Dehradun Road Accident की एक दिल दहला देने वाली घटना में राजधानी के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित तिलक रोड पर सोमवार सुबह एक तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े युवक को बुरी तरह रौंद दिया। यह हादसा उस वक्त हुआ जब हाथीबड़कला पुलिस चौकी में तैनात एक पुलिसकर्मी अपनी निजी कार से ड्यूटी के लिए जा रहा था। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक कई मीटर तक वाहन के नीचे घिसटता चला गया, जिससे उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल दून अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी बिगड़ती स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। वर्तमान में पीड़ित युवक देहरादून के मैक्स अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। घटना से इलाके में आक्रोश फैल गया है और पुलिस प्रशासन ने मामले की आधिकारिक जांच शुरू कर दी है।
Dehradun Road Accident में दुकान के बाहर काम कर रहे युवक को लिया चपेट में
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर कोतवाली क्षेत्र के चुक्खू मोहल्ला निवासी सुरेश कुमार तिलक रोड पर स्थित एक ऑटोमोबाइल/इलेक्ट्रिकल दुकान पर इलेक्ट्रीशियन के रूप में कार्यरत है। सोमवार की सुबह वह दुकान के ठीक सामने खड़ी एक गाड़ी की सफाई कर रहा था। इसी दौरान हाथीबड़कला पुलिस चौकी में तैनात सिपाही सुरेंद्र मेहरा अपनी कार से ड्यूटी पर जाने के लिए तिलक रोड से गुजर रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की रफ्तार काफी तेज थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। कार ने सीधे सुरेश को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर लगते ही सुरेश जमीन पर गिर गया और कार के अगले हिस्से में फंसकर काफी दूर तक घिसटता चला गया। जब तक आसपास के दुकानदार और राहगीर दौड़कर मदद के लिए पहुंचे, तब तक सुरेश गंभीर रूप से लहूलुहान हो चुका था।
सिर में गंभीर फ्रैक्चर: प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और मौके पर मौजूद अन्य लोगों की मदद से घायल सुरेश को दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की इमरजेंसी टीम ने प्राथमिक जांच के बाद बताया कि युवक के सिर की हड्डियों में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है और अंदरूनी रक्तस्राव हो रहा है।
हालत अत्यंत चिंताजनक होने के कारण डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए परिजनों को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। परिजन तुरंत सुरेश को देहरादून के मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां न्यूरोसर्जन और क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों की टीम उसका इलाज कर रही है। अस्पताल सूत्रों और परिजनों से मिली अपुष्ट सूचनाओं के अनुसार, गंभीर न्यूरोलॉजिकल डैमेज के चलते युवक की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और उसे लगातार निगरानी में रखा गया है।
Dehradun Road Accident का CCTV फुटेज आया सामने, जांच में जुटी पुलिस
घटनास्थल के पास लगी दुकानों और प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी कैमरों में इस दर्दनाक हादसे का पूरा घटनाक्रम कैद हो गया है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि युवक शांति से सड़क किनारे खड़ा था और तभी तेज गति से आ रही कार उसे रौंदते हुए आगे बढ़ गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आसपास के सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है ताकि हादसे की सटीक गति, टक्कर के कोण और चालक की लापरवाही का तकनीकी विश्लेषण किया जा सके। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि शहर के भीड़भाड़ वाले तिलक रोड पर वाहनों की अनियंत्रित गति लगातार हादसों का सबब बन रही है।
आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया और परिजनों की तहरीर
हादसे के बाद घायल युवक के परिजनों ने नगर कोतवाली में सिपाही सुरेंद्र मेहरा के खिलाफ लिखित तहरीर दी है। परिजनों का कहना है कि वाहन चालक की घोर लापरवाही के चलते एक मेहनती युवक की जान पर बन आई है, इसलिए दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
”पीड़ित परिवार की ओर से मिली शिकायत के आधार पर विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। हादसे से जुड़े सभी साक्ष्यों, बयानों और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है। हाथीबड़कला चौकी में तैनात पुलिसकर्मी सुरेंद्र मेहरा के विरुद्ध नियमानुसार मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। कानून सबके लिए समान है और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।”
— कैलाश चंद्र भट्ट, प्रभारी निरीक्षक (नगर कोतवाली, देहरादून)
व्यस्ततम बाजारों में सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन पर उठे सवाल
इस गंभीर घटना के बाद राजधानी देहरादून की सड़कों पर ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। तिलक रोड शहर के प्रमुख और व्यस्ततम व्यावसायिक क्षेत्रों में गिना जाता है, जहां सुबह से ही राहगीरों और दुकानदारों की भारी आवाजाही रहती है। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने मांग की है कि भीड़भाड़ वाले बाजारों में वाहनों की गति सीमा तय करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं और नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसे जानलेवा हादसों की पुनरावृत्ति न हो।
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