CM Dhami Skill Training Scheme 2026 के तहत उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की है। राज्य में स्थापित हो रहे उद्योगों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अब युवाओं को आधुनिक और व्यावहारिक कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह स्पष्ट किया है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें सीधे औद्योगिक क्षेत्र में स्थायी रोजगार के योग्य बनाना है।
CM Dhami Skill Training Scheme 2026 की मुख्य विशेषताएं और उद्देश्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास में आयोजित ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ कार्यक्रम के दौरान प्रदेश भर से आए मेधावी विद्यार्थियों और युवाओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि सरकार अब पारंपरिक प्रशिक्षण पद्धतियों से आगे बढ़कर सीधे फैक्ट्रियों और औद्योगिक इकाइयों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित करेगी।
उद्योगों की मांग के अनुसार सीधे तैयार होगा पाठ्यक्रम
इस व्यवस्था के अंतर्गत औद्योगिक इकाइयां सरकार को अपनी सटीक आवश्यकताओं की जानकारी देंगी। उदाहरण के लिए, किसी कारखाने को जिस विशेष ट्रेड, रोबोटिक्स, मशीन संचालन या तकनीकी कौशल में प्रशिक्षित जनशक्ति की आवश्यकता होगी, राज्य के प्रशिक्षण संस्थानों में वही पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इससे प्रशिक्षण पूरा करते ही युवाओं को तुरंत रोजगार मिल सकेगा।
स्थानीय स्तर पर कुशल मानव संसाधन का निर्माण
वर्तमान में कई उद्योगों को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित कर्मचारी न मिलने के कारण बाहर से श्रम शक्ति मंगानी पड़ती है। CM Dhami Skill Training Scheme 2026 इस अंतर को समाप्त करने में मील का पत्थर साबित होगी।
युवाओं और उद्योगों दोनों को होगा सीधा लाभ
- युवाओं के लिए: प्रशिक्षण के तुरंत बाद रोजगार की गारंटी और बेहतर वेतन के अवसर।
- उद्योगों के लिए: स्थानीय स्तर पर ही कुशल, प्रशिक्षित और ready-to-work मानव संसाधन की उपलब्धता।
- राज्य के लिए: पलायन पर रोक और स्थानीय अर्थव्यवस्था में मजबूती।
रोजगार चाहने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा
कार्यक्रम में जब छात्रों ने रोजगार के अवसरों को लेकर सवाल पूछे, तो मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सोच युवाओं को केवल नौकरी मांगने वाला बनाने तक सीमित नहीं है। सरकार चाहती है कि उत्तराखंड के युवा खुद उद्यमी बनें और दूसरों को रोजगार प्रदान करें। इसके लिए पारंपरिक उत्पादों और स्थानीय संसाधनों को आधुनिक तकनीक, बेहतर ब्रांडिंग और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जा रहा है।
’हाउस ऑफ हिमालयाज’ और सगंध मिशन से नए अवसर
उत्तराखंड की प्राकृतिक वनस्पतियों और जड़ी-बूटियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘सगंध मिशन’ की सफलता को रेखांकित किया। राज्य की विशिष्ट वनस्पतियों से तैयार होने वाले इत्र और सुगंधित उत्पादों को अब ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड नाम के जरिए वैश्विक मंच पर प्रमोट किया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों और स्वरोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं।
’मेरे सपनों का उत्तराखंड’ में युवाओं की सक्रिय भागीदारी
इस संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्र-छात्राओं ने खुलकर अपने विचार रखे और राज्य के विकास का रोडमैप साझा किया:
- तकनीक और रोबोटिक्स: युवाओं ने साइबर सुरक्षा, एआई और आधुनिक रोबोटिक्स प्रशिक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।
- प्रतिभागियों की उपस्थिति: उत्तरकाशी के अनमोल परमार, ऊधम सिंह नगर की वैष्णवी, कालसी (देहरादून) की कशिश और अल्मोड़ा के भरत जैसे युवाओं ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर अपने अनुभव साझा किए।
- विकसित उत्तराखंड का विजन: विद्यार्थियों ने राज्य को 2026 तक आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य बनाने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
निष्कर्ष
CM Dhami Skill Training Scheme 2026 के माध्यम से उत्तराखंड सरकार ने कौशल विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक व्यावहारिक रणनीति तैयार की है। उद्योगों के साथ सीधे एमओयू करने का यह फैसला न केवल राज्य के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करेगा, बल्कि उत्तराखंड में निवेश करने वाले उद्योगपतियों का भरोसा भी बढ़ाएगा।
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