बटाला (गुरदासपुर):
पंजाब के गुरदासपुर जिले के अंतर्गत आते बटाला के नजदीकी गांव मुंडी कलार में मंगलवार देर रात एक ऐसा खूनी खेल खेला गया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक सिरफिरे युवक ने घरेलू कलह या किसी अज्ञात रंजिश के चलते अपनी सगी चाची, महज 13 साल के मासूम चचेरे भाई और अपने ही एक जिगरी दोस्त की अंधाधुंध गोलियां बरसाकर बेरहमी से हत्या कर दी।
इस तिहरे हत्याकांड (Triple Murder) को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक ने खुद को भी गोली मारकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। एक ही रात में चार मौतों से गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस खौफनाक मंजर को सुनकर स्तब्ध है।
सोते हुए परिवार पर बरपाया कहर
मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी की पहचान मनजोत सिंह के रूप में हुई है, जो गांव मुंडी कलार का ही रहने वाला था। मंगलवार की देर रात मनजोत सिंह अपने एक साथी परगट सिंह के साथ अपने चाचा निशान सिंह के घर दाखिल हुआ। परगट सिंह भारतीय सेना का पूर्व सैनिक (Ex-Army Man) था और गांव खान प्यारा का निवासी था। वारदात के वक्त मनजोत के हाथ में उसके दोस्त परगट सिंह की ही लाइसेंसी पिस्टल थी।
घर के भीतर दाखिल होते ही मनजोत सिंह ने बिना सोचे-समझे सो रहे परिवार पर हमला बोल दिया। उसने बिस्तर पर सो रही अपनी 40 वर्षीय चाची हरदीप कौर और उनके 13 वर्षीय बेटे हरमीत सिंह पर सीधे ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोलियों की आवाज से गूंजे घर में चीख-पुकार मचने से पहले ही दोनों मां-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई।
दोस्त से हुई बहस, तो उसे भी उतारा मौत के घाट
चाची और चचेरे भाई की निर्मम हत्या करने के बाद जब मनजोत घर से बाहर निकला, तो वारदात वाली जगह से कुछ ही दूरी पर उसका अपने दोस्त पूर्व फौजी परगट सिंह के साथ किसी बात को लेकर तीखा विवाद हो गया। अनुमान लगाया जा रहा है कि परगट सिंह ने मनजोत को इस हत्याकांड को अंजाम देने से रोकने की कोशिश की होगी या अपनी पिस्टल वापस मांगी होगी।
कहासुनी इतनी बढ़ गई कि तैश में आकर मनजोत सिंह ने अपने ही दोस्त परगट सिंह के सीने में भी गोलियां उतार दीं। खून से लथपथ परगट ने भी वहीं दम तोड़ दिया।
अपने ही परिवार के दो सदस्यों और अपने दोस्त की हत्या करने के बाद मनजोत को शायद अपनी गलती का अहसास हुआ या पुलिस के खौफ ने उसे घेर लिया। उसने बिना वक्त गंवाए उसी पिस्टल से अपने सिर में गोली मार ली, जिससे उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई।
अनाथ था आरोपी, चाची के घर ही खाता था खाना
गांव वालों और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी मनजोत सिंह के माता-पिता की मौत काफी समय पहले हो चुकी थी। वह घर में अकेला था और उसका पालन-पोषण या यूं कहें कि उसके खाने-पीने का जिम्मा उसकी चाची हरदीप कौर ही संभालती थी।
वह रोज अपनी चाची के घर पर ही खाना खाता था। ऐसे में जिस चाची ने उसे मां की तरह पाला और खाना खिलाया, उसी को मौत के घाट उतारने के पीछे क्या वजह रही होगी, यह बात किसी के गले नहीं उतर रही है। इस खूनी वारदात के पीछे की असली वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है।
पुलिसिया कार्रवाई और जांच का दौर
घटना की सूचना मिलते ही थाना सेखवां की पुलिस टीम भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक एक्सपर्ट और पुलिस के उच्च अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने चारों शवों—हरदीप कौर, हरमीत सिंह, परगट सिंह और आरोपी मनजोत सिंह—को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और आगामी कानूनी कार्रवाई के लिए बटाला के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया है।
थाना प्रभारी का बयान:
“यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और रूह कंपा देने वाली घटना है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी मनजोत ने अपने दोस्त की पिस्टल का इस्तेमाल कर इस वारदात को अंजाम दिया और बाद में खुदकुशी कर ली। फिलहाल पुलिस को किसी भी पक्ष या परिवार के सदस्य की तरफ से कोई औपचारिक लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस अपने स्तर पर मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है और हत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।”
गांव में पसरा सन्नाटा, सुरक्षा बल तैनात
इस दिल दहला देने वाले तिहरे हत्याकांड के बाद मुंडी कलार और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। जिस घर में कल तक हंसी-खुशी का माहौल था, वहां आज सिर्फ खून के धब्बे और सन्नाटा बिखरा पड़ा है। गांव में किसी भी तरह के तनाव या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और पुलिस बल तैनात है। आरोपी के चाचा और परिवार के अन्य सदस्य इस समय गहरे सदमे में हैं और कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं हैं।









