प्रयागराज (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से एक बेहद दर्दनाक और रूह कपा देने वाली खबर सामने आई है। बुधवार की देर शाम करछना थाना क्षेत्र के पचदेवरा में एक बड़े रेल हादसे ने पांच परिवारों के चिराग बुझा दिए। कालका एक्सप्रेस से कूदने और उतरने के चक्कर में पांच युवक दूसरी पटरी पर आ रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
कैसे हुआ यह भीषण हादसा?
घटनाक्रम के अनुसार, दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर रामपुर और भीरपुर रेलवे स्टेशनों के बीच पचदेवरा गांव के पास यह हादसा उस वक्त हुआ जब कालका एक्सप्रेस गुजर रही थी। चश्मदीदों और पुलिस की प्राथमिक जांच के मुताबिक, ट्रेन में सवार बिहार निवासी कुछ मजदूर अपने परिवारों के साथ मिर्जापुर की ओर जा रहे थे।
सफर के दौरान पचदेवरा के पास अचानक एक युवक चलती कालका एक्सप्रेस से नीचे कूद गया। युवक के कूदते ही ट्रेन में चीख-पुकार मच गई और किसी ने चेन पुलिंग कर दी, जिससे कालका एक्सप्रेस बीच रास्ते में ही रुक गई। अपने साथी को बचाने और स्थिति देखने के लिए ट्रेन में सवार चार अन्य युवक भी आनन-फानन में पटरी की तरफ उतर गए।
काल बनकर आई पुरुषोत्तम एक्सप्रेस
हादसा तब और भयावह हो गया जब युवक पटरी पर खड़े होकर अपने साथी को संभाल ही रहे थे कि तभी दूसरी दिशा (अपोजिट ट्रैक) से तेज रफ्तार पुरुषोत्तम एक्सप्रेस आ गई। अंधेरा होने और अचानक ट्रेन आने के कारण युवकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में आने से पटरी पर मौजूद सभी युवक कट गए। इस भीषण टक्कर में पांचों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटनास्थल पर मची चीख-पुकार
हादसे के बाद कालका एक्सप्रेस में सवार यात्रियों और मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। सुनसान इलाके में हुई इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, जीआरपी (GRP) और आरपीएफ (RPF) की टीमें मौके पर पहुंचीं। रेलवे ट्रैक पर चारों ओर क्षत-विक्षत शव बिखरे हुए थे, जिन्हें देखकर राहत कर्मियों की रूह भी कांप उठी।
पुलिस ने तत्काल ट्रैक को खाली कराया और शवों को कब्जे में लेकर शिनाख्त की प्रक्रिया शुरू की।
अधिकारियों का बयान और मृतकों की पहचान
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीसीपी यमुनानगर, विवेक चंद्र यादव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया:
”यह एक बेहद दुखद घटना है। प्राथमिक सूचना के अनुसार कुल पांच लोगों की जान गई है। इनमें से एक व्यक्ति चलती ट्रेन से कूदा था, जबकि बाकी उसे देखने के लिए नीचे उतरे थे और दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए। मृतकों में से कुछ बिहार के और कुछ मिर्जापुर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। शिनाख्त की कार्रवाई की जा रही है।”
प्रशासन के मुताबिक, ये मजदूर अपने परिवारों के साथ रोजी-रोटी की तलाश में या काम से लौट रहे थे। हादसे के वक्त ट्रेन में मौजूद उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
रेलवे की सुरक्षा और यात्रियों की लापरवाही
इस हादसे ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक पर लापरवाही और चलती ट्रेन से कूदने के खतरों को उजागर कर दिया है। पचदेवरा के पास जहां यह हादसा हुआ, वहां अक्सर लोग ट्रेन धीमी होने पर उतरने की कोशिश करते हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को बार-बार चेतावनी दी जाती है कि वे ट्रैक के बीच न उतरें, क्योंकि दूसरी दिशा से आने वाली ट्रेन का अंदाजा लगा पाना मुश्किल होता है।
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राहत और बचाव कार्य
देर रात तक जीआरपी और स्थानीय प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद रहीं। मृतकों के परिजनों को सूचना भेज दी गई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए प्रयागराज भेज दिया गया है। इस हादसे के कारण दिल्ली-हावड़ा रूट पर कुछ समय के लिए ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित हुआ, जिसे बाद में सुचारू कर दिया गया।
प्रयागराज का यह पचदेवरा इलाका इस समय मातम में डूबा हुआ है। एक छोटी सी चूक और साथी को बचाने की जल्दबाजी ने पांच जिंदगियां हमेशा के लिए खामोश कर दीं।











