मेहसाणा (गुजरात): गुजरात के मेहसाणा जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के शोर के बीच यहाँ की राजनीति में खून की होली खेली गई है। शहर के वार्ड नंबर 4 में चुनावी रंजिश के चलते हुई हिंसक झड़प में भाजपा उम्मीदवार के भांजे मितेन चौधरी की मौत हो गई है, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार के पति धिमंत चौधरी जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सांप्रदायिक और राजनीतिक तनाव व्याप्त हो गया है।
कैसे हुई घटना: रात के अंधेरे में सुनियोजित हमला
जानकारी के अनुसार, यह खूनी वारदात शुक्रवार की देर रात मेहसाणा शहर के मानव आश्रम चौकड़ी से तावडिया रोड की ओर जाने वाले रास्ते पर हुई। भाजपा उम्मीदवार महेंद्र चौधरी के भांजे मितेन चौधरी अपने कुछ साथियों के साथ कार से जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक, हमलावर पहले से ही घात लगाकर बैठे थे।
जैसे ही मितेन की कार तावडिया रोड पर पहुँची, 4-5 अज्ञात हमलावरों ने कार को बीच रास्ते में ही रोक लिया। इससे पहले कि कार में सवार युवक कुछ समझ पाते, हमलावरों ने उन पर हमला बोल दिया।
बताया जा रहा है कि हमलावरों के पास धारदार हथियार, लाठियां और लोहे की पाइपें थीं। उन्होंने दोनों युवकों को जबरन कार से बाहर निकाला और उन पर ताबड़तोड़ प्रहार करना शुरू कर दिया।
अस्पताल में तोड़ा दम, क्षेत्र में भारी तनाव
हमले में मितेन चौधरी बुरी तरह लहूलुहान हो गए। उन्हें तुरंत पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। वहीं, इस हमले में घायल हुए कांग्रेस उम्मीदवार के पति धिमंत चौधरी की स्थिति भी नाजुक बनी हुई है। उन्हें सघन चिकित्सा इकाई (ICU) में रखा गया है।
चुनावी रंजिश और राजनीतिक संबंध
पुलिस की प्राथमिक जांच इस घटना को सीधे तौर पर मेहसाणा नगर निगम चुनाव के प्रचार और आपसी रंजिश से जोड़कर देख रही है। मृतक मितेन चौधरी वार्ड नंबर 4 से भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी महेंद्र चौधरी के सगे भांजे थे। वहीं, घायल धिमंत चौधरी विपक्षी दल कांग्रेस की उम्मीदवार के पति हैं। चुनाव प्रचार के दौरान पिछले कुछ दिनों से दोनों गुटों के बीच गर्मागर्मी की खबरें आ रही थीं, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह विवाद हत्या तक पहुँच जाएगा।
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ मेहसाणा
वारदात की खबर मिलते ही जिला पुलिस अधीक्षक (SP), स्थानीय क्राइम ब्रांच (LCB) और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुँच गया। शहर में किसी भी संभावित दंगे या प्रतिशोध की कार्रवाई को रोकने के लिए संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला गया है। पुलिस ने मानव आश्रम चौकड़ी और आसपास के तमाम रास्तों को सील कर दिया है।
पुलिस की जांच के मुख्य बिंदु:
- CCTV फुटेज: पुलिस घटनास्थल और भागने के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
- कॉल रिकॉर्ड्स (CDR): पुलिस संदिग्धों के मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हमले की योजना कब और कैसे बनाई गई।
- फॉरेंसिक जांच: फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने कार और आसपास के सबूत जुटाए हैं।
राजनीतिक गलियारों में उबाल
इस हत्या के बाद गुजरात की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भाजपा ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए कांग्रेस समर्थकों पर साजिश का आरोप लगाया है, वहीं कांग्रेस का कहना है कि यह कानून व्यवस्था की विफलता है और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि चुनाव के समय इस तरह की हिंसा से आम जनता में डर का माहौल है। व्यापारियों ने भी सुरक्षा की मांग की है।
निष्कर्ष और आगामी कदम
मेहसाणा की यह घटना दिखाती है कि स्थानीय राजनीति किस तरह हिंसक मोड़ ले रही है। पुलिस का कहना है कि कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और पूछताछ जारी है। प्रशासन ने अपील की है कि लोग किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
फिलहाल, पूरे वार्ड नंबर 4 और मेहसाणा शहर में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।










