Kerala heavy rain ने राज्य के कई हिस्सों में अचानक तबाही मचा दी है। भीषण गर्मी के बीच रविवार को हुई मूसलाधार बारिश ने केरल के निचले और पहाड़ी इलाकों में जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। अचानक आई बाढ़ और जगह-जगह हुए भूस्खलन की घटनाओं में अब तक 6 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। मौसम विभाग की चेतावनी और बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है।
Kerala Heavy Rain Impacts: कोट्टायम, इडुक्की और मलप्पुरम में भारी तबाही
राज्य के कोट्टायम, इडुक्की और मलप्पुरम जिलों में बारिश के कारण सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी धंसने और नदियों में अचानक पानी का बहाव बढ़ने से कई घर और रास्ते प्रभावित हुए हैं। अचानक आई इस आपदा के बाद प्रभावित इलाकों में चीख-पुकार मच गई।
अधिकारियों के अनुसार, Kerala heavy rain के चलते नदियों और स्थानीय नालों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। मलप्पुरम के नीलांबुर स्थित अमराम्बलम की टीके कॉलोनी में अचानक आई बाढ़ में पांच लोग बह गए, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य बड़े पैमाने पर शुरू किया गया।
Rescue Operations for Kerala Heavy Rain: मलबे और पानी में फंसे लोगों की तलाश जारी
घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य संभाला। पोट्टिकल्लु मुत्तिक्कुंडु और एंटोनीक्कड़ अयानिक्कुंडु इलाकों से दो पीड़ितों के शव बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि तेज बहाव के दौरान पत्थरों और चट्टानों से टकराने की वजह से उन्हें गंभीर चोटें आई थीं।
वर्तमान में लापता लोगों की पहचान करुवरकुंडु के रहीम (35), कोट्टक्कल के बस मालिक मंगदन अनस (27), वंडूर के सजाद (23), कुरुप्पथ रफ़ीक (41), और सजिता पत्नी वेलुथेदाथ संजयदास के रूप में हुई है। रात होने के कारण सर्च ऑपरेशन को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था, जिसे सोमवार सुबह एनडीआरएफ (NDRF), फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमों द्वारा फिर से शुरू किया गया।
Miraculous Rescue during Kerala Heavy Rain: टूरिस्ट स्पॉट पर अलर्ट से टला बड़ा हादसा
रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण पूक्कोट्टुमपदम के कोट्टापुझा और टीके कॉलोनी के पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में लोग नदी में नहाने और घूमने पहुंचे थे। अचानक शाम करीब 5 बजे पानी का स्तर तेजी से बढ़ने लगा।
स्थानीय वन विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों ने समझदारी दिखाते हुए तुरंत लोगों को चेतावनी दी, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। चेक्कड़ इलाके में नदी में फंसे छह लोगों में से दो लोग तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि चार अन्य लोगों को स्थानीय निवासियों की मदद से सुरक्षित बचा लिया गया।
Government Action on Kerala Heavy Rain: मुख्यमंत्री ने दिए हर घंटे समीक्षा के आदेश
हालातों की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग और जिला कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित इलाकों की स्थिति की हर घंटे मॉनिटरिंग की जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
- इमरजेंसी मीटिंग: स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी कमिश्नर आईएएस विग्नेश्वरी ने इडुक्की और कोट्टायम के जिला कलेक्टरों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
- एनडीआरएफ की तैनाती: मलप्पुरम के सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की विशेष टीम तैनात की गई है।
- एसएमएस अलर्ट: संवेदनशील इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सीधे उनके मोबाइल पर मौसम और सुरक्षा से जुड़े एसएमएस भेजे जा रहे हैं।
Weather Alert for Kerala Heavy Rain: 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 40 किमी/घंटा की हवाएं
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के छह प्रमुख जिलों—कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम और पलक्कड़ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका व्यक्त की गई है।
तटीय और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए विशेष निर्देश:
- मछुआरों पर रोक: समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका के चलते मछुआरों के समुद्र में जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
- पहाड़ी यात्राओं से बचें: चट्टान खिसकने और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए रात के समय पहाड़ी रास्तों पर यात्रा न करने की सलाह दी गई है।
- डैम मॉनिटरिंग: केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड और सिंचाई विभाग को बांधों के जलस्तर पर सख्त नजर रखने को कहा गया है।
Relief Camps and Emergency Measures: राहत और बचाव कार्य तेज
राज्य के सभी जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं। तहसील और तालुका स्तर पर विशेष निगरानी प्रणाली लागू की गई है। निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय निकायों को तुरंत राहत शिविर स्थापित करने के आदेश दिए गए हैं।
प्रशासन राजस्व विभाग के माध्यम से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है। यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो केंद्र सरकार से अतिरिक्त एनडीआरएफ टीमों की मांग भी की जाएगी।
Kerala heavy rain की यह बेमौसम तबाही एक बार फिर मानसून से पहले की तैयारियों और जलवायु परिवर्तन के असर पर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन ने सभी नागरिकों से सतर्क रहने और आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है।
ALSO READ THIS:Dehradun Crime: देहरादून में सनसनीखेज वारदात, पत्नी को गोली मारने के बाद पति ने पुलिस को फोन कर कहा- ‘मैंने हत्या कर दी’









