Ankita Bhandari Murder Case: पुलकित आर्य समेत तीनों दोषियों को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका – Doonprimenews

Ankita Bhandari Murder Case: पुलकित आर्य समेत तीनों दोषियों को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

​Ankita Bhandari Murder Case में उत्तराखंड हाईकोर्ट से मुख्य दोषी पुलकित आर्य और उसके साथियों को बहुत बड़ा झटका लगा है। पूरे देश को झकझोर देने वाले इस बहुचर्चित हत्याकांड के तीनों अभियुक्तों—पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता—की जमानत याचिकाओं को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की संयुक्त पीठ ने मामले में दो दिनों तक चली लंबी और विस्तृत सुनवाई के बाद बचाव पक्ष की सभी दलीलों को नामंजूर करते हुए यह अहम फैसला सुनाया।

​Ankita Bhandari Murder Case: दो दिन की लंबी बहस के बाद हाईकोर्ट का कड़ा रुख

​उत्तराखंड उच्च न्यायालय में बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान तीनों दोषियों की ओर से विशेष अपील के तहत अंतरिम जमानत की मांग की गई थी। अभियुक्तों के वकीलों ने कोर्ट के सामने राहत के लिए कई तर्क प्रस्तुत किए और सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगाने की गुहार लगाई।

​हालांकि, अभियोजन पक्ष और पीड़िता के पक्ष ने अपराध की गंभीरता, उपलब्ध डिजिटल व फॉरेंसिक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को मजबूती से पीठ के सामने रखा। खंडपीठ ने दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद साफ किया कि मामले की संवेदनशीलता और निचली अदालत द्वारा दिए गए ठोस निष्कर्षों के आधार पर दोषियों को किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी जा सकती। अदालत ने जमानत याचिकाओं को पूरी तरह खारिज करते हुए मुख्य अपील को आगे की नियमित सुनवाई के लिए लंबित रखा है।

​Ankita Bhandari Murder Case: कोटद्वार कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा

​इस मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत पहले ही निचली अदालत सख्त फैसला सुना चुकी है:

  • ​दोषी करार: कोटद्वार की तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने तीनों अभियुक्तों को अंकिता की हत्या करने, आपराधिक षड्यंत्र रचने और साक्ष्य मिटाने का दोषी पाया था।
  • ​उम्रकैद की सजा: अदालत ने पिछले साल 30 मई को मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
  • ​हाईकोर्ट में चुनौती: निचली अदालत के इसी फैसले और सजा के खिलाफ दोषियों ने हाईकोर्ट में विशेष अपील दाखिल कर जमानत की अर्जी लगाई थी, जिसे अब उच्च न्यायालय ने भी ठुकरा दिया है।

​Ankita Bhandari Murder Case: वनंतरा रिसॉर्ट से चीला बैराज तक का पूरा घटनाक्रम

​यह जघन्य वारदात सितंबर 2022 में सामने आई थी, जिसने पूरे उत्तराखंड समेत देश भर में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था:

  • ​संदिग्ध परिस्थितियों में लापता: 19 वर्षीय अंकिता भंडारी ऋषिकेश के गंगा भोगपुर स्थित वनंतरा रिसॉर्ट में बतौर फ्रंट डेस्क रिसेप्शनिस्ट (स्वागती) काम करती थी। 18 सितंबर 2022 को वह संदिग्ध परिस्थितियों में रिसॉर्ट से अचानक लापता हो गई थी।
  • ​शव की बरामदगी: परिजनों और स्थानीय लोगों के भारी विरोध प्रदर्शन व पुलिस की सघन खोजबीन के बाद 24 सितंबर 2022 को अंकिता का शव चीला बैराज (चीला नहर) से बरामद किया गया था।
  • ​गिरफ्तारी और खुलासे: पुलिस जांच में सामने आया कि रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य (जो एक पूर्व भाजपा नेता का पुत्र है) और उसके दो सहयोगियों ने विवाद के बाद अंकिता को नहर में धक्का देकर मार डाला था। इसके बाद तीनों आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था और तब से वे लगातार सलाखों के पीछे हैं।

​न्याय की उम्मीद और जनभावना

​Ankita Bhandari Murder Case में हाईकोर्ट के इस सख्त फैसले से पीड़िता के परिवार और न्याय की मांग कर रहे सामाजिक संगठनों को बड़ी राहत मिली है। सरकारी वकीलों और अभियोजन पक्ष का कहना है कि घटना के वक्त जांच एजेंसियों द्वारा जुटाए गए तमाम वैज्ञानिक, इलेक्ट्रॉनिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य अदालत में पूरी तरह पुख्ता साबित हुए हैं।

​हाईकोर्ट द्वारा जमानत अर्जी खारिज किए जाने के बाद यह तय हो गया है कि दोषियों को जेल में ही रहना पड़ेगा। देवभूमि में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था के लिहाज से उच्च न्यायालय का यह रुख बेहद सख्त और नजीर पेश करने वाला माना जा रहा है।

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