देवप्रयाग (उत्तराखंड):
उत्तराखंड के पहाड़ी रास्तों पर सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को एक बार फिर प्रदेश को झकझोर देने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई। देवप्रयाग-पौड़ी मोटर मार्ग पर कुंडाधार के समीप एक अनियंत्रित कार सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिर गई। इस भयानक हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही जान चली गई, जबकि एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया है जिसे रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए अस्पताल में भर्ती कराया है।
यह दुर्घटना इतनी वीभत्स थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और खाई में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
कैसे हुआ यह हृदयविदारक हादसा?
प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह एक कार धर्मनगरी हरिद्वार से पौड़ी की ओर जा रही थी। बताया जा रहा है कि इस वाहन में लगभग 6 से 7 लोग सवार थे। यह परिवार या यात्रियों का समूह अपने गंतव्य की ओर शांति से बढ़ रहा था, लेकिन देवप्रयाग-पौड़ी मार्ग पर स्थित कुंडाधार के पास अचानक चालक ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया।
पहाड़ी संकरे रास्ते और तीखे मोड़ पर नियंत्रण खोने के बाद कार सीधे एक गहरी और दुर्गम खाई में जा गिरी। खाई की गहराई और पथरीले रास्तों के कारण कार कई बार पलटते हुए नीचे जा गिरी, जिससे उसमें सवार लोगों को संभलने का या बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला।
स्थानीय लोगों ने दिखाई तत्परता
जैसे ही कार खाई में गिरी, एक जोरदार धमाके जैसी आवाज हुई। इस भयंकर आवाज को सुनकर आसपास के गांवों के स्थानीय निवासी तुरंत अपने-अपने काम छोड़कर घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। जब ग्रामीणों ने नीचे झांककर देखा तो वहां कार क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ी थी।
बिना एक भी पल गंवाए, स्थानीय लोगों ने अपनी नागरिक जिम्मेदारी निभाते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन को तत्काल घटना की सूचना दी। कुछ साहसी युवाओं ने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत खाई में उतरने का प्रयास किया ताकि घायलों की मदद की जा सके।
“हमने एक बहुत तेज आवाज सुनी, जैसे कोई भारी चट्टान गिरी हो। जब हम दौड़कर सड़क के किनारे पहुंचे, तो देखा कि एक कार खाई में पड़ी है। हमने तुरंत पुलिस को फोन किया और नीचे जाने का रास्ता खोजने लगे।” – एक प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीण
एसडीआरएफ और पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना कंट्रोल रूम में मिलते ही देवप्रयाग थाना पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की रेस्क्यू टीम पूरे दलबल और बचाव उपकरणों के साथ फौरन मौके पर पहुंच गई।
• कठिन भौगोलिक परिस्थिति: खाई बहुत गहरी और सीधी ढलान वाली होने के कारण रेस्क्यू टीम को नीचे उतरने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
• रस्सियों और स्ट्रेचर का उपयोग: जवानों ने रस्सियों के सहारे खाई में उतरकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
• शवों की बरामदगी: कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने कार के मलबे में फंसे पांच लोगों के शवों को बाहर निकाला।
चमत्कारिक रूप से बची मासूम की जान
इस भयंकर हादसे के बीच एक राहत भरी खबर यह रही कि कार में सवार एक बच्चा चमत्कारिक रूप से जीवित बच गया। रेस्क्यू टीम को जब बच्चा घायल अवस्था में मिला, तो उसे तुरंत स्ट्रेचर की मदद से मुख्य सड़क तक लाया गया। पुलिस ने बच्चे को बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की टीम बच्चे की स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है।
हादसे के कारणों की हो रही है जांच
पुलिस और परिवहन विभाग (RTO) अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि हादसा आखिर किन कारणों से हुआ। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पहाड़ी रास्तों पर अक्सर दुर्घटनाओं के निम्नलिखित प्रमुख कारण होते हैं:
• तीखे मोड़ पर ओवरस्पीडिंग: पहाड़ों पर अंधा मोड़ (Blind Turn) होने के कारण गति पर नियंत्रण न होना।
• ब्रेक फेल होना या तकनीकी खराबी: ढलान पर लगातार ब्रेक के इस्तेमाल से ब्रेक का काम न करना।
• चालक को नींद की झपकी आना: लंबी यात्रा के कारण चालक का थक जाना।
पुलिस ने सभी पांच शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भर दिया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर मृतकों की शिनाख्त करने और उनके परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है।
पहाड़ी रास्तों पर सफर करते समय रखें ये सावधानियां
उत्तराखंड प्रशासन लगातार पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों से पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षित ड्राइविंग की अपील करता रहा है।
इस दुर्घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के नियमों के पालन की आवश्यकता को उजागर किया है:
• गति सीमा का पालन करें: पहाड़ों पर वाहन की गति हमेशा धीमी रखें।
• ओवरटेकिंग से बचें: घुमावदार और संकरे रास्तों पर आगे निकलने की होड़ जानलेवा हो सकती है।
• वाहन की जांच: यात्रा से पहले अपनी कार के ब्रेक, टायर और स्टीयरिंग की अच्छे से जांच करवाएं।
• थकान में ड्राइविंग न करें: अगर ड्राइवर थका हुआ है, तो सुरक्षित स्थान पर गाड़ी रोककर आराम करना चाहिए।
देवप्रयाग के कुंडाधार में हुआ यह हादसा बेहद दुखद है। इस घटना ने एक बार फिर से पहाड़ों के दुर्गम सफर के प्रति हमें सचेत कर दिया है। प्रशासन और पुलिस मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता पहुंचाने का प्रयास कर रही है। पूरी देवभूमि इस दर्दनाक घटना पर शोक व्यक्त कर रही है।







