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उत्तराखंड: सतपुली के महर गांव में मकान पर टूटा पहाड़, मलबे में दबकर 2 साल के मासूम की मौत; दो अन्य की तलाश जारी

On: August 18, 2026 8:59 AM
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SDRF rescue operation after Satpuli landslide house collapse in Mahar village Pauri Garhwal

Satpuli landslide house collapse की एक हृदयविदारक घटना ने पौड़ी गढ़वाल जनपद के सतपुली क्षेत्र को गहरे शोक और दहशत में डाल दिया है। मंगलवार सुबह सतपुली तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महर गांव में पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर एक आवासीय मकान के ऊपर आ गिरे। मलबे के भारी दबाव के कारण दो मंजिला मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोग सीधे मलबे के नीचे दब गए। इस दर्दनाक हादसे में दो वर्षीय मासूम बालक की जान चली गई, जबकि दो बुजुर्ग व प्रौढ़ ग्रामीण अब भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

​Satpuli Landslide House Collapse: महर गांव में सुबह-सुबह मची चीख-पुकार

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह जब परिवार के सदस्य अपनी दैनिक दिनचर्या में व्यस्त थे, तभी पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर सीधे मकान की छत पर गिर पड़ा। धमाके जैसी तेज आवाज और धूल के गुबार के साथ पूरा मकान जमींदोज हो गया। बताया जा रहा है कि यह मकान एक स्थानीय मैक्स वाहन चालक का था, जो अपने परिवार के साथ यहां निवास करता था। हादसे के बाद गांव में कोहराम मच गया और आसपास के ग्रामीण बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे और प्रशासन को सूचना दी।

​एसडीआरएफ और पुलिस का त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन

​आपदा की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीमें सतपुली व लैंसडौन से भारी उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुईं:

  • मासूम का शव बरामद: मलबे को हटाने के दौरान बचाव दल ने दो वर्षीय बालक रुद्राक्ष पुत्र नवीन सिंह को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। बच्चे की मौत की पुष्टि होते ही परिजनों में चीत्कार मच गई।
  • मलबे में फंसे दो अन्य लोग: रेस्क्यू टीम द्वारा 46 वर्षीय धीरेंद्र सिंह पुत्र प्रताप सिंह और 70 वर्षीया मथुरा देवी पत्नी प्रताप सिंह को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।
  • कटर और सर्च उपकरणों का प्रयोग: भारी स्लैब और मलबे को हटाने के लिए हाइड्रोलिक कटर, रडार व डॉग स्क्वॉड की मदद ली जा रही है ताकि फंसे हुए लोगों तक तेजी से पहुंचा जा सके।

​Satpuli Landslide House Collapse: बैर गांव में भी हादसा, किचन की छत गिरने से महिला घायल

​महर गांव के भीषण हादसे के साथ-साथ सतपुली तहसील के ही समीपवर्ती ग्राम बैर गांव से भी एक मकान क्षतिग्रस्त होने की दुखद खबर सामने आई है।

​बैर गांव निवासी 60 वर्षीया सुशीला देवी पत्नी कोमल सिंह सुबह अपने घर के किचन में खाना बना रही थीं। उसी दौरान सीलन और पहाड़ी दबाव के चलते किचन की छत भरभराकर नीचे आ गिरी। मलबे की चपेट में आने से सुशीला देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे से उन्हें बाहर निकाला और तत्काल हंस फाउंडेशन अस्पताल सतपुली पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार प्राथमिक उपचार के बाद महिला की हालत स्थिर और खतरे से बाहर बताई गई है।

​आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी

​पौड़ी गढ़वाल के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और जर्जर मकानों के ढहने का खतरा लगातार संवेदनशील बना रहता है। जिला प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र के राजस्व उपनिरीक्षकों और आपदा प्रबंधन इकाइयों को हाई अलर्ट पर रखा है:

  1. अस्थायी विस्थापन: महर गांव और आसपास के जोखिम भरे मकानों में रह रहे अन्य परिवारों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों व सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
  2. राहत सामग्री का वितरण: प्रभावित परिवारों के लिए तिरपाल, राशन किट और प्राथमिक राहत सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
  3. सड़क और संचार संपर्क: मलबे के कारण अवरुद्ध हुए ग्रामीण रास्तों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनों को तैनात किया गया है ताकि एंबुलेंस और राहत दल को आवागमन में बाधा न आए।

​संवेदनशील पहाड़ी ढलानों पर बसे गांवों की सुरक्षा पर सवाल

​सतपुली की इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने एक बार फिर पहाड़ी ढलानों और बरसाती नालों के समीप बने रिहायशी ढांचों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि महर गांव के ऊपरी हिस्से में लंबे समय से मिट्टी खिसकने की चेतावनी नजर आ रही थी।

​प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे दरार वाले कच्चे मकानों और पहाड़ी ढलानों के ठीक नीचे स्थित कमरों में सोने से बचें तथा किसी भी प्रकार की भूस्खलन की आहट मिलते ही सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं। महर गांव में एसडीआरएफ और पुलिस का संयुक्त अभियान लगातार जारी है और अधिकारी मौके पर कैंप किए हुए हैं।

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