बेंगलुरू:
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। कैम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (KIA) के पास स्थित एक प्रतिष्ठित 5-स्टार होटल में 40 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी ही दो मासूम बेटियों का गला घोंटकर उनकी निर्मम हत्या कर दी और इसके बाद खुद भी आत्महत्या का प्रयास किया। इस सनसनीखेज घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
मृतक बच्चियों की पहचान 5 वर्षीय शेक ज़ेहरा और 10 वर्षीय शेक ज़ोया के रूप में हुई है। वहीं आरोपी पिता की पहचान एस. जी. इमरान के रूप में की गई है, जो उत्तरी बेंगलुरू के नागवारा मेन रोड स्थित बिलाल नगर का निवासी है और एक निजी कैब कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत है। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें पारिवारिक विवाद और पत्नी के एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर (गैर-संबंधों) का जिक्र किया गया है।
होटल में रुकने से लेकर वारदात तक: जानें पूरा घटनाक्रम
पुलिस जांच और होटल कर्मचारियों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी एस. जी. इमरान रविवार शाम लगभग 7:30 बजे अपनी दोनों बेटियों के साथ होटल पहुंचा और चौथी मंजिल के एक कमरे में चेक-इन किया। उसने होटल स्टाफ को बताया था कि आधी रात के बाद दुबई से उसका कोई खास मेहमान आने वाला है, जिसे लेने के लिए वह यहां रुका है और सोमवार सुबह तक चेक-आउट कर देगा।
हालांकि, सोमवार दोपहर तक जब इमरान ने चेक-आउट नहीं किया, तो होटल के हाउसकीपिंग स्टाफ ने दोपहर करीब 12:30 बजे कमरे का दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई जवाब नहीं मिलने पर कर्मचारियों को लगा कि शायद वे आराम कर रहे हैं। शाम करीब 4:30 बजे दोबारा प्रयास किया गया, लेकिन तब भी कमरा अंदर से बंद रहा और कोई सुगबुगाहट नहीं हुई।
लगातार अनदेखी से आशंकित होकर शाम लगभग 5:30 बजे होटल के मैनेजर ने डुप्लीकेट चाबी की मदद से कमरे का दरवाजा खोला। अंदर का नजारा देखकर कर्मचारियों के होश उड़ गए—दोनों बच्चियां बिस्तर के पास अचेत और मृत अवस्था में पड़ी थीं, जबकि इमरान सोफे के पास खून से लथपथ पड़ा हुआ था और उसका गला धारदार हथियार से रेता गया था।
सुसाइड नोट में छलका दर्द: “पत्नी के अफेयर से परेशान होकर उठा रहा हूं कदम”
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस को तलाशी के दौरान इमरान द्वारा लिखा गया एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। इस नोट में उसने अपनी पत्नी पर बेवफाई का आरोप लगाते हुए बेहद गंभीर दावे किए हैं।
सुसाइड नोट का प्रमुख हिस्सा:
“मैं अपनी पत्नी के एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर से पूरी तरह से तंग आ चुका हूं। मेरे पास उसके इस अफेयर के पुख्ता सबूत भी मौजूद हैं। उसने मुझे और मेरे आत्मसम्मान को गहरी चोट पहुंचाई है। मैं अब इस जिंदगी को और नहीं झेल सकता, इसलिए अपनी दोनों बेटियों को भी अपने साथ ले जा रहा हूं।”
पुलिस की प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि इमरान का अपनी पत्नी के साथ लंबे समय से वैवाहिक विवाद चल रहा था। मानसिक तनाव और बदले की भावना में आकर उसने अपनी ही मासूम बेटियों की बलि चढ़ा दी और स्वयं की जीवन लीला समाप्त करने का भी प्रयास किया।
अस्पताल में भर्ती आरोपी, पुलिस की जांच तेज
घटना की जानकारी मिलते ही उत्तर-पूर्व क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त (DCP) मिथुन कुमार जी.के. और हवाई अड्डा थाना पुलिस बल मौके पर पहुंचे। होटल प्रबंधन की मदद से तीनों को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने दोनों बच्चियों—ज़ेहरा (5) और ज़ोया (10)—को अस्पताल लाते ही मृत घोषित कर दिया, जबकि इमरान की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है।
डीसीपी मिथुन कुमार ने बताया:
”होटल के सिक्योरिटी मैनेजर ने शाम को हमें दो बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और एक व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना दी थी। हमने कमरा सील कर दिया है और फोरेंसिक (FSL) टीम साक्ष्य जुटा रही है। आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और उससे पूछताछ की तैयारी की जा रही है।”
पुलिस अब इमरान के परिजनों, उसकी पत्नी और होटल स्टाफ से पूछताछ कर रही है। इसके अलावा कमरे से मिले सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग जांच कराने के साथ-साथ इमरान के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स और डिजिटल सबूतों को खंगाला जा रहा है ताकि सुसाइड नोट में किए गए दावों की सत्यता की पुष्टि हो सके।
पारिवारिक कलह और घटती सहनशीलता का दर्दनाक परिणाम
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि कैसे पारिवारिक मतभेद और मानसिक तनाव जब अति पर पहुंचते हैं, तो उनका खामियाजा अक्सर उन बेकसूर बच्चों को भुगतना पड़ता है जिनका इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं होता। महज 5 और 10 साल की दो मासूम जिंदगियां, जो अपने पिता पर सबसे ज्यादा भरोसा करती थीं, उसी पिता के क्रोध और हताशा का शिकार बन गईं।
फिलहाल, पुलिस इस मामले की हर पहलू से गहनता से जांच कर रही है और इमरान के होश में आने का इंतजार कर रही है ताकि घटना के पीछे की पूरी कड़ी का पता लगाया जा सके।
(यदि आप या आपका कोई परिचित किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव या संकट से गुजर रहा है, तो कृपया मदद मांगें। राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर और परामर्श सेवाएं आपकी सहायता के लिए हमेशा उपलब्ध हैं।)











