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Bhind School Food Poisoning: स्वतंत्रता दिवस पर बच्चों को दिए खराब लड्डू, 5 मासूम बीमार, पिता ने शिकायत की तो पुलिस पर मारपीट का आरोप!

On: August 17, 2026 4:52 AM
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Bhind School Food Poisoning: 5 children fall sick after allegedly eating spoiled laddoos at Bhind government school

Bhind School Food Poisoning: मध्य प्रदेश के भिंड जिले से स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान बच्चों को कथित तौर पर खराब मिठाई बांटे जाने का मामला सामने आया है। 15 अगस्त को एक सरकारी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बच्चों को भोजन के साथ लड्डू वितरित किए गए। परिजनों का आरोप है कि कुछ लड्डुओं में फफूंद और कीड़े दिखाई दे रहे थे। कुछ बच्चों ने लड्डू देखकर उसे फेंक दिया, जबकि छोटे बच्चों ने अनजाने में मिठाई खा ली।

लड्डू खाने के बाद कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों के मुताबिक बच्चों को उल्टी समेत अन्य परेशानी हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। घटना में करीब पांच बच्चों के बीमार होने की बात सामने आई है। इनमें एक परिवार के दो बच्चों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया। फिलहाल बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में बांटा गया था विशेष भोजन

घटना भिंड जिले के पावई थाना क्षेत्र के मल्लपुरा गांव स्थित माध्यमिक विद्यालय की बताई जा रही है। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश के स्कूलों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इसी क्रम में सरकारी स्कूल में भी ध्वजारोहण और अन्य कार्यक्रमों के बाद बच्चों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था की गई थी।

बताया गया कि भोजन में सब्जी, पूरी, खीर और मिठाई शामिल थी। इसी दौरान बच्चों को लड्डू दिए गए। बाद में कुछ बच्चों ने लड्डुओं की स्थिति देखकर उन्हें खाने से इनकार कर दिया।

लड्डुओं में फफूंद और कीड़े होने का दावा

Bhind School Food Poisoning मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, कई बच्चों ने लड्डुओं में फफूंद और इल्लियां जैसी चीजें देखीं। इसके बाद उन्होंने मिठाई को खाने के बजाय फेंक दिया।

हालांकि, कुछ छोटे बच्चों को लड्डू की खराब स्थिति का अंदाजा नहीं हुआ। उन्होंने मिठाई खा ली। इसके कुछ समय बाद कुछ बच्चों की तबीयत खराब होने लगी। परिजनों का कहना है कि बच्चों को उल्टी हुई और उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।

इस घटना ने स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और खाद्य सामग्री की जांच को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पांच बच्चों के बीमार होने की बात

परिजनों के अनुसार लड्डू खाने के बाद करीब पांच बच्चों की तबीयत खराब हुई। कुछ बच्चों को उनके परिवार वाले निजी अस्पताल लेकर गए, जबकि एक ही परिवार के दो बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्चों का उपचार शुरू किया। परिवार के अनुसार बच्चों की हालत अब खतरे से बाहर है। हालांकि, घटना के बाद अभिभावकों में नाराजगी है और वे स्कूल में बांटे गए भोजन की गुणवत्ता की जांच तथा जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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बच्चों के पिता ने थाने पहुंचकर की शिकायत

बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद एक मजदूर पिता अपने दोनों बच्चों को लेकर पावई थाने पहुंचा। परिवार का आरोप है कि पिता पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने गया था।

पीड़ित पिता का आरोप है कि थाने में उसके साथ पुलिसकर्मियों ने अभद्रता की और मारपीट की। उसका कहना है कि कथित मारपीट के बाद उसे थाने में ही बैठा लिया गया। बाद में उसे छोड़ दिया गया।

पुलिस की ओर से इस आरोप पर क्या कार्रवाई की गई या मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों का पक्ष क्या है, इसकी आधिकारिक स्थिति सामने आना बाकी है।

पैसे देकर मामला दबाने का भी आरोप

मामले में पीड़ित परिवार ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। बच्चों की मां के मुताबिक देर शाम उन्हें एक आशा कार्यकर्ता का फोन आया था। आरोप है कि मामले को शांत कराने के लिए परिवार को रुपये देने की पेशकश की गई।

बच्चों की मां ने कथित तौर पर इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि बच्चों की तबीयत खराब होने के मामले में उन्हें आर्थिक मदद से ज्यादा उचित कार्रवाई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कदम उठाए जाने की जरूरत है।

इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

चाइल्ड वेलफेयर टीम ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात

घटना की जानकारी सामने आने के बाद चाइल्ड वेलफेयर टीम भी पीड़ित परिवार तक पहुंची। टीम ने परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और बच्चों की स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई।

बच्चों से जुड़ा मामला होने के कारण प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने अब कई सवाल हैं। स्कूल में भोजन तैयार करने या वितरित करने की प्रक्रिया, मिठाई की गुणवत्ता, खाद्य सामग्री कहां से आई और वितरण से पहले उसकी जांच हुई या नहीं—इन सभी बिंदुओं की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

खाद्य गुणवत्ता की जांच पर उठे सवाल

Bhind School Food Poisoning की घटना ने स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सरकारी स्कूलों में आयोजित विशेष कार्यक्रमों के दौरान बच्चों को भोजन या मिठाई वितरित की जाती है, ऐसे में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच बेहद जरूरी है।

खराब या दूषित भोजन बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। इसलिए भोजन तैयार करने, भंडारण और वितरण के दौरान साफ-सफाई तथा गुणवत्ता मानकों का पालन किया जाना जरूरी है।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई

फिलहाल बच्चों का उपचार कराया जा चुका है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं, परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच होना बाकी है। लड्डुओं की गुणवत्ता, बच्चों के बीमार होने की वजह, पुलिस पर लगाए गए मारपीट के आरोप और कथित पैसे की पेशकश जैसे सभी पहलुओं पर जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

Bhind School Food Poisoning का यह मामला बच्चों की सुरक्षा और स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता से जुड़ा गंभीर विषय है। ऐसे में अभिभावक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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