में घुसे एक फर्जी नर्सिंग स्टाफ द्वारा लाखों के गहने और नकदी चुराने का मामला भी दर्ज किया गया है।
Dehradun land fraud case: करोड़ों का सौदा कर मुकरे आरोपी
पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मेहूंवाला माफी निवासी सलीम अहमद ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 के दौरान इन्फिनिटी वेलनेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने उनके और उनके सहयोगियों के माध्यम से इलाके में जमीन खरीदी थी।
जब स्थानीय निवासी कमरुद्दीन और जमील अहमद को इस बात की जानकारी मिली कि कंपनी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जमीन की खरीद कर रही है, तो उन्होंने भी अपनी जमीन बेचने की इच्छा जाहिर की। दोनों पक्षों के बीच बैठक हुई और जमीन का अंतिम सौदा 2.20 करोड़ रुपये में तय किया गया।
रकम हड़पने के बाद जमीन देने से किया साफ इनकार
शिकायतकर्ता के अनुसार, अनुबंध और बातचीत के आधार पर तय की गई पूरी रकम (2.20 करोड़ रुपये) आरोपियों को दे दी गई। लेकिन रकम हासिल करने के बाद आरोपियों की नीयत बदल गई। जब कंपनी और शिकायतकर्ता ने जमीन की रजिस्ट्री और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने को कहा, तो कमरुद्दीन उर्फ नसरुद्दीन और जमील अहमद ने जमीन देने से साफ मना कर दिया और रकम लौटाने में भी आनाकानी करने लगे।
पटेलनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विनोद गुसांई ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपी कमरुद्दीन और जमील अहमद के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस बैंक लेनदेन, अनुबंध पत्रों और गवाहों के बयानों की गहनता से पड़ताल कर रही है।
Dehradun land fraud case के बीच घर में घुसे शातिर नर्सिंग स्टाफ की करतूत
राजधानी में धोखाधड़ी के इस बड़े मामले के साथ ही एक अन्य संवेदनशील चोरी की वारदात रायपुर थाना क्षेत्र से सामने आई है। ननूरखेड़ा निवासी पूजा बडोला ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनके 87 वर्षीय बुजुर्ग पिता काफी समय से अस्वस्थ हैं और उन्हें 24 घंटे देखभाल की जरूरत थी।
पिता की तीमारदारी के लिए उन्होंने 7 अगस्त को ऑनलाइन सर्च इंजन (जस्ट डायल) के माध्यम से नर्सिंग स्टाफ सेवा की तलाश की। इसके कुछ ही समय बाद उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने अपना नाम धीरज बताया और बेहतर नर्सिंग सुविधा उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
काम शुरू करने के अगले ही दिन नकदी और गहने लेकर हुआ फरार
9 अगस्त को ‘अमेरिकन होम नर्सिंग कंपनी’ के नाम पर एक युवक उनके घर पहुंचा। उसने अपना नाम राज बर्धन बताया और बुजुर्ग पिता की देखभाल का काम संभाल लिया।
अगले ही दिन, यानी 10 अगस्त की सुबह, वह घर में सामान्य रूप से खाना खाने के बाद अचानक बिना बताए बाहर चला गया। काफी देर तक जब वह नहीं लौटा, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। घर के कमरों की जांच करने पर पता चला कि आलमारी में रखे सोने-चांदी के कीमती जेवरात और लगभग 70 हजार रुपये की नकदी गायब थी।
रायपुर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, तलाश तेज
बुजुर्ग के घर में चोरी की सूचना मिलते ही रायपुर थाना पुलिस हरकत में आई। पीड़िता की तहरीर पर अमेरिकन होम नर्सिंग कंपनी और तथाकथित कर्मचारी राज बर्धन के खिलाफ चोरी व धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस की एक टीम ऑनलाइन नंबर, एजेंसी के पते और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाल रही है ताकि आरोपी की लोकेशन ट्रेस की जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या उक्त नर्सिंग एजेंसी वैध है या फर्जी नाम पर घरेलू कामगारों के नाम पर गिरोह सक्रिय है।
प्रशासन की अपील: वेरिफिकेशन और कानूनी पड़ताल है जरूरी
राजधानी में बढ़ते Dehradun land fraud case और घरेलू सहायकों द्वारा की जा रही वारदातों को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है।
- किसी भी बड़ी संपत्ति या जमीन के सौदे से पहले राजस्व रिकॉर्ड, खतौनी और दाखिल-खारिज की आधिकारिक जांच अवश्य कराएं।
- भारी वित्तीय लेनदेन हमेशा बैंक माध्यमों और वैध कानूनी दस्तावेजों के आधार पर ही करें।
- घर में किसी भी नौकर, आया या नर्सिंग स्टाफ को रखने से पहले नजदीकी थाने में उसका पुलिस वेरिफिकेशन (सत्यापन) अनिवार्य रूप से करवाएं।
- किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन एजेंसी या अनवेरिफाइड सेवा प्रदाता पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।





